गया के पांच वर्षीय प्रिंस के दिल का हुआ सफल ऑपरेशन, अहमदाबाद के डाक्टरों ने दिया नया जीवन

बीते सप्ताह अहमदाबाद के सत्य साईं हॉस्पीटल में राज्य सरकार के खर्चे से प्रिंस के दिल का सफल ऑपरेशन हुआ। बोली गरीबों के लिए वरदान है राज्य सरकार की बाल ह्रदय योजना। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सरकार मदद देती है।

Sumita JaiswalWed, 21 Jul 2021 09:41 AM (IST)
प्रिंस के दिल में एक छेद था, सांकेतिक तस्‍वीर।

गया, जागरण संवाददाता। जिले के खिजरसराय प्रखंड के पचमहला के एक साढ़े पांच वर्षीय बालक प्रिंस को नया जीवन मिला है। इस मासूम बच्चे के दिल में एक छेद था। जिसका की सरकारी खर्चे पर गुजरात के अहमदाबाद स्थित सत्य साईं हॉस्पीटल में पिछले दिनों ऑपरेशन हुआ। बच्चे की मां रिंकी कुमारी ने बताया कि उसके बेटे को जन्मजात ह्रदय रोग की विकृति थी। यह जन्म के अगले महीने से ही परेशानी का कारण बनने लगी थी। प्रिंस  का ह्रदय काफी तेज धड़कता था। अक्सर वह बीमार रहता था। सर्दी-जुकाम, बुखार, निमोनिया हमेशा उसे परेशान करती थी। प्रिंस की मां अब खुश हैं। उन्हें उम्मीद है कि अब उनका बच्चा बेहतर जीवन जी सकेगा। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद में किसी चीज की दिक्कत नहीं हुई। पटना से हवाई जहाज से उसे और उसके बच्चे को ले जाया गया। ऑपरेशन के बाद वापस जहाज से लाया गया। पटना से उसके घर तक एंबुलेंस छोडऩे आई थी। उसने राज्य सरकार की इस योजना को गरीब परिवारों के लिए वरदान बताया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसी साल अप्रैल माह में इस योजना की शुरूआत की है।

जन्म से 15 साल तक के बच्चे का इलाज का सारा खर्च सरकार देती है

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इसी साल 7 मार्च को प्रिंस  का पहला स्क्रीनिंग जिले में हुआ था। इस बारे में कार्यक्रम के जिला समन्वयक डा. उदय मिश्रा ने बताया कि सभी प्रखंडों में आरबीएसके की मेडिकल टीम जन्मजात विकृति वाले बच्चों की पहचान करती है। प्रिंस का भी खिजरसराय में पहली बार स्क्रीनिंग करने के बाद उसे पटना स्थित आईजीआइएमएस में फाइनल जांच हुई। वहां से उसके ह्रदय के ऑपरेशन के लिए गुजरात ले जाया गया। इलाज सफल रहा। यदि कोई भी जन्म से 15 साल तक के बच्चे, किशोर-किशोरी को जन्मजात विकृति की समस्या है तो पीएचसी स्थित आरबीएसके की टीम से संपर्क कर सकते हैं।

जिले में अब तक तीन बच्चों का हुआ दिल का ऑपरेशन

जिले में अब तक तीन ह्रदय की बीमारी से ग्रसित बच्चों का इलाज मुफ्त हुआ है। ङ्क्षप्रस से पहले बाराचट्टी के अशोक का भी गुजरात में ऑपरेशन हुआ है। इसके अलावा टाउन ब्लॉक के भी एक बच्चे का मुफ्त आपेरशन हुआ। जानकारी के मुताबिक अभी पांच बच्चे और चयनित हैं। इनमें प्रतिक कुमार, संध्या कुमारी, रॉकी कुमार, अंशु कुमारी, अनीशा कुमार, कार्तिक कुमार का चयन किया गया है।

 

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