चैत्र नवरात्रि आज से प्रारंभ, केवल घरों में ही होगा पूजा-पाठ

चैत्र नवरात्रि आज से प्रारंभ, केवल घरों में ही होगा पूजा-पाठ

गया नवरात्रि साल में दो बार मनाई जाती है। शारदीय तथा चैत्र नवरात्रि। इस बार चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल यानी मंगलवार से प्रारंभ है। जबकि 21 अप्रैल को इसका समापन होगा।

JagranTue, 13 Apr 2021 12:11 AM (IST)

गया : नवरात्रि साल में दो बार मनाई जाती है। शारदीय तथा चैत्र नवरात्रि। इस बार चैत्र नवरात्रि 13 अप्रैल यानी मंगलवार से प्रारंभ है। जबकि 21 अप्रैल को इसका समापन होगा। नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की उपासना की जाएगी। लगातार दो बार से कोरोना वायरस को लेकर चैत्र मास की नवरात्रि में मंदिरों में पूजा-पाठ बंद है। सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार केवल घरों में ही पूजा-पाठ होगा।

आचार्य मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि नवरात्र में मां दुर्गा की सवारी घोड़ा (अश्व) है। जबकि प्रस्थान नर वाहन (मानव कंधे) पर होगा। मंगलवार को कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 5:43 से 8:45 मिनट तक है। चैत्र नवरात्रि पर जहां एक ओर लोग व्रत रहते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे शास्त्रीय मतानुसार यह भी बताया गया है कि जिस तिथि में सूर्योदय होता है वह संपूर्ण दिवस मान्य होता है। वहीं दूसरी ओर घरों में पूजा-पाठ भी होता है। अष्टमी की रात में माता की विशेष पूजा होती है। नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की नौ दिन पूजा-अर्चना की जाती है। शहर में स्थित मंदिरों में नवरात्र को लेकर विशेष कोई तैयारी नहीं चल रही है। क्योंकि कोरोना को लेकर मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद है। शहर के प्रमुख मंदिर मंगलागौरी, बगलामुखी, दुखहरणी एवं वागेश्वरी मंदिर के पट बंद हैं।

श्रीरामचरित्र मानस नवाह परायण यज्ञ संपन्न : नौ दिनों से पाई बिगहा बाजार स्थित ठाकुरवाड़ी के प्रांगण में श्रीराचरित मानस नवाह परायण यज्ञ सह रामलीला हो रहा था। जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में क्षेत्र के महिला-पुरुष श्रद्धालु यज्ञ परिक्रमा, पूजा, हवन के साथ संध्या में साध्वी राधिका रमण जी के मुखारविद से ज्ञान वर्षा का आनंद उठा रहे है। सोमवार को यज्ञ की पूर्णाहुति वृंदावन से आए संतो एवं आचार्यों के द्वारा धार्मिक अनुष्ठान के साथ किया गया। यज्ञ समापन के दौरान अपने प्रवचन में साध्वी राधिका रमण जी ने श्रीराम - केवट संवाद का मार्मिक चित्रण किया।अपने प्रवचन के अंत में उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि सभी लोग यज्ञ में आने के दौरान सरकार के गाइडलाइंस का पालन करें। दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी का पालन करें। साध्वी ने लोगों से आग्रह किया कि देश का राज्य प्रतिदिन जनता से हाथ जोड़ कर आग्रह कर रहा है। सभी लोगों से मेरी भी आग्रह है कि कृपया कोविड संक्रमण के मद्देनजर मास्क का इस्तेमाल के साथ मानवीय दूरी का पालन अवश्य करें। यज्ञ समापन के उपरांत दोपहर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जहां बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सचिव ने बताया कि यज्ञ की सफलता में यज्ञ समिति के अध्यक्ष राजेश्वर प्रसाद के अलावा धर्मेंद्र कुमार, धीरज कुमार, रवि शंकर पांडेय, रामाशीष प्रसाद उर्फ छेना बाबा, डा सुरेश पंडित, गोपाल बाबा, रामानुज सिंह, अमर साब, ऋषि कुमार आदि लोगों की सराहनीय भूमिका रही है। वहीं विधि व्यवस्था बहाल रखने में थानाध्यक्ष श्रीराम सिंह धन्यवाद के पात्र हैं।

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