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Bihar: आ जा उमर बहुत है छोटी, अपने घर में भी है रोटी, कमाने के लिए परदेस गए अपनों को बुला रहे स्‍वजन

लॉकडाउन में कुछ इस तरह लौटने को मजबूर हुए थे लोग। जागरण आर्काइव

कोरोना महामारी पिछले साल की तुलना में इस बार काफी तेजी से फैल रही है। इसको देखते हुए परदेस में रोजी-रोटी कमाने गए लोग लौटने लगे। जो नहीं आ रहे उनके स्‍वजन उनसे लौटने की गुजारिश कर रहे हैं।

Vyas ChandraSun, 18 Apr 2021 10:43 AM (IST)

भभुआ (कैमूर), संवाद सहयोगी। फिल्‍म नाम में गाया पंकज उधास का प्रसिद्ध गाना है चिट्ठी आई है...। उसमें एक पंक्ति है कि देस पराया छोड़ के आजा, पंछी पिंजड़ा तोड़ के आ जा, आजा उमर बहुत है छोटी, अपने घर में भी है रोटी...। कोरोना महामारी की वजह से परदेस कमाने गए अपनों को कुछ इसी तरह से परिवार के लोग बुला रहे हैं। रोजी-रोटी की आस लिए विभिन्न प्रदेशों में रोजगार के लिए गए प्रखंड क्षेत्र के मजदूर एकबार फिर  वापस आने लगे है। वहीं जो नहीं आ रहे है, उनके घरवाले जल्द से सुरक्षित आने के लिए कह रहे हैं। उनका कहना है कि कि अपने घर आ जाओ, दो वक्त की रोटी यहां भी कमा कर खा लेंगे।

लॉकडाउन की आहट से सहमे हैं लोग

दरअसल कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण लोगों को लॉकडाउन की आहट होने के साथ बाहर रहने वाले अपने घर लौटने लगे है। पिछली बार की स्थिति देखने के बाद कि किस तरह लोग पैदल व अन्य साधनों से आए थे उस स्थिति को आंकते हुए पहले ही लोग घर आने लगे हैं। दूसरी लहर के दौरान बढ़ते संक्रमण के बीच एकबार फिर से कई प्रदेशों व महानगरों में पुरानी स्थिति उत्पन्न होने लगी है। एक बार फिर कोरोना के बढ़ते संक्रमण के आंकड़े ने मजदूरों को काफी परेशान कर दिया है। महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, पंजाब आदि राज्यों के विभिन्न शहरों में काम करने वाले मजदूर अपने घर ट्रेन के माध्यम से लौटने लगे है। मजदूरों को डर है कि पिछले वर्ष की तरह ही बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अचानक लॉकडाउन लग जाए और बॉर्डर सील हो जाए तो वे वहीं फंस जाएंगे। साथ ही महीनों काम नहीं मिलने से वे सभी एक बार फिर से भूखे मरने को मजबूर हो जाएंगे।

मजदूरों को सता रही निवाले की चिंता

गौरतलब हो कि वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों व शहरों में कोरोना महामारी का दूसरा दौर चरम पर है। इस महामारी से निजात दिलाने के लिए सरकारी स्तर से तरह-तरह के उपाय भी किए जा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते संक्रमण की आशंका को देखते हुए जहां आमलोग काफी भयभीत होने लगे हैं।बाहर में काम करने वाले मजदूर अपने गांव ट्रेन तथा बस के माध्यम से आ रहे है। दरअसल भभुआ रोड तक कुछ ट्रेनों के ठहरवा नहीं होने व पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन पर उतरकर अपने निजी वाहन तथा किराये के वाहन से अपने घर आ रहे हैं।

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