यूपीएससी में परिचय ने दो बार लहराया कामयाबी का परचम

यूपीएससी क्वालीफाई करना हर किसी का सपना होता है। मेहनत लगन एवं निरंतर प्रयास से सपनों को पंख लगते हैं जो मंजिल तक ले जाते हैं। इसी मंत्र को आत्मसात कर पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया प्रखंड अंतर्गत कपूरपकड़ी गांव निवासी परिचय कुमार ने अपने सपने का साकार किया है।

JagranSun, 26 Sep 2021 12:42 AM (IST)
यूपीएससी में परिचय ने दो बार लहराया कामयाबी का परचम

मोतिहारी । यूपीएससी क्वालीफाई करना हर किसी का सपना होता है। मेहनत, लगन एवं निरंतर प्रयास से सपनों को पंख लगते हैं जो मंजिल तक ले जाते हैं। इसी मंत्र को आत्मसात कर पूर्वी चंपारण जिले के चिरैया प्रखंड अंतर्गत कपूरपकड़ी गांव निवासी परिचय कुमार ने अपने सपने का साकार किया है। इससे पूर्व की कामयाबी के बाद परिचय ने दूसरी बार भी सफलता का परचम लहराया है। तीन प्रयासों में दो बार सफल होना इनके लगन एवं जुनून के स्तर को दर्शाता है। परिचय उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के रिटायर्ड ब्रांच मैनेजर अजय कुमार एवं गीता देवी के बड़े पुत्र हैं। वर्तमान में वे मोतिहारी के छोटा बरियारपुर में रहते है। इनके छोटे भाई प्रवेश कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मोतिहारी के सीएस डीएवी स्कूल से पूरी की। उसके बाद आगे की शिक्षा पहले बोकारो में प्राप्त की, फिर मैसूर के एनआइसी कॉलेज से इंजीनियरिग की। आइआइएम लखनऊ से मैनेजमेंट भी किया। इसके बाद मुंबई में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में जॉब करने लगे। यहां उन्होंने जुलाई 2019 में ज्वाइन किया था एवं दिसंबर 2020 तक जॉब किया। श्री कुमार कहते हैं कि तैयारी के दौरान सिर्फ एक वर्ष के लिए ही उन्होंने जॉब छोड़ा था। बाकी हर समय वे जॉब करते रहे और तैयारी भी की। इससे पहले परिचय को दूसरे प्रयास में यूपीएससी में कामयाबी मिली थी। लेकिन रैंक उनके आशा के अनुरूप नहीं मिला। उसमें उन्हें 600वां रैंक मिला था। उन्हें आइआरटीएस मिला और वर्तमान समय में वे इसमें कार्यरत भी हैं। लेकिन आइएएस-आइपीएस बनने की चाह ने उनके जुनून को कम नहीं होने दिया। इसका परिणाम आज सबके सामने है। परिचय कुमार कहते है कि इस बार उन्हें उम्मीद है कि आइपीएस मिल जाएगा। इस बार उन्हें 410वां रैंक मिला है। अपनी सफलता को लेकर परिचय का कहना है कि आजकल किसी भी ट्यूशन-कोचिग में ज्यादा पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। क्योंकि सारे मैटेरियल ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उन्होंने सिर्फ सेल्फ स्टडी की। किसी भी तरह के ट्यूशन अथवा कोचिग को ज्वाइन नहीं किया। हां, टेस्ट सीरीज ज्वाइन किया था। यह मेंस के लिए जरूरी भी है। श्री कुमार कहते हैं कि सिविल सर्विसेज की तैयारी के दौरान हताश और निराश ना हों। लगातार मेहनत करते रहें। इस परीक्षा के लिए लंबी तैयारी एवं ज्यादा मेहनत की दरकार होती है।

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