सीएचसी प्रभारी पर लिपिक ने लगाया पीटने आरोप, कैमूर के प्रभारी ने कहा-छवि खराब करने की कोशिश

स्थानीय प्रखंड में स्थित बाबू शिव गोविंद प्रसाद मेमोरियल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुमित सिंह ने रविवार को प्रधान लिपिक की पिटाई इसलिए कर दी कि उन्‍होंने स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दि‍या। हालांकि प्रभारी ने कहा कि उनपर लगाए गए आरोप निराधार हैं।

Vyas ChandraTue, 19 Oct 2021 09:10 AM (IST)
लिपिक की पिटाई मामले की पुलिस कर रही जांच। सांकेतिक तस्‍वीर

भगवानपुर (कैमूर), संवाद सूत्र। स्थानीय प्रखंड में स्थित बाबू शिव गोविंद प्रसाद मेमोरियल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुमित सिंह ने रविवार को प्रधान लिपिक की पिटाई इसलिए कर दी कि उन्‍होंने स्पष्टीकरण का जवाब नहीं दि‍या। हालांकि, प्रभारी ने कहा कि उनपर लगाए गए आरोप निराधार हैं।  मामला संज्ञान में आने पर सीएस डॉ. मीना कुमारी भी सोमवार को जांच के लिए पहुंचीं। कार्य में लापरवाही बरतने के मामले में 12 अक्टूबर को प्रधान लिपिक से स्पष्टीकरण मांगा गया था। समय पर स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने बीते रविवार को अपने चेंबर बुलाया। दोनों के बीच बकझक हुई। आरोप है कि इसके बाद सीएचसी प्रभारी ने प्रधान लिपिक की पिटाई कर दी। जब लिपिक बाहर निकले तो हल्ला किया। तब स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मियों को घटना की जानकारी हुई। प्रधान लिपिक देव भूषण लाल ने घटना की लिखित जानकारी भगवानपुर थाने को दी। 

स्‍पष्‍टीकरण मांगने की हो गई है आदत

उन्होंने बताया कि चिकित्सा पदाधिकारी को सभी कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने की आदत हो गई है। लिपिक ने यह भी कहा कि वे लगातार चार साल से सीएचसी में कार्यरत हैं। मेरी किसी तरह की कोई शिकायत नहीं है। उसके बाद भी पदाधिकारी मुझसे गलत काम करवाने के लिए बार-बार दबाव देते हैं। गलत काम नहीं करने पर उनके द्वारा झूठा आरोप लगाकर स्पष्टीकरण मांगा गया था।वहीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुमित कुमार सिंह ने कहा कि लिपिक मेरी छवि को खराब करने के लिए व मांगे गए स्पष्टीकरण से बचने के लिए मारपीट का आरोप लगा रहे हैं।

लिपिक ने थाने में की शिकायत, सिविल सर्जन ने भी की मामले की जांच

इस संबंध में प्रशिक्षु डीएसपी सह भगवानपुर थानाध्यक्ष मुशीर आलम ने बताया कि प्रधान लिपिक ने चिकित्सा पदाधिकारी पर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए आवेदन थाना में दिया है। जांच के बाद ही प्रभारी पर कोई कार्रवाई की जाएगी। उधर सीएस ने जांच के संबंध में बताया कि अभी मुझे कोई आवेदन नहीं मिला है। जानकारी होने पर जांच के लिए आई हूं। लिपिक चुनाव कार्य के लिए कहीं गए हैं। इसके चलते उनके पक्ष की जानकारी नहीं मिल सकी। चिकित्सा पदाधिकारी से पूछताछ कर ली गई है। दोनों से पूछताछ के बाद ही कोई कोई निर्णय लिया जाएगा।

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