भारतीय दूतावास ने बिहार के अमन की चीन में हत्या की पुष्टि की, गया में बौद्ध भिक्षुओं ने निकाला कैंडल मार्च

बिहार के गया जिले के निवासी अमन नागसेन की चीन में हत्या की जानकारी भारतीय दूतावास से ई-मेल के जरिए स्वजनों को दी। पीडि़त पिता ने विदेशों में पढऩे वाले भारतीय बेटे-बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। हत्‍या की उच्‍च स्‍तरीय जांच की मांग की है।

Sumita JaiswalTue, 03 Aug 2021 06:23 AM (IST)
अमन की चीन मे हत्‍या के विरोध व इंसाफ की मांग को बौद्ध भिक्षुओं ने कैंडल मार्च निकाला, जागरण फोटो

गया, जागरण संवाददाता। बिहार के गया जिले के निवासी अमन नागसेन की चीन में हत्या की जानकारी सोमवार को भारतीय दूतावास से ई-मेल के जरिए अमन के स्वजनों को दी गई है। गया स्थित पुलिस लाइन के अंबेडकर नगर मोहल्ला निवासी अमन के पिता उदय पासवान ने कहा कि दो दिन पूर्व पुत्र की मौत की जानकारी लेने के लिए चीन में स्थित भारतीय दूतावास को ई-मेल किए थे। उसका जबाव सोमवार की शाम को मिला है। उस ई-मेल में अमन की हत्या की जानकारी दी गई है।

हत्‍या की उच्‍च स्‍तरीय जांच की मांग

ई-मेल में यह भी बताया गया है कि कागजी कार्रवाई करने के बाद शव को भारत भेजा जाएगा। पीडि़त पिता ने विदेशों में पढऩे वाले भारतीय बेटे-बेटियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं। अमन की घटना से भारत सरकार को सीख लेनी चाहिए। विदेशों में पढऩे वाले बच्चों की सुरक्षा की गारंटी भारत सरकार को लेनी चाहिए। उन्होंने भारतीय दूतावास और केंद्र की सरकार से आग्रह किया कि अमन के पार्थिव शरीर को चीन से पैतृक घर गया लाने की व्यवस्था की जाय। अमन की हत्या की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की।

दो साल से अमन चीन में पढ़ाई कर रहे थे

सनद रहे कि अमन नागसेन दो साल से पूर्वी चीन के तियान जिन यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल बिजनेस स्टडी की पढ़ाई कर रहा था। वह विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहता था। 30 जुलाई 21 को परिजनों को वहां से फोन से सूचना मिली कि अमन की मौत हो गई है।

बोधगया में बौद्ध भिक्षुओं ने निकाला कैंडल मार्च

गया के युवक की चीन में संदेहास्पद  मौत हो गई थी। जिसका शव कई दिन बितने के बाद भी स्वदेश नहीं लाया जा सका है। जिसे लेकर बोधगया के बौद्ध भिक्षुओं व नगरवासियों ने सोमवार की शाम को  कैंडल मार्च निकाला। महाबोधि मंदिर के पास से निकाला गया कैंडल मार्च बीटीएमसी गोलंबर से होते हुए नगर क्षेत्र के विभिन्न जगहों का भ्रमण कर वापस महाबोधि मंदिर के बाहरी परिसर में पहुंचा। मार्च में शामिल लोग हाथ में कैंडल और बैनर तले अमन नागसेन का शव गया वापस लाने और इंसाफ की मांग कर रहे थे। महाबोधि महाविहार के पूर्व पुजारी भदंत सत्यानंद ने बताया कि अमन चीन के तियान जीन फॉरेन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में इंटरनेशनल बिजनेस स्टडी कर रहा था।

परिवार के लोग कई दिनों से उससे संपर्क करना चाह रहे थे। लेकिन उसका मोबाइल  बंद मिला। दो दिनों तक जब मोबाइल बंद मिला तो स्वजन परेशान हो गए। जिसके बाद स्वजनों ने चीन में उनके परिचित से बात की। तीसरे दिन कुछ पता नहीं चला। चौथे दिन रात में फोन आया कि बच्चे की मौत हो गई है। स्वजनों को पता नहीं की उसकी मौत कैसी हो गई। शव लाने की जिम्मेवारी भारत सरकार की है। बौद्ध भिक्षुओं ने सरकार से मांग की कि अमन का शव जल्द स्वदेश वापस लाया जाए।

 

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