Sasaram News: सासाराम से बड़ी खबर, नगर परिषद की मुख्‍य पार्षद गिरफ्तार, जानिए इन्‍होंने किया कितना बड़ा घोटाला

रोहतास से इस वक्‍त की सबसे बड़ी खबर है। पुलिस ने सासाराम नगर परिषद (उत्‍क्रमित नगर निगम) की मुख्‍य पार्षद कंचन देवी को गिरफ्तार कर लिया। उनपर कई योजनाओं में घोटाला करने का आरोप है। पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी हिमानी कुमार की भी गिरफ्तारी संभव है।

Prashant KumarFri, 18 Jun 2021 04:09 PM (IST)
सासाराम नगर परिषद (उत्क्रमित नगर निगम) की मुख्य पार्षद कंचन देवी। जागरण आर्काइव।

जागरण संवाददाता, सासाराम। रोहतास से इस वक्‍त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। पुलिस ने सासाराम नगर परिषद (उत्‍क्रमित नगर निगम) की मुख्‍य पार्षद कंचन देवी को गिरफ्तार कर लिया। उनपर कई योजनाओं में घोटाला करने का आरोप है। इस मामले में पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) हिमानी कुमार की भी गिरफ्तारी संभव है। पुलिस उनकी तलाश में जुट गई है। हिमानी की एक बहन पुलिस पदाधिकारी हैं।

सासाराम नगर परिषद की मुख्य पार्षद कंचन देवी को नगर थाना क्षेत्र के फजलगंज से शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उनपर व वार्ड संख्या 11 में 14 वीं वित्त आयोग की राशि से पांच व नगर निधि से दो योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप कार्यपालक पदाधिकारी अभिषेक आनंद ने लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी की पुष्टि सासाराम के एएसपी अरविंद प्रताप सिंह ने की है।

सात योजनाओं में धांधली का आरोप

बताया कि मार्च माह में ईओ द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में कुल सातों योजनाओं में धांधली का आरोप लगाया गया है। कहा गया कि योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत मिलने की सूचना तत्कालीन  डीएम पंकज दीक्षित को दी गई थी। जिसके बाद डीएम ने एडीएम लालबाबू सिंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी का गठन किया था। जांच टीम ने योजनाओं में गड़बड़ी तथा राशि गबन की रिपोर्ट दी थी।  जांच टीम ने पाया था कि वर्णित योजनाओं का कार्य पूर्व में अन्य मद से कराया गया है तथा मापी पुस्तिका में इस कार्य को नगर परिषद के पूर्व ईओ कुमारी हिमानी व कनीय अभियंता की मिली भगत से 14 वीं वित्त आयोग की योजना तथा नगर विकास योजना में दर्शाते हुए उसका भुगतान कर लिया गया।

जिसके बाद बाद डीएम धर्मेन्द्र कुमार ने ईओ को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। नगर थानाध्यक्ष कामख्या नारायण सिंह ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने की अधिकारिक तौर पर पुष्टि भी की है। कार्यपालक पदाधिकारी ने प्राथमिकी में मुख्य पार्षद के अलावा तत्कालीन ईओ हिमानी कुमारी व कनीय अभियंता महंथ पांडेय को भी अभियुक्त बनाया है। अब मुख्य पार्षद की गिरफ्तारी के बाद इन अधिकारियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अपनी गतिविधि तेज कर दी है। बताया जाता है कि बुडको के सहायक अभियंता जीतेंद्र प्रसाद ने भी 7.24 लाख रुपये की फर्जी निकासी की प्राथमिकी दर्ज करा चुके हैं।

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