ऑक्सीजन की कमी को टालने के लिए तन और मन दोनों से रहें तंदुरुस्त, पौष्टिक भोजन लेना जरूरी

शरीर में ऑक्‍सीजन लेवेल की करते रहें जांच। प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

कोरोना संक्रमित लोग ऑक्सीजन स्तर पर नजर बनाए रखें। शरीर में 95 से 100 के बीच ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल रहना जरूरी होता है। ऑक्सीजन की कमी से रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है। इसलिए पौष्टिक आहार और शारीरिक श्रम जरूरी है।

Vyas ChandraWed, 21 Apr 2021 08:03 AM (IST)

 

गया, जागरण संवाददाता। कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के बीच इन दिनों ऑक्सीजन (Oxygen) को लेकर खूब चर्चा हो रही है। इस प्राण वायु की मांग कई गुना तक बढ़ गई है। संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने के साथ मृतकों की संख्या भी बढ़ रही है। दूसरी लहर में कई नए लक्षण उभर कर सामने आए हैं। कोरोना संक्रमण फेफड़ों व श्‍वसन प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला रोग माना गया है। इसलिए शरीर को अधिक से अधिक ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऐसे में जरूरी है कि शरीर और मन दोनों से हम स्वस्थ रहें। बीमारी को लेकर घबराने के बजाय सकारात्मक रहना ही बेहतर है। पौष्टिक खानपान पर ध्यान दें। ये बातें गया के चर्चित चिकित्‍सक डॉ. भरत भूषण ने कही।

ऑक्‍सीजन का स्‍तर 95 से 100 के बीच होना चाहिए

डॉक्‍टर ने कहा क संक्रमण के कारण शरीर में हुए ऑक्सीजन की कमी के गंभीर परिणाम नजर आते हैं। रोगी व उसकी  देखभाल करने वालों को इस बात पर भी ध्यान रखना होगा कि मरीज किस प्रकार अपने शरीर में आॅक्सीजन के स्तर को बढ़ा सकता है। कई ऐसे कोविड मरीज जो गंभीर नहीं हैं । उनके लिए अपने शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बनाए रखना बहुत जरूरी है।  वैसे सभी प्रकार के संक्रामक रोग या अन्य रोगों से बचाव के लिए शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बना रहना महत्वपूर्ण है| विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) तथा सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (Center for Disease Control and Prevention) ने जानकारी दी है कि एक स्वस्थ व सामान्य बच्चे, किशोर या व्यस्क में ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल 95 से 100 प्रतिशत के बीच होना चाहिए।  

बहुत जरूरी है शरीर के लिए ऑक्सीजन

शरीर में खून में मौजूद हीमोग्लोबिन ऑक्सीजन का वाहक होता है। यह पूरे शरीर को ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रदान करता है| शरीर में ऑक्सीजन की कमी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है। ऑक्सीजन की कमी के कारण थकान महसूस होता है। सांस लेने में परेशानी व सांस फूलने की समस्या होती है। शरीर में ब्लड सर्कुलेशन धीमा हो जाता है।  ऑक्सीजन की कमी से ब्रेन हैमरेज व हार्ट अटैक हो सकता है। मधुमेह रोगियों में ऑक्सीजन की कमी के कारण रक्त में शुगर अचानक बढ़ जाता है जो जानलेवा होता है।  ऑक्सीजन की कमी से थायरॉइड हार्मोन का संतुलन भी बिगड़ जाता है।

फिजिकली एक्टिव रहना है बेहद जरूरी

शरीर में ऑक्सीजन की कमी नहीं हो, इसके लिए शारीरिक रूप से एक्टिव होना बेहद जरूरी है। जो लोग शारीरिक श्रम के बावजूद पौष्टिक आहार नहीं लेते उनमें भी ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इसलिए शारीरिक श्रम के साथ पौष्टिक खानपान जरूरी है।  भोजन में प्रचूर मात्रा में आयरन युक्त आहार ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने में मददगार है।   

पल्स ऑक्सीमीटर से जानिए ऑक्सीजन का स्तर

शरीर में ऑक्सीजन सैचुरेशन को एसपीओ 2 से इंगित किया जाता है। पल्स ऑक्सीमीटर डिवाइस से खून में ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल का पता चल पाता है। यह डिवाइस सभी प्रकार के ब्लड ऑक्सीजन लेवल की वजह से होने वाली बीमारियां जैसे श्वसन संबंधी गंभीर रोग सहित अस्थमा, एनीमिया, निमोनिया या ह्रदय से संबंधित गंभीर समस्या आदि में उपयोगी होता है। 

ऑक्सीजन की कमी के सामान्य लक्षण

सांस लेने में कठिनाई,  भ्रम की स्थिति, होठों व चेहरे का रंग नीला पड़ना सीने में दर्द, चलने व उठने में समस्या

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.