Kaimur News: तय मानक से अधिक स्प्रिट घर में रखी तो जाएंगे जेल, नहीं होगा बेल; जानें क्‍यों

बिहार में शराबबंदी कानून की अनदेखी करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रविधान है। मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम-2016 की धारा-33 के तहत विकृत स्प्रिट को मानव उपभोग के लिए बनाने पर कार्रवाई के दायरे में रखा गया है।

Prashant KumarSat, 27 Nov 2021 08:43 AM (IST)
स्प्रिट रखने पर भी जाना होगा जेल। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

जागरण संवाददाता, कैमूर (भभुआ)। बिहार में शराबबंदी कानून की अनदेखी करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रविधान है। मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम-2016 की धारा-33 के तहत विकृत स्प्रिट को मानव उपभोग के लिए बनाने पर कार्रवाई के दायरे में रखा गया है। चाहे पेय पदार्थ के रूप में मिले या दवा के रूप में इस्‍तेमाल किया जा रहा हो। उसे किसी अन्य रीति या पद्धति से परिवर्तित करना दंडनीय अपराध है। यही नहीं, कोई विकृत स्प्रिट को भी जान-बूझकर रखता है तो वह दंड का भागी होगा। इसके तहत दस वर्ष तक कारावास का प्रविधान है, लेकिन अपराध की स्थिति को देखते हुए आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। जुर्माना एक लाख रुपये से कम नहीं होगा, जो लेकिन दस लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा।

इस धारा के तहत दर्ज होगा मुकदमा

पटना हाई कोर्ट के अपर लोक अभियोजक अजय मिश्र बताते हैं कि मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम-2016 की धारा-33 के तहत थाने से जमानत नहीं मिलेगी। विशेष न्यायालय में अर्जी देनी होगी। अगर विशेष न्यायालय से राहत नहीं मिलती है तो फिर हाई कोर्ट की शरण में जाना होगा। पहली अप्रैल, 2016 से लागू यह कानून पहले ज्यादा सख्त था, लेकिन हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों को ध्यान में रखते हुए जुलाई, 2018 में सरकार ने कानून में संशोधन करके बड़ी राहत दी थी।

कुदरा में नशा मुक्ति एवं संविधान दिवस पर हुए कई कार्यक्रम

नशा मुक्ति एवं संविधान दिवस को लेकर कुदरा में शुक्रवार को कई कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। नशा मुक्ति दिवस को लेकर सुबह में स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकाली। प्रखंड मुख्यालय में प्रभात फेरी का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी अशोक कुमार व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पुष्पा कुमारी ने किया। प्रभात फेरी में बीआरपी राजेश कुमार श्रीवास्तव, राम प्रकाश शाह, कमलेश कुमार, प्रधानाध्यापक अरुण कुमार त्रिपाठी, अनिल कुमार ङ्क्षसह आदि सहित कई शिक्षकों व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। बाद में प्रखंड कार्यालय व शिक्षा कार्यालय में अलग अलग कार्यक्रमों का आयोजन कर नशा मुक्ति की शपथ ली गई।

प्रखंड कार्यालय परिसर में बीडीओ अशोक कुमार ने नशा मुक्ति की शपथ दिलाई जिसमें अंचलाधिकारी पंकज कुमार समेत अधिकारियों व कर्मियों ने हिस्सा लिया। शपथ ग्रहण के दौरान लोगों ने संकल्प लिया कि शराब का सेवन नहीं करेंगे, शराब से जुड़ी किसी भी गतिविधि में हिस्सा नहीं लेंगे तथा शराबबंदी को सफल बनाएंगे। प्रखंड शिक्षा कार्यालय में बीईओ पुष्पा कुमारी के नेतृत्व में नशा मुक्ति की शपथ ली गई। वहां उनके नेतृत्व में संविधान दिवस को लेकर संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ी गई। संविधान दिवस को लेकर प्रखंड के लालापुर में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें लोकगीत गायक काशी यादव के द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की स्मृति में लोक गीत गाया गया। कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों व आम लोगों ने हिस्सा लिया।

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