उर्वरकों के मूल्य व वितरण पर की जा रही है निगरानी : डीएम

मोतिहारी। जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से जिला

JagranTue, 15 Jun 2021 12:13 AM (IST)
उर्वरकों के मूल्य व वितरण पर की जा रही है निगरानी : डीएम

मोतिहारी। जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के माध्यम से जिला उर्वरक निगरानी समिति की बैठक हुई। उक्त बैठक में गन्ना उद्योग एवं विधि मंत्री सह- मोतिहारी विधायक प्रमोद कुमार, विधायक राणा रणधीर सिंह, कृष्ण नंदन पासवान, मनोज कुमार यादव, लालबाबू प्रसाद गुप्ता, पवन कुमार जयसवाल, श्यामबाबू प्रसाद यादव, शालिनी मिश्रा, सुनील मणि तिवारी, प्रमोद कुमार सिन्हा, विधान पार्षद खालिद अनवर ने हिस्सा लिया। जिलाधिकारी द्वारा उर्वरक निगरानी समिति के दायित्व के बारे में बताया गया। कहा कि इस खरीफ मौसम में धान का आच्छादन का लक्ष्य 183000 हेक्टेयर रखा गया है। जिसमें धान का बिचड़ा 54 फीसद लगा दिया गया है। धान की रोपनी अभी शुरू नहीं हुई है। मक्का का आच्छादन लक्ष्य 12000 हेक्टेयर रखा गया है। डीएम द्वारा उर्वरक के माहवार आवश्यकता के बारे में जानकारी दी गई। बताया कि अप्रैल से सितंबर तक 48683 मीट्रिक टन यूरिया, 15966 मेट्रिक टन डीएपी, 4500 मीट्रिक टन एमओपी, 9293 एमटी, एनपीके 4800 एमटी की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से 10 जून तक 18360.9 मीट्रिक टन उर्वरक की बिक्री हुई है। अभी 3060 मिट्रिक टन उर्वरक शेष है। जिलाधिकारी ने बताया कि सभी उर्वरकों के दाम विभिन्न कंपनियों द्वारा निर्धारित निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि 20-21 में 106 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई। जिसमें 3 पर प्राथमिकी दर्ज की गई है, 9 का लाइसेंस रद किया गया है, 18 का निबंधन निलंबन किया गया है। उन्होंने बताया कि जिला में खुदरा उर्वरक लाइसेंसधारियों की संख्या 1614 है, थोक उर्वरक लाइसेंसधारियों की संख्या 50 है। खुदरा बीज लाइसेंस धारियों की संख्या 1146 है। कीटनाशक लाइसेंसधारियों की संख्या 162 है। इफको ई बाजार लाइसेंस धारी की संख्या 7 है। जिलाधिकारी से उर्वरक घोटाले न हो, गेहूं खरीद में गडबडी न हो एवं खाद निर्धारित दर पर बिक्री हो यह सुनिश्चित करने हेतु अनुरोध किया। सदस्यों ने कहा कि खाद बाजार में ब्लैक में ना मिले यह सुनिश्चित प्रशासन द्वारा किया जाना चाहिए। जिस व्यक्ति को लाइसेंस दिया गया है उसका प्रॉपर ट्रेनिग हो ट्रेनिग के बाद उसे पॉश मशीन उपलब्ध कराया जाए। जिला पदाधिकारी ने आश्वस्त किया कि दिए गए सुझाव को अमल में लाया जाएगा। गेहूं खरीद में बिचौलियों पर निगरानी रखी जाएगी तथा कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि यदि किसी पंचायत में गेहूं की खरीद नहीं हुई है उस पंचायत में कैंप लगाकर गेहूं खरीद किया जाएगा। जिला कृषि पदाधिकारी के द्वारा लाइसेंस लेने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। उक्त वीडियो कांफ्रेंसिग में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपनीय शाखा, जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी - सह - जिला सूचना जनसंपर्क पदाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद थे।

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