किसानों से लाखों का उधार अनाज लेकर व्यवसायी हुआ फरार, 12 किसानों ने गया के परैया में दर्ज कराया केस

किसानों को करीब पांच करोड़ का चपत लगाकर व्‍यवसायी फरार हुए। धान व गेहूं खरीद के इतने बड़े प्रकरण में पैक्स की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। जब महज एक गांव के 20 किसानों ने 23 लाख का मामला थाने में दर्ज कराया है।

Sumita JaiswalThu, 23 Sep 2021 08:52 AM (IST)
गया के परैया थाना एफआइआर कराने पहुंचे पीडि़त किसान। जागरण फोटो।

परैया (गया), संवाद सूत्र। किसानों को लाखों का चपत लगाकर फरार हुए व्यवसायी के विरुद्ध अब मामला उजागर होना शुरू हो गया है। इसे लेकर बगाही के दर्जन भर किसानों ने स्थानीय थाने में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया है। आकलन है कि किसानों को करीब पांच करोड़ का चपत लगाकर व्‍यवसायी फरार हुए हैं। धान व गेहूं खरीद के इतने बड़े प्रकरण में पैक्स की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। किसानों ने गेहूं व धान की फसल व्यवसायी को दी थी। जिसके राशि भुगतान का आश्वासन कुछ समय बाद दिया गया। लम्बा समय बीतने के बाद भी राशि भुगतान नहीं हो सका। किसानों ने भुगतान के लिए फोन किया तो व्यवसायी द्वारा फोन नहीं उठाया गया। इतना ही नहीं धान व्यवसायी सहित उसके पिता, चालक व एक अन्य सहयोगी भी संपर्क से बाहर हो गए। लगातार कोशिश के बाद भी जब किसानों का धान क्रय के मामले से जुड़ी किसी व्यक्ति से सम्पर्क नहीं हुआ।

इन किसानों ने दिए आवेदन

वहीं खेती में जरूरतों को बढ़ता देख सभी ने लगातार कोशिश के बाद विफलता से निराश होकर थाने में आवेदन दिया है। करहट्टा पंचायत के बगाही गांव निवासी किसान पपुंजय शर्मा, विष्णु कुमार, अंशु कुमार, अमित कुमार, अभिषेक कुमार, मंटू कुमार, उपेंद्र सिंह, प्रमोद सिंह, पीकू, विनय कुमार, नित्यानंद, भुगन सिंह, बुदिल, विकास कुमार, उत्तम कुमार, रौशन कुमार, गोलू कुमार, मदन सिंह, विनोद सिंह व गिरीश सिंह ने अपने हजारों व लाखों के अनाज की बकाया राशि की सूची दी है। जिसमें न्यूनतम गिरीश सिंह के 35 हजार व अधिकतम विनोद सिंह का 9 लाख 75 हजार बकाया है।

पांच करोड़ का बकाया

  इधर, करहट्टा सहित सभी नौ पंचायत के दर्जन भर से अधिक गांव के किसानों के अनाज की लाखों की राशि बकाया है। जिसका कुल आंकलन पांच करोड़ के करीब किया जा रहा है। अनाज उठाव से लेकर पूरे प्रकरण में व्यवसायी राजेश साव, पिता राजेन्द्र साव, चचेरा भाई अमर कुमार व पिकअप चालक पीयूष रंजन को नामजद किया गया है। इसके अलावा राजेश साव के चतरा निवासी बहनोई भोला साव व झाझा निवासी लाल माहुरी का नाम भी आवेदन में अंकित किया गया है।

पैक्‍स की भूमिका सवालों के घेरे में

धान व गेहूं खरीद के इतने बड़े प्रकरण में स्थानीय ग्रामीणों द्वारा पैक्स की भूमिका को संदेह के नजरिये से देखा जा रहा है। जब महज एक गांव के 20 किसानों ने 23 लाख का मामला थाने में दर्ज कराया है। इसके अलावा दखिनेर, उभई, उपरहुली, छक्कन बिगहा, माहादेवपुर, कजरी, फुरहुरिया, कपसिया, लक्ष्मण बिगहा आदि गांव में भी उक्त व्यवसायी ने धान व गेहूं फसल का उठाव किया है।

 

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