नवादा में सीएससी केंद्र पर श्रमिकों का मुफ्त बनेगा ई-श्रम कार्ड, मजदूरों को मिल सकेगा योजनाओं का लाभ

बिहार के 3 करोड 49 लाख असंगठित मजदुरों का ई-श्रम कार्ड बनाने का लक्ष्य है। बताया कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के निर्देश पर किया जा रहा है। जिसके तहत मजदूरों को एक 12 अंकों का विशिष्ट पहचान संख्या मुहैया कराया जाएगा।

Prashant KumarSat, 18 Sep 2021 05:14 PM (IST)
श्रमिकों को यूनिक कार्ड देते अधिकारी। जागरण।

संवाद सूत्र, हिसुआ (नवादा)। कोरोना संक्रमण की वजह से लगाए गए लॉडाउन का जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा। गरीब श्रमिक वर्ग के लोग इससे ज्यादा प्रभावित हुए। इसको देखते हुए केंद्र सरकार श्रमिकों का डाटा एकत्रित करने का काम शुरू कर रही है। परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड की तर्ज पर अब असंगठित श्रमिकों के यूनिक लेबर कार्ड बनाए जाएंगे। इस कार्ड से उन्हें रोजगार की तलाश में आसानी होगी। इसके तहत श्रमिकों को स्वयं को पंजीकृत कराना होगा। जिसके बाद उन्हें एक विशेष आईडी मिलेगी। यह आईडी उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करेगी।

26 अगस्त से सभी सीएससी सेंटर पर असंगठित श्रमिकों का नि:शुल्क पंजीयन शुरू हो गया है। 16 से 59 साल के आयु वाले हर असंगठित मजदूरों का ई श्रम कार्ड बनाने के लिए शुक्रवार को नगर के विश्वशांति चौक स्थित कॉपरेटिव मार्केट में सीएससी के जिला मैनेजर प्रज्ञा कुमारी,  श्रम प्रर्वतन पदाधिकारी अरुण कुमार व सेंटर के संचालक कुमार सोनु ने संयुक्त रुप से फीता काटकर सीएससी सेंटर का उद्घाटन किया। श्रम पदाधिकारी  अरुण कुमार ने बताया कि  भारत के असंगठित  38 करोड  मजदूरों का नि:शुल्क ई-श्रम कार्ड बनाने का लक्ष्य केंद्र सरकार का है।

इसी तरह बिहार के 3 करोड 49 लाख असंगठित मजदुरों का ई-श्रम कार्ड बनाने का लक्ष्य है।  बताया कि भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के निर्देश पर किया जा रहा है।  जिसके तहत मजदूरों को एक 12 अंकों का विशिष्ट पहचान संख्या मुहैया कराया जाएगा। जिससे आने बाले समय में इससे लाभांवित होंगे। मौके पर क्षेत्र के श्रमिक  पवन कुमार, राजकुमार, धीरेंद्र शर्मा, दिनेश रविदास, अशोक दास, प्रेम कुमार, दीपक कुमार, निरंजन कुमार आदी लोगों ने  अपना ई-श्रम कार्ड बनवाया।

इनको मिलेगा लाभ

बताया कि मजदूर इपीएफओ, ईएसआईसी के सदस्य नहीं होने चाहिए वही आयकरदाता भी इसके सदस्य नहीं हो सकते। बताया कि छोटे किसान, कृषि क्षेत्र में लगे मजदूर, पशुपालक, मछली विक्रेता, मोची, ईंट , भट्टा पर काम करने वाले, घरों में काम करने वाले, रेहड़ी-फड़ी वाले, न्यूजपेपर वेंडर, कारपेंटर, प्लंबर, रिक्शा व ऑटो रिक्शा संचालक, मनरेगा वर्कर, दूध विक्रेता, स्थानांतरित लेबर,चाय विक्रेता व ऐसे मजदूर जो कि किसी संगठन के साथ नहीं जुड़े हैं सभी यूनिक आईडी बनवा सकते हैं।

ऐसे बनेगा ई-श्रम कार्ड

सीएससी केंद्रों पर बनने वाले ई श्रम कार्ड के लिए मजदूरों को आधार कार्ड, बैंक पास बुक और खुद का मोबाइल नंबर लेकर सीएससी सेंटर पर जाना होगा। इसके बाद संचालक मोबाइल के ओटीपी, बॉयोमेट्रिक और आइरिस सत्यापन के बाद लेबर कार्ड उपलब्ध करा देगा। ई श्रम कार्ड निशुल्क बनेगा। बताया कि इसके तहत निशुल्क दुर्घटना बीमा का भी मिलेगा लाभ मिलेगा।

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