बाइक की खातिर पत्‍नी को बनाया बंधक, कैमूर महिला हेल्‍पलाइन में फोन कर तीन दिन बाद रिहा हुई महिला

दहेज में दो लाख रुपये व बाइक नहीं देने पर पत्नी को बनाया तीन दिनों तक बंधक भूखी प्यासी पत्नी को पति ने मारपीट कर किया जख्मी महिला हेल्पलाइन की मदद से कराई गई मुक्त महिला के मायके वालों को भी मिलने से ससुराल वालों ने रोका।

Prashant KumarSat, 18 Sep 2021 03:21 PM (IST)
दहेज की मांग पूरी नहीं करने पर महिला को बनाया बंधक। सांकेतिक तस्‍वीर।

संवाद सहयोगी, भभुआ।  दुर्गावती थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला को उसके पति के द्वारा तीन दिन तक घर में भूखे प्यासे रखकर तथा उसके साथ बेरहमी से मारपीट करने का मामला महिला हेल्पलाइन में आया है। मामले में महिला हेल्पलाइन ने पीडि़ता को मुक्त करा कर उसके मायके पहुंचा दिया है। महिला हेल्पलाइन आगे की कार्रवाई कर रही है। महिला हेल्पलाइन से मिली जानकारी के मुताबिक, 31 अगस्त 2021 को भभुआ थाना क्षेत्र के डुमरैठ पंचायत के एक गांव के एक युवक ने महिला हेल्पलाइन को जानकारी दिया कि उसकी बहन की शादी दुर्गावती थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई है। उसकी शादी 16 जून 2020 को हुई है। उसके बहनोई के द्वारा दहेज की अधिक मांग की गई थी, जिसमें तीन लाख रूपये दिए गए थे। वहीं बहनोई के द्वारा पांच लाख रुपये व एक बाइक की मांग की गई थी।

बाइक व पैसा नहीं देने के कारण वह अक्सर बहन के साथ मारपीट करता था। इसी क्रम में 28 अगस्त के आसपास उसकी बहन को मारपीट कर भूखे प्यासे एक कमरे में तीन दिनों तक कैद कर दिया गया। जब मायके वाले लोग मिलने के लिए पहुंचे तो उनको भी मिलने नहीं दिया गया। पीडि़ता के भाई ने दुर्गावती थाना में इस बात की जानकारी दी, तो थाना ने महिला थाना में जाने की सलाह दी, जबकि महिला थाने ने दुर्गावती थाने में जानकारी देने के लिए कहा। थक हार कर पीडि़ता का भाई महिला हेल्पलाइन में मामला दर्ज कराया। महिला हेल्पलाइन ने जब पीडि़ता के पति से फोन पर बात की तो उसने मामले को गलत बताया।

तब महिला हेल्पलाइन के सदस्यों ने उस गांव के वार्ड सदस्य से बात की तो उसने इस बात को सही बताया। मामले में तब महिला हेल्पलाइन पीडि़ता को बंधन मुक्त कराते हुए सारी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसको मायके भेज दिया। वही कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख दिया है। इस संबंध में महिला हेल्पलाइन के परियोजना प्रबंधक विनिता गुप्ता ने बताया कि पीडि़ता को मुक्त करा दिया गया है। अब वह अपने मायके में है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

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