बिहार पंचायत चुनाव में मतदान कर्मी के ड्यूटी से गायब रहने पर होगा FIR, अगले सप्ताह से होगी ईवीएम की जांच

मतदान दल के सदस्य को बिना अनुमति के गायब रहने पर आयोग ने उनके विरुद्ध तत्काल निलंबन की अनुशंसा करते हुए बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। हैदराबाद से मंगाई गई 10955 ईवीएम का अगले सप्ताह तक फर्स्‍ट लेवल जांच होगा।

Sumita JaiswalMon, 26 Jul 2021 08:54 AM (IST)
राज्‍य चुनाव आयोग ने जारी किए निर्देश,गायब मतदानकर्मी पर होगी निलंबन व प्राथमिकी दर्ज की कार्रवाई, सांकेतिक तस्‍वीर।

सासाराम : रोहतास, जागरण संवाददाता। पंचायत चुनाव के लिए हैदराबाद से मंगाई गई 10955 ईवीएम का अगले सप्ताह के अंत तक फर्स्‍ट लेवल जांच (एफएलसी ) हो जाएगी। जिले में चुनाव के लिए 5414 बैलेट यूनिट तथा 5541 कंट्रोल यूनिट ईवीएम मंगाई गई है। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार एफएलसी जांच के बाद ही ईवीएम चुनाव के लिए इस्तेमाल किया जाना है।

जिला पंचायती राज पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार ने कहा कि आयोग से मिले निर्देश के बाद ईवीएम प्राप्त होने के उपरांत से ही एफएलसी जांच के लिए टीम को लगा दिया गया है। अगले सप्ताह तक इसकी जांच प्रक्रिया पूर्ण होने की संभावना है। इस काम में इंजीनियरों व विशेषज्ञों की टीम पिछले कई दिनों से लगी हुई है।

एफएलसी के बाद ही चुनाव में होगा इस्तेमाल :  

पंचायत चुनाव में मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य व जिला परिषद सदस्य के लिए ईवीएम के माध्यम मतदान होना है। जबकि पंच व सरपंच के चुनाव के लिए बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव होना संभावित है। वर्तमान में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। नए परिसीमन के बाद पंचायत स्तर पर दोबारा से मतदाताओं की सूची तैयार की जा रही है। उसी के आधार पर बूथों की संख्या का निर्धारण हो पाएगा। फिलहाल जिले में 229 पंचायतों में 3194 बूथ पर चुनाव होना है, लेकिन इसमें फेरबदल की भी संभावना है। मतदान दल में एक पीठासीन पदाधिकारी व पांच मतदान पदाधिकारी हो सकते हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर चार ईवीएम व दो मतपेटिका होने के कारण प्रत्येक दो मतदान केंद्र पर एक पीसीसीपी बनाया जाएगा।  इसके अतिरिक्त प्रत्येक पंचायत स्तर पर मतदान के दिन खराब ईवीएम को बदलने के लिए एक सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ एक कर्मी की भी प्रतिनियुक्ति की जाएगी।  

चुनाव कार्य से गायब रहने वाले कर्मियों पर दर्ज होगी प्राथमिकी :

मतदान दल के किसी भी सदस्य को बिना अनुमति के गायब रहने पर आयोग ने उनके विरुद्ध तत्काल निलंबन की अनुशंसा करते हुए बिहार पंचायत राज अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। चुनाव ड्यूटी के लिए नामित कर्मी को बिना कारण बताया अनुमति के गायब रहने पर निलंबन व प्राथमिकी दर्ज कराने तक की करवाई की जा सकती है। किसी भी कर्मी को आपात स्थिति में चुनाव कार्य में शामिल नहीं होने की सूचना जिला मुख्यालय को दे संबंधित प्राधिकार से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

 

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