तलाकशुदा महिलाओं को स्‍वरोजगार के लिए बिहार सरकार देती 25 हजार रुपए की मदद, गया में मिले 25 आवेदन

मुस्लिम समाज में तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार मदद कर रही है। योजना के तहत राज्य सरकार एकमुश्त 25 हजार रुपये की मदद देती है। ताकि ऐसी तलाकशुदा महिलाएं अपने पैरों पर खड़ा हो सके।

Sumita JaiswalMon, 20 Sep 2021 09:48 AM (IST)
तलाकशुदा महिलाओं को सरकार देती सहायता, सांकेतिक तस्‍वीर।

गया, जागरण संवाददाता। मुस्लिम समाज में तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार मदद कर रही है। योजना के तहत राज्य सरकार एकमुश्त 25 हजार रुपये की मदद देती है। ताकि ऐसी तलाकशुदा महिलाएं अपने पैरों पर खड़ा हो सके। घर में कुछ स्वरोजगार खड़ा कर आगे बढ़े। सरकार की कोशिश है कि स्वरोजगार कर ऐसी महिलाएं अपने परिवार का भरण - पोषण कर सकें। हालांकि इस योजना के प्रति समाज में जागरूकता की थोड़ी कमी लगती है। गया जिले में इस वित्तीय वर्ष में अब तक महज 25 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन सभी को योजना का लाभ दिया जा रहा है।

25 में अकेले मानपुर से ही आए 14

-तलाकशुदा अथवा परित्यकता महिलाओं के लिए इस साल प्राप्त आवेदन की बात की जाए तो सबसे अधिक मानपुर प्रखंड से 14 आए हैं। शेरघाटी, नगर, फतेहपुर, इमामगंज, वजीरगंज, डुमरिया से एक-एक आवेदन आए हैं। जरूरत है सरकार की इस योजना के प्रति जनजागरूकता की। ताकि दूसरी जरूरतमंद महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले सकें।

18 से 50 साल की महिलाएं ले सकती हैं लाभ

-योजना का लाभ 18 से 50 साल तक की महिलाओं को दिया जा सकता है। अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने इस संबंध में बताया कि जिला अल्पसंख्यक कार्यालय से मुफ्त में इस योजना लाभ के लिए आवेदन दिया जाता है। आवेदन के साथ अनुशंसा प्रमाण पत्र होना जरूरी है। जिसमें लाभुक के अलावा दो गवाह जो परिवार के सदस्य नहीं हों, मुखिया, सरपंच, स्कूल के हेडमास्टर, वार्ड सदस्य में से कोई भी अनुशंसा कर सकते हैं। अधिकारी ने बताया कि अनुशंसा प्रमाण पत्र मिलने के बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी के स्तर से लाभुक का सत्यापन किया जाता है। जिसके बाद योजना की राशि लाभुक के बैंक खाता में भेज दी जाती है।

जरूरतमंदों तक पहुंचे सरकारी योजना: मो. ख्वाजा दुर्रानी

-गया शहर में अलीगंज रोड नंबर चार जमीला मस्जिद के इमाम मुफ्ती मो. ख्वाजा दुर्रानी ने कहा कि सरकार की जरूरतमंदों को लेकर यह अच्छी योजना है। जानकारी नहीं रहने के कारण लोग इससे वंचित रह जाते हैं। सरकारी स्तर भी योजना के प्रचार-प्रसार को लेकर सार्थक पहल होनी चाहिए।

क्या कहते हैं अधिकारी

गया जिला के अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण पदाधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि अल्पसंख्यक तलाकशुदा व परित्यकता मुस्लिम सहायता के लिए आवेदन कभी भी किया जा सकता है। कलेक्ट्रेट स्थित जिला कार्यालय में मुफ्त आवेदन दिया जाता है। योजना अनुसार कागजात की जांच के बाद लाभुक को एकमुश्त 25 हजार की मदद मिलती है। योजना का लाभ सीधे बैंक खाता में भेजकर दिया जाता है।

इस साल किस प्रखंड से कितने आवेदन आए

मानपुर- 13

नगर प्रखंड-6

शेरघाटी- 1

फतेहपुर-1

इमामगंज-1

वजीरगंज-1

डुमरिया-1

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.