गया के किसान डीएपी खाद की किल्लत से परेशान, गेहूं की फसल पर पड़ सकता है असर

गया के टनकुप्पा के किसान खाद की समस्या को लेकर परेशान हैं। धान की कटनी के बाद किसानों ने गेहूं की बोआई शुरू कर दी है। लेकिन उन्हें सरकार द्वारा अनुदानित दर उर्वरक नहीं मिल पा रहा है। इससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है।

Rahul KumarTue, 23 Nov 2021 05:02 PM (IST)
गया के किसानों को खाद की हो रही है समस्या। सांकेतिक तस्वीर

टनकुप्पा(गया), संवाद सूत्र।  गेहूं की बोआई के वक्त भी किसानों को डीएपी उर्वरक सरकारी खाद दुकान पर नहीं मिल रहा है। पूर्व में भी धान फसल के वक्त किसानों को खाद के संकट का सामना करना पड़ा था। इस बार भी किसानों को सरकार द्वारा अनुदानित दर पर उर्वरक नहीं मिल रहा है। धान की कटनी होने के बाद किसान खेतों में गेहूं की बोआई शुरू कर दी है। ऐसे में डीएपी उर्वरक की आवश्यकता होती है, पर किसान को उर्वरक नहीं मिल रहा है। बाजार में उन्नत किस्म का उर्वरक उपलब्ध है। बाजार में एनपीके, एसएसपी एवं मिक्चर खाद मिल रहा। इस उर्वरक से किसान खुश नहीं है।

सरकारी दर पर डीएपी खाद नहीं मिलने पर किसान मजबूरन दूसरे खाद की खरीदारी कर रहे हैं। किसान विनय यादव, विजय यादव, महेंद्र यादव, संजय सिंह, पप्पू सिंह ने बताया कि सरकारी दुकानों पर डीएपी खाद नहीं मिल रहा है। खाद के अभाव में गेहूं फसल की उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। बाजार में उपलब्ध अन्य ब्रांड का खाद ऊंचे दामों पर खरीदना पड़ रहा है। सरकार की ढुलमुल रवैया से किसान खुश नहीं है। प्रखंड कृषि पदाधिकारी संजय प्रसाद ने बताया कि विभाग द्वारा डीएपी खाद उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण किसानों को उपलब्ध नहीं हो रहा है। अन्य ब्रांड का खाद दुकानों में मिल रहा है। सरकारी बिस्कोमान गोदाम में खाद नहीं है। खाद का आबंटन प्राप्त होते ही किसानों के बीच वितरण किया जाएगा। 

टनकुप्पा में पैक्स के माध्यम से धान की खरीददारी शुरू

संवाद सूत्र, टनकुप्पा : पंचायत चुनाव समाप्त होते ही प्रखंड में किसानों से पैक्स अध्यक्ष द्वारा धान की खरीददारी शुरू कर दी है। सोमवार को प्रखंड के आरोपुर पैक्स अध्यक्ष ललन यादव ने धान की खरीददारी शुरू की है। धान बिक्री के लिए आनलाइन कराये कागजात के साथ किसान अपनी धान को आरोपुर पैक्स में जाकर बिक्री कर रहे हैं।आरोपुर पैक्स अध्यक्ष ललन ने बताया कि जिन किसानों ने पैक्स में धान बिक्री के लिए आनलाइन निबंधन कराया है, उन्हीं किसान से धान खरीदा जाएगा। सहकारिता पदाधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि आरोपुर में पहले दिन 80 क्विंटल धान खरीदा गया। किसान से 1940 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदा जा रहा है। एक दो दिन के अंदर प्रखंड के सभी नौ पैक्स अध्यक्ष द्वारा किसान से धान की खरीददारी शुरू कर दिया जाएगा। धान बिक्री की राशि किसानों के बैंक खाता में जायेगा। 

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