Good news: गया के मेडिकल अस्पताल में खुलेगा ब्लड सेपरेशन यूनिट, ब्लड से तत्वों को अलग कर उपलब्ध कराई जाएगी सुविधा

यह मगध प्रमंडल का इकलौता ब्लड सेरपरेशन यूनिट होगा। इससे मरीजों को प्लाज्मा सेल प्लेटलेटस मिलने में काफी सहुलियत होगी। एडवांस ब्लड यूनिट खोलने के लिए कई तरह के उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं और उसके लिए लाइसेंस लेने की कवायद भी शुरू कर दी गई है।

Prashant Kumar PandeyFri, 03 Dec 2021 06:40 PM (IST)
मगध प्रमंडल में बनने वाले ब्लड सेरपरेशन की सांकेतिक तस्वीर

 जागरण संवाददाता, गया: अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में ब्लड सेपरेशन यूनिट खोलने की कवायद की जा रही है। यह यूनिट मौजूदा ब्लड बैंक से काफी एडवांस होगी। यहां से जरूरतमंद मरीजों को प्लेटलेटस, प्लाज्मा, पीआरबीसी सेल, एफएफपी की सुविधाएं मिल सकेगी। ये सभी मानव ब्लड में ही पाए जाने वाले प्रमुख तत्व हैं। जो जरूरत के हिसाब से मरीजों को दिए जाते हैं। अस्पताल अधीक्षक डा. प्रदीप अग्रवाल ने ब्लड बैंक के प्रभारी को यूनिट खोलने से संबंधित कवायद में तेजी लाने का निर्देश दिया है। पूरे मगध प्रमंडल में इस तरह का फिलहाल कोई यूनिट नहीं है। जबकि अर्से से इसकी जरूरत महसूस हो रही है।

कोलकाता से आएगी जांच टीम, लाइसेंस मिलने के बाद शुरू होगा यूनिट

-ब्लड सेपरेशन यूनिट को शुरू करने से पहले कई जरूरी प्रक्रिया निभानी होती है। इसके लिए सबसे जरूरी लाइसेंस प्राप्त करना है। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि पहले बिहार स्टेट एड्स कंट्रोल सोयायटी की टीम यूनिट शुरू करने से पहले स्थलीय निरीक्षण करती है। इसके बाद कोलकाता से विशेषज्ञों की टीम देखने आती है। यह सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उपकरण की खरीद होती है। सारी चीजें व्यवस्थित होने के बाद लाइसेंस निर्गत किया जाता है। प्रभारी पदाधिकारी की मानें तो बिहार स्टेट एडस कंट्रोल सोयायटी की टीम ने अब तक मेडिकल में दो बार विजीट किया है।

आधे से अधिक उपकरण की हुई है खरीद

मगध मेडिकल अस्पताल में खुलने वाले ब्लड सेपरेशन यूनिट के लिए अब तक कई जरूरी उपकरण की खरीदारी हो चुकी है। अलग-अलग तापक्रम क्षमता के फ्रीज, इक्यूवेटर व अन्य उपकरण की खरीद की गई है। शेष जरूरी उपकरण भी शीघ्र पहुंच जाएंगे। इन सबसे उम्मीद की जा रही है कि आने वाले महीनों में यूनिट अपने मूर्त रूप में आ जाएगा।

थैलेसीमिया समेत कोविड के गंभीर मरीजों को होगा फायदा

 मगध मेडिकल अस्पताल में ब्लड सेपरेशन यूनिट खुलने से उन मरीजों को लाभ होगा जिन्हें समय पर सेल, प्लाज्मा चढा़ने की जरूरत पड़ती है। विशेषज्ञों की राय में थैलेसीमिया के गंभीर मरीजों को सेल चढ़ाने की जरूरत पढ़ती है। वहीं दुनिया को आतंकित कर रहे कोरोना के कई गंभीर केस में मरीज को प्लाज्मा की भी जरूरत पड़ती है। डेंगू या दूसरे गंभीर बीमारी में मरीज को प्लेटलेटस् की जरूरत पड़ती है। अभी अलग से सेल, प्लेटलेटस या प्लाज्मा देने की सुविधा अस्पताल में नहीं है। इस कारण पूरा ब्लड ही मरीज को दिया जाता है। जबकि सेपरेशन यूनिट खुलने से एक ही ब्लड से कई अलग-अलग तत्वों को अलग करके मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

क्या कहते हैं अधिकारी:

ब्लड सेपरेशन यूनिट खोलने के लिए लाइसेंस लेना जरूरी होता है। इस दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। उससे पहले तकनीकी रूप से यूनिट को तैयार किया जा रहा है। दो-तीन माह के भीतर इस यूनिट के शुरू होने की संभावना है।

डा. दिलीप कुमार पांडेय, प्रभारी पदाधिकारी, ब्लड बैंक, मगध मेडिकल अस्पताल, गया

मेडिकल अस्पताल के ब्लड बैंक में उपलब्ध यूनिट

ए पाजिटिव- 12 यूनिट

बी पाजिटिव-24

ओ पाजिटिव-50

एबी पाजिटिव-06

ए निगेटिव-01

बी निगेटिव-04

ओ निगेटिव-05

एबी निगेटिव-02

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