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एसआरपी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन समाप्त होने की सूचना पर मच गई खलबली

एसआरपी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन समाप्त होने की सूचना पर मच गई खलबली

एसआरपी हॉस्पिटल में गुरुवार को ऑक्सीजन सिलेंडर समाप्त होने की सूचना पर खलबली मच गई। कोरोना संक्रमित मरीज और परिवार के लोग बेचैन हो गए। अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों को रेफर करने की स्थिति उत्पन्न हो गई।

JagranFri, 14 May 2021 01:22 AM (IST)

रक्सौल । एसआरपी हॉस्पिटल में गुरुवार को ऑक्सीजन सिलेंडर समाप्त होने की सूचना पर खलबली मच गई। कोरोना संक्रमित मरीज और परिवार के लोग बेचैन हो गए। अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों को रेफर करने की स्थिति उत्पन्न हो गई।

जिला प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कार्यपालक पदाधिकारी सह निर्वाची पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि डीएम के निर्देश पर मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है। टीम सभी विंदुओं पर जांच करेगी। ऑक्सीजन सिलेंडर आपूर्ति मामले में कैसे चूक हुई। इस तरह की स्थिति क्यो पैदा हुई। इसके लिए जिम्मवर कौन है। कोरोना महामारी से लोग पीड़ित हैं। इस तरह की सूचना से लोगो मानसिक रूप से तनाव में होंगे। पीड़ित परिवार बेचैन होगा। इसके अलवे अन्य बिदुओ पर जांच कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।

जानकारी के अनुसार लक्ष्मीपुर में स्थित उक्त हॉस्पिटल में कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने यह सूचना चस्पा कर दी कि एक घंटे का ही ऑक्सीजन बचा है। अपने-अपने मरीजों को रेफर करा लें। जिससे लोग भयभीत हो गए। स्थिति भयाक्रांत हो गई। राजद नेता रवि मस्करा ने बताया कि उनके संबंधी भर्ती हैं। परिजन यह कहने लगे कि वे अब कहां जाएं। क्या करें। पीड़ित लोगों ने विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा को सूचना दी। जिसपर त्वरित कार्रवाई करते हुए विधायक ने जिलाधिकारी कपिल शीर्षत अशोक से बात की। जिलाधिकारी के निर्देश पर त्वरित तौर पर डंकन हॉस्पिटल से 10 व हरसिद्धि प्लांट से 15 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। ऑक्सीजन समाप्त होने की सूचना पर विधायक, प्रभारी एसडीओ सह डीसीएलआर राम दुलार राम, कार्यपालक पदाधिकारी सह दंडाधिकारी संतोष कुमार सिंह, बीडीओ संदीप सौरभ, सीओ विजय कुमार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी आनंद गौतम आदि पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान एसआरपी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सामने नहीं आये। बताया गया कि वे कोविड संक्रमित हो गए हैं। आइसोलेशन में हैं। विधायक ने बताया कि स्टॉक में 13 सिलेंडर मौजूद था जो करीब ढाई घंटे चल सकते थे। इस बीच प्रशासन की पहल पर तत्काल दस ऑक्सीजन सिलेंडर डंकन अस्पताल उपलब्ध कराया गया है। जैसी स्थिति अस्पताल प्रबंधन ने उत्पन्न ने की इस तरह की कोई बात नहीं थी। सरकार और प्रशासन की इसे बदनामी होती है

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प्रशासन की पैनी नजर: डीसीएलआर

डीसीएलआर सह प्रभारी एसडीओ रामदुलार राम ने बताया कि उक्त हॉस्पिटल पर पैनी नजर है। अपनी कमी को छुपाने के लिए इस तरह का माहौल बनाया गया है। फिलहाल हॉस्पिटल में 34 सिलेंडर है। पांच दिनों के अंदर जिले में सबसे अधिक 210 ऑक्सीजन सिलेंडर एसआरपी सहित अलग-अलग जगहों पर उपलब्ध हुआ है। ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत कहां हुई यह जांच का विषय है। हॉस्पिटल पर 133 के तहत कार्रवाई होगी।

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सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने पर मौत की थी आशंका : अस्पताल प्रशासक

अस्पताल प्रशासक देवाशीष ने बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन को लगातार संपर्क किया जा रहा था। अगर समय पर ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं होता तो मौत होने की संभावना थी। इस लिए दो घण्टे पहले प्रशासन, मरीजों को और उनके परिजनों को नोटिस चस्पा कर सूचना देनी पड़ी। हरसिद्धि स्थित ऑक्सीजन प्लांट से भी संपर्क किया गया लेकिन कोई सार्थक जवाब नहीं मिलने पर नोट्स चस्पा करना पड़ा। फिलहाल ऑक्सीजन सिलेंडर प्राप्त हो चुका है। स्थिति सामान्य है।

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