ANMMCH अधीक्षक बोले, लापरवाही करते हैं कुछ डॉक्‍टर, डीएम ने कहा- उनपर लें कड़ा एक्‍शन

अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते डीएम। जागरण

मगध मेडिकल अस्पताल के अधीक्षक की शिकायत पर डीएम ने हिदायत दी कि कोविड मरीजों का इलाज प्राथमिकता में है। इसमें लापरवाही बर्दाश्‍त नहीं की जाएगी। उन्‍होंने फ्लू कॉर्नर एवं एमसीएच भवन के ग्राउंड फ्लोर के समीप सीसीटीवी मॉनिटर लगाने का निर्देश दिया।

Vyas ChandraTue, 18 May 2021 09:28 AM (IST)

गया, जागरण संवाददाता। मगध मेडिकल कॉलेज के कुछ डॉक्‍टर मरीजों के इलाज में आनाकानी करते हैं। एएनएमएमसीएच के अधीक्षक की इस शिकायत को गया के डीएम अभिषेक सिंह ने गंभीरता से लिया है। उन्‍होंने कहा कि यह एकदम स्‍वीकार्य नहीं है। ऐसे डॉक्‍टर को शोकॉज करें। उनपर कड़ी कार्रवाई करें। डीएम अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (Anugrah Narayan Magadh Medical college and Hospital) की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। अधीक्षक डॉ. हरिश्चंद्र हरि ने बताया कि मेडिकल में 61 बेड खाली हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि मेडिकल में अधीनस्थ सभी चिकित्सकों का रोस्टर अच्छी तरह बनाएं। मरीजों का उचित एवं समयावधि में इलाज कराना सुनिश्चित करें। अधीक्षक के यह कहने पर कि कुछ चिकित्‍सक मरीजों की देखरेख करने में आनाकानी करते हैं। जिलाधिकारी ने कड़ा एक्‍शन लेने को कहा।

अपने मरीज को देख सकें स्‍वजन इसलिए लगवाएं सीसीटीवी कैमरा 

डीएम ने फ्लू कॉर्नर भवन एवं एमसीएच भवन के ग्राउंड फ्लोर के समीप सीसीटीवी मॉनिटर लगाने का निर्देश दिया। ताकि भर्ती हुए मरीजों के परिजन अपने मरीजों का सीसीटीवी के माध्यम से देख सकें। मेडिकल के इमरजेंसी भवन एवं ईएनटी भवन में खराब पड़े सीसीटीवी को अविलंब बदलवाने का निर्देश दिया। ट्रैकिंग एवं मॉनिटरिंग कोषांग (Tracking and Monitoring Cell) के वरीय पदाधिकारी अमित पटेल ने बताया कि कोरोना से संक्रमित मरीजों के हाई रिस्क कांटेक्ट वाले व्यक्तियों की लगातार ट्रैकिंग की जा रही है।

ट्रैकिंग करते हुए कराएं कोरोना जांच 

जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि हाई रिस्क कांटेक्ट ट्रेसिंग को 24 घंटे के अंदर ट्रैकिंग करते हुए उनका सैंपल कलेक्शन लिया जाए ताकि संक्रमण का दायरा ब्रेक हो सके। होम आइसोलेशन कोषांग (Home Isolation Cell) के वरीय पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बताया कि 981 होम आइसोलेशन वाले मरीजों को मेडिकल किट उपलब्‍ध कराया गया है। सभी प्रखंडों के बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सेविका एवं एएनएम की सहायता से होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्तियों की जांच करते रहेंगे। 

पीपीई किट पहनकर मरीज से मिल सकते हैं स्वजन

इंस्टीच्यूशनल आइसोलेशन (Institutional Isolation)  के वरीय पदाधिकारी अमरेश कुमार ने बताया कि कुछ आइसोलेशन सेंटर पर कोरोना संक्रमित मरीजों से उनके स्वजन मिल रहे हैं। जिससे उनके स्वजनों को भी संक्रमित होने का खतरा रहता है। जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत दी कि इंस्टीच्यूशनल आइसोलेशन में भर्ती कोरोना के मरीजों से उनके स्‍वजन पीपीई किट पहनकर मिल सकते हैं। आइसोलेशन वार्ड के समीप वेटिंग हॉल पंडाल लगाकर बनाएं। ताकि उनके स्वजन उस पंडाल में अपने भर्ती मरीजों का चिकित्सक से हालचाल ले सकें। बैठक में सहायक समाहर्ता, अपर समाहर्ता, अधीक्षक मगध मेडिकल, निदेशक डीआरडीए, डीपीओ आईसीडीएस सहित वरीय उप समाहर्ता गण उपस्थित थे।

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