स्टेट बैंक से 12 वर्ष के बच्चे ने की डेढ़ लाख रुपये की चोरी

औरंगाबाद। एसबीआइ की मुख्य शाखा में बुधवार को चोरी की एक अनोखी घटना सामने आई है। एक महिला कर्मचारी की थोड़ी सी चूक से युवक और बच्चे को मौका मिल गया। मात्र चार मिनट के अंदर काउंटर के दराज में रखे डेढ़ लाख रुपये निकाल कर बच्चा युवक के साथ बैंक से बाहर निकल गया।

JagranWed, 04 Aug 2021 09:26 PM (IST)
स्टेट बैंक से 12 वर्ष के बच्चे ने की डेढ़ लाख रुपये की चोरी

औरंगाबाद। एसबीआइ की मुख्य शाखा में बुधवार को चोरी की एक अनोखी घटना सामने आई है। एक महिला कर्मचारी की थोड़ी सी चूक से युवक और बच्चे को मौका मिल गया। मात्र चार मिनट के अंदर काउंटर के दराज में रखे डेढ़ लाख रुपये निकाल कर बच्चा युवक के साथ बैंक से बाहर निकल गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद सब इंस्पेक्टर बीरेंद्र पासवान बैंक पहुंचे और सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। सीसीटीवी में पूरी घटना कैद है। बुधवार की दोपहर ठीक 1:30 बजे यह घटना घटी बताई जाती है। 12 वर्ष के एक अज्ञात बच्चे द्वारा इस घटना को अंजाम दिया गया है।

बताया गया कि पहले से बैंक में मौजूद पीला रंग का शर्ट पहने युवक बाहर निकलता है और करीब 12 वर्ष के एक बच्चे को लेकर बैंक में प्रवेश करता है। काउंटर संख्या 5 पर वह बच्चा किसी को नहीं देखकर अंदर चला गया। उसने वहां दराज से डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए और युवक के साथ बैंक से बाहर निकल गया। बताया गया कि काउंटर संख्या पांच पर कार्यरत महिला क्लर्क किसी कार्य से काउंटर पर उपस्थित नहीं थी। उसी दौरान चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मामले की छानबीन की है और संवाद प्रेषण तक बैंक में इस घटना को लेकर चर्चा होती रही। लेकिन, कोई भी फोन पर इस मामले में कुछ भी बताने के लिए तैयार नहीं है।

लापरवाही और सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल

बैंक की शाखा में केबिन से एक बच्चे द्वारा डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए जाने से कई सवाल उठ खड़े हुए हैं। बैंक की सुरक्षा और बैंक कर्मियों की लापरवाही को लेकर यह सवाल काफी गंभीर है। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि महिला कर्मी जब कैश काउंटर छोड़कर केबिन से निकली तो उसने दरवाजा क्यों नहीं बंद किया। सुरक्षा के लिए तीन दरवाजे थे और तीन में एक भी बंद नहीं था।

जानकारी के अनुसार, महिला कैशियर जब बाहर जा रही थी तो उसे दराज का दरवाजा बंद करना चाहिए था। वहां नोट रखे होते हैं। इसके बाद दूसरा दरवाजा केबिन का था जिसे भी बंद नहीं किया गया और तीसरा दरवाजा केबिन में एंट्री करने के लिए है, वह भी बंद नहीं किया गया था। तीन में एक भी दरवाजा अगर बंद होता तो कोई भी व्यक्ति कैश रखे हुए दराज तक नहीं पहुंच पाता। बैंक में 10 होमगार्ड तब भी चोरी

एसबीआइ की शाखा में होमगार्ड के 10 जवान तैनात हैं। सवाल उठता है कि इनके रहते कोई व्यक्ति इतना साहस कैसे कर गया कि वह केबिन में जाकर कैश काउंटर खोल कर उसमें से पैसे निकाल कर और पूरी सहजता से बैंक से बाहर निकल गया। होमगार्ड के जवान क्या कर रहे थे। यह भी प्रश्न उठाया जा रहा है। हालांकि एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि होमगार्ड का जवान इसमें दोषी नहीं है। इसलिए कि उसका काम यह देखना नहीं है कि कोई कर्मी कैश काउंटर खुला छोड़ कर जा रहा है या बंद करके। बैंक में अगर कोई हल्ला हंगामा होता, लूटपाट की घटना घटती तब होमगार्ड की भूमिका महत्वपूर्ण होती। यह विशुद्ध रूप से लापरवाही का मामला है।

तो क्या कई दिनों से हो रही थी रेकी

बैंक में जिस तरह से चोरी की घटना को अंजाम दिया गया उसके जानकारों की माने तो इसके लिए पहले से ही रेकी की गई होगी। बिना रेकी किए चार मिनट में घटना को अंजाम देना संभव नहीं है। बताया जा रहा है कि पीले शर्ट में जो युवक बच्चे को बाहर से बैंक में लाकर और पैसे निकलवा कर साथ निकल गया वह बीते कई दिनों से बैंक में रेकी कर रहा था और उसने जब अनुकूल अवसर देखा तो घटना को अंजाम दे दिया। शाखा प्रबंधक बोले पैसे की चोरी नहीं

भारतीय स्टेट बैंक की शाखा दाउदनगर के प्रबंधक विनय शील गौतम ने इस पूरे प्रकरण पर कहा कि महिला क्लर्क ज्योत्सना प्रिया ने लिखित दिया है कि उनके काउंटर से पैसे की कोई चोरी की घटना नहीं घटी है। कुछ कागजात गायब हैं। कौन-कौन से कागजात गायब हैं, इसकी जांच की जा रही है।

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डेढ़ लाख रुपये कैश काउंटर से निकाले जाने की सूचना बैंक की ओर से दी गई। इस मामले की जाच जाकर बैंक में की गई। सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया। प्रथम दृष्टया यह साफ दिख रहा कि बच्चा कैश काउंटर से रुपये निकाल कर जा रहा है। हालाकि अभी तक बैंक से लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

बीरेंद्र पासवान, दारोगा

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