Aurangabad: लाखों खर्च कर लगी लाइट, चंद महीनों में फ्यूज हो गए बल्‍ब, अंधेरी गलियों से गुजर रहे लोग

नगर पंचायत द्वारा शहर में चंद महीनों पहले शहर की गलियों व सड़कों पर लाइट लगाई गई थी। उक्त लाइट केंद्रीय एजेंसी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के द्वारा वर्ष 2020 में लगाई गई थी। गलियां व सड़क पर अंधेरा पसरा हुआ है।

Prashant KumarWed, 28 Jul 2021 04:44 PM (IST)
अंधेरे में डूब गई औरंगाबाद की सड़कें। जागरण।

संवाद सूत्र, रफीगंज (औरंगाबाद)। नगर पंचायत द्वारा शहर में चंद महीनों पहले शहर की गलियों व सड़कों पर  लाइट लगाई गई थी। उक्त लाइट केंद्रीय एजेंसी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (EESL) के द्वारा वर्ष 2020 में लगाई गई थी। कुछ लाइट तो लगते ही एक माह के अंदर खराब हो गए। अभी स्थिति यह है कि आधे से अधिक लाइट खराब हो चुकी है। गलियां व सड़क पर अंधेरा पसरा हुआ है।

मरम्मत के लिए नगर पंचायत वेबस है। वार्ड पार्षद रविंद्र प्रसाद ने बताया कि शहर में लाइट लगाने को ठीकेदार को तीन फेज में कार्य करना था। सबसे पहले जो पूर्व से लाइट लगी थी। वहां नई लाइट लगानी थी। दूसरे फेज में जहां विद्युत पोल गड़े हैं। वहां लाइट लगानी थी। तीसरे फेज में वैसे जगह जहां पोल नहीं है। वहां पोल गाड़कर लाइट लगानी थी। उसके अलावा लाइट खराब की शिकायत पर 24 घंटे के अंदर उसे ठीक करनी है।

कुल मिलाकर पूरे शहर में करीब 4000 पोल हैं, जिसमें 2000 हजार लाइटें लगायी गयी है। अभी भी शहर के कई गलियों में लाइट लगाने का कार्य शुरू नहीं हुआ है। लगी हुई लाइट भी वर्तमान में आधे से अधिक बंद है। इस संदर्भ में कई बार कार्यपालक पदाधिकारी को कहा गया। लेकिन, मरम्मत नहीं हो सकी। इसका कोपभाजन हम प्रतिनिधियों को भुगतना पड़ रहा है। एजेंसी के कोई भी व्यक्ति यहां नहीं आता। जिससे की लाइट खराब होने की शिकायत कर सके।

नगर कार्यपालक पदाधिकारी सिंधु कमल ने बताया कि संवेदक केंद्रीय एजेंसी है। जिस पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है। वार्ड पार्षदों की शिकायत पर इस संदर्भ में कई बार विभाग को पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन अबतक कोई फलाफल नहीं मिल सका है।

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