Bharat Bandh Today: बिहार में भारत बंद को महागठबंधन का साथ, गया, नवादा, भभुआ और औरंगाबाद में दिखा ये असर

किसान संगठनों व महागठबंधन द्वारा भारत बंद का आह्वान किया है। कृषि कानून को वापस करने प्रस्तावित बिजली बिल 2020 को निरस्त करने मजदूर विरोधी चार श्रम कोर्ड रद करने मंहगाई डीजल-पेट्रोल रसोई गैस मूल्य वृद्धि और किसानों को सर्व सुलभ सस्ती यूरिया खाद उपलब्ध कराने की मांग।

Sumita JaiswalMon, 27 Sep 2021 08:42 AM (IST)
नवादा में भारत बंद के दौरान प्रदर्शन करते लोग। जागरण फोटो।

गया, जागरण टीम। आज भारत बंद है। बिहार में किसान संगठनों के साथ राजद, कांग्रेस, भाकपा-माले सहित महागठबंधन के घटक दलों ने भारत बंद का आह्वान किया है।  किसान विरोधी कृषि  कानून को वापस करने, प्रस्तावित बिजली बिल 2020 को निरस्त करने, मजदूर विरोधी चार श्रम कोर्ड रद्द करने,  मंहगाई, डीजल-पेट्रोल, रसोई गैस की बेतहाशा मूल्य वृद्धि और किसानों को सर्व सुलभ सस्ती यूरिया खाद को उपलब्ध कराने के सवाल पर किसान संगठनों ने आज  27 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। 

गया में निकला विशाल मार्च

 किसान संघर्ष  मोर्चा के आह्वान पर आहूत भारत बंद के समर्थन में बैनर तले महागठबंधन ( कांग्रेस + राजद + वामदलों ) विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में आजाद पार्क से शांतिपूर्ण विशाल प्रतिरोध मार्च निकला गया। जो गोल्पथर, कोतवाली, जीबी रोड , प्रधान डाकघर, समाहरणालय, व्यवहार न्यायलय, राय काशी मोड़, स्वराज्य पूरी रोड, टिकारी रोड होते हुए टॉवर चौक पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया।

पितृपक्ष को देखते हुए गया को बंद से मुक्त रख कर केवल प्रतिशोध मार्च निकाला गया। परंतु अधिकांश दुकानें, गाडियां, स्कूल, कालेज आदि स्वतः स्फूर्त बंद रहे।

प्रतिरोध मार्च में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य सह क्षेत्रीय प्रवक्ता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी प्रो विजय कुमार मिठू, अमरजीत कुमार, अशरफ इमाम, बबलू राम, मिथिलेश सिंह, राजद के मुर्शीद आलम, जितेंद्र यादव, सीपीआई के सीताराम शर्मा, मो याहिया, सीपीआईएम के राम खेलावन दास, जयवर्धन कुमार, माले के निरंजन कुमार, रीता वर्णवाल आदि नेतृत्व कर रहे थे।

 नेताओं ने कहा कि आज के ऐतिहासिक भारत बंद में आमजन के शत- प्रतिशत समर्थन से मोदी सरकार हिल गई है। अब छह माह बाद चुप्पी तोड़ते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का यह बयान आया है कि हम किसानों से वार्ता को तैयार है। नेताओं ने गया के महान जनता का अभिनन्दन करते हुए धन्यवाद दिया कि बंद से मुक्त रखने के बाद भी स्‍व स्फूर्त बंद कर किसान, मजदूर, बेरोजगार व आमजन  का समर्थन किया है।

नेताओं ने केंद्र सरकार से अविलंब किसान विरोधी तीनों काले कानून वापस लेने, चार श्रम विरोधी कोड को समाप्त करने, डीजल, पेट्रोल घरेलू गैस की कीमतों को कम करने, कमरतोड़ महंगाई को कम करने, बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने की मांग की है।

नवादा में सड़कों पर उतरे बंद समर्थक

नवादा में भारत बंद को ले सड़क पर उतरे समर्थक, प्रजातंत्र चौक को किया जाम। जागरण फोटो।

गया में पहले दिखा था आ‍ंशिक असर

सोमवार को गया से गुजरने वाली जीटी रोड पर भारत बंद का आंशिक असर अभी तक दिख रहा है। माल वाहक गाडि़यों का परिचालन दिख रहा है। परंतु यात्री वाहन का परिचालन पूरी तरह से ठप दिख रहा है। डोभी में सभी दुकानें खुली हुई है। डोभी-चतरा सड़क मार्ग और डोभी-गया सड़क मार्ग में यात्री वाहन के परिचालन बंद होने के कारण ऑटो से लोग सवारी कर रहे हैं। जीटी रोड से गुजरने वाले सभी यात्री वाहन आज सुबह से नही दिखे। सड़कों पर महागठबंधन के कोई कार्यकर्ता नही दिख रहे हैं। यहां बता दें कि बंद के दौरान गया शहर को अलग रखा गया है क्योंकि यहां पितृपक्ष चल रहा है।

औरंगाबाद में छिटपुट प्रदर्शन

औरंगाबाद में भारत बंद का असर नहीं दिख रहा है। बंद समर्थकों का छिटपुट प्रदर्शन दिखा। सड़कों पर प्रतिदिन की तरह वाहनों का आवागमन जारी है। बाजार में भीड़ है। जिउतिया का नहाय खाय होने के कारण बाजार में महिलाओं की भीड़ अधिक देखी गई। बंद का कोई असर न तो सड़कों पर है और न ही बाजार में।

औरंगाबाद में भाकपा नेता भारत बंद के दौरान सड़क पर उतरकर नारे लगाते हुए। जागरण फोटो।

कैमूर में भारत बंद का असर नहीं

कैमूर में भारत बंद का असर नहीं दिख रहा है। वहां सामान्‍य रूप से बाजार और दुकानें खुल गई हैं। सड़कों पर आवागमन भी बाधित नहीं है। जागरण फोटो।

पूर्व संध्‍या पर निकला मशाल जुलूस

भारत बंद की पूर्व संध्‍या पर गया में मशाल जुलूस निकाला गया । मशाल जुलूस में महागठबंधन में शामिल सभी दलों नेताओं ने भाग लिया। जिसमें राजद, कांग्रेस, भाकपा-माले, भाकपा, माकपा के नेता थे। मशाल जुलूस गया समाहरणालय स्थित अंबेडकर  पार्क से शुरू होकर जीबी रोड,केपी रोड होते टावर चौंक पहुंचा और सभा किया गया। कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष बाबुलाल सिंह, रंजित ङ्क्षसह, शशिकांत ङ्क्षसहा, सीपीआइ जिला मंत्री सीताराम शर्मा,मो•याहिया, कुमार जीतेन्द्र माकपा के पीएन ङ्क्षसह,मो•शमीम, कपिल देव ङ्क्षसह,भाकपा-माले जिला सचिव निरंजन कुमार, रामचंद्र प्रसाद, आनंद कुमार,  रीता बर्णवाल आदि नेताओं ने सभा को संबोधित किया। वहीं पितृपक्ष को लेकर शहर को बंद से मुक्त रहा गया है। क्योंकि ङ्क्षपडदानियों को किसी प्रकार के परेशानी नहीं हो।

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