Indian Institute of Management बोधगया में आइपीएम की पढ़ाई, कॉरपोरेट जगत में प्रवेश का मिलेगा अवसर

आइआइएम बोधगया में पाठ्यक्रम की जानकारी देते अधिकारी। जागरण।

IIM (Indian Institute of Management) बोधगया में अब आइपीएम की भी शिक्षा दी जाएगी। इसका आज शुभारंभ किया गया। आइआइएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता सहाय ने कहा कि कॉरपोरेट जगत में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए अवसरों की संख्या बहुत कम है।

Prashant KumarWed, 24 Mar 2021 04:22 PM (IST)

जागरण संवाददाता, बोधगया। IIM (Indian Institute of Management) बोधगया में अब आइपीएम की भी शिक्षा दी जाएगी। इसका आज शुभारंभ किया गया। आइआइएम बोधगया की निदेशक डॉ. विनीता सहाय ने कहा कि कॉरपोरेट जगत में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए अवसरों की संख्या बहुत कम है। खासकर स्नातक स्तर पर इस कार्यक्रम के साथ ही आइआइएम बोधगया देश में तीसरा ऐसा संस्थान है, जहां पर आइपीएम की शिक्षा दी जाएगी।

क्या है आइपीएम

आइपीएम कार्यक्रम प्रबंधन के क्षेत्र में रुचि रखने वाले स्नातक छात्रों के लिए एक कोर्स है। आइपीएम प्रबंधन की दुनिया में इंजीनियरों का वर्चस्व है और यह अन्य क्षेत्रों के छात्रों के लिए भी लाने के लिए एक नया दृष्टिकोण है। उन कॉरपोरेट स्नातकों में से एक के लिए प्रवेश द्वार बनने जा रहा है। जो कॉर्पोरेट में रुचि रखते हैं, उनके बिना अध्ययन करने के लिए स्नातकोत्तर स्तर तक पहुंचने के लिए इंतजार करना पड़ता है। संस्थान शैक्षणिक वर्ष 2021 से पांच वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए तैयार है।

साझेदारी कर जिपमैट का करा रहा आयोजन

इस पाठ्यक्रम का आगाज 60 सीटों के साथ किया जा रहा है। अभ्यर्थियों का मूल्यांकन संयुक्त प्रवेश कार्यक्रम जिसे प्रबंधन प्रवेश परीक्षा जिपमैट कहा जाता है, के माध्यम से किया जाएगा। जिपमैट का संचालन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा किया जाएगा जो जेईई और नीट जैसे टेस्ट आयोजित करने के लिए भी जिम्मेदार हैं। जिपमैट भारत के 78 शहरों में संचालन के लिए आईआईएम बोध गया और आईआईएम जम्मू एक साथ आए हैं। मूल्यांकन कक्षा 10 वीं, 12 वीं और प्रवेश परीक्षा के अंकों के आधार पर किया जाएगा। जिपमैट स्कोर, कक्षा 10 वीं और 12 वीं के अंकों का वेटेज क्रमशः 70%, 15% और 15% होगा। इसके संबंध में पहली सूचना एक अप्रैल को घोषित की जायेगी।

क्‍या होगी चयन प्रक्रिया

निदेशक डॉ सहाय ने कहा कि सभी उम्मीदवारों के लिए प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए उम्मीदवारों को विशेष रूप से योग्यता के आधार पर आंका जाएगा। आईआईएम बोधगया ने व्यक्तिगत साक्षात्कार में कोई वेटेज शामिल नहीं करने के लिए एक साहसिक कदम उठाया है। संस्थान की योजना छात्रों को संचार और व्यक्तित्व के क्षेत्र में आगे बढ़ाने की है।

कैसा होगा आइपीएम का पाठ्यक्रम

आइपीएम पाठ्यक्रम में व्यावसायिक दुनिया के लिए छात्रों को तैयार करने के लिए संचार में एक उत्साहपूर्ण पाठ्यक्रम होगा। अन्य दो प्रकार के पाठ्यक्रम होंगे- संवर्धन पाठ्यक्रम जो कि क्षमता और कौशल वृद्धि और मुख्य पाठ्यक्रमों के आसपास होगा, जो अनुशासन विशिष्ट होंगे। संस्थान कौशल और सामाजिक जागरूकता के निर्माण का इरादा रखता है, ताकि छात्र समाज को भी वापस दे सकें। डॉ. सहाय ने पांच साल की समयरेखा के महत्व पर जोर दिया और बताया कि किस तरह से यह संस्थान की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों को प्रशिक्षित करें।

आइआइएम बोधगया का दूरदर्शी लक्ष्य

आइआइएम का मुख्य रूप से ध्यान माइंडफुलनेस पर केंद्रित है। डॉ सहाय ने हाल ही के हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू के हवाले से कहा कि सबसे बड़ी योग्यता का उल्लेख माइंडफुलनेस है। आइआइएम में दैनिक जीवन में माइंडफुलनेस के महत्व और इसकी आवश्यकताओं पर बहुत जोर दिया जाता है। डॉ सहाय ने वर्तमान समय में आईपीएम के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य है कि उन्हें देशभर से युवा प्रतिभाशाली बच्चे लाने है, उन्हें सपने देखने की अनुमति देनी है और उन्हें पूरा करने की अनुमति देना है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.