बेहतर उत्पादन को किसान जीरो टिलेज से करें गेहूं की बुआई : अरविद

बेहतर उत्पादन को किसान जीरो टिलेज से करें गेहूं की बुआई : अरविद

मोतिहारी। किसान जीरो टिलेज से रबी फसल में गेहूं की बुआई कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर स

Publish Date:Mon, 30 Nov 2020 11:33 PM (IST) Author: Jagran

मोतिहारी। किसान जीरो टिलेज से रबी फसल में गेहूं की बुआई कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। रबी फसलों में गेहूं के लिए उपयुक्त समय है। उक्त बातें कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख वैज्ञानिक अरविद कुमार सिंह ने कहीं। उन्होंने बताया कि बाढ़ आने के कारण किसान खेतों को फेलोलैंड छोड़ दिया था। उसमें किसान तोरी, मसूर, गेहूं आदि फसल लगा सकते हैं। इन खेतों में जो किसान तोरी नहीं लगाए हैं वे जीरो टिलेज से अविलंब लगा सकते हैं। साथ ही गेहूं के लिए भी मौसम अनुकूल है। इसके लिए पीबीडब्लू 343, 443, एचडी 2733, 2824, के- 9107, 307, सीबीडब्लू 38, डीबीडब्लू 39, एचयूडब्लू 2062, 268 आदि किस्म की अनुशंसा बेहतर उत्पादन के लिए की गई है। उन्होंने बताया कि जो किसान चना लगाना चाहते हैं वे चना उन्नत किस्म पूसा 256, केपीजी 65, पंतजी 165, व पूसा 372 अनुशंसित है। वहीं सरसों की खेती में किसानों को देरी नहीं करनी चाहिए। इसके लिए खेतों में 40 किलोग्राम नेत्रजन, 40 किलोग्राम पोटाश, तथा 30 से 40 किलोग्राम, गंधक 30-15 से मीटर कतार बनाकर प्रति हेक्टेयर में पांच किलोग्राम बीज दे सकते है। वहीं आलू के लिए भी यह मौसम अनुकूल है। राजेंद्र 2 व 3 बीज इसके बेहतर उत्पादन के लिए अनुशंसित किया गया है। बीज को डायेथेनएम 45 के 0.2 प्रतिशत घोल में डालकर 10 से 15 मिनट छाया में सूखाकर तब रोपनी करना बेहतर होगा। प्रति हेक्टेयर में 20 से 25 क्विटल बीज लगाया जा सकता है। 50 से 60 सेंटीमीटर की दूरी पर क्यारी तैयार कर आलू की रोपनी बेहतर होगी। इस प्रकार किसान वैज्ञानिक पद्धति से खेती कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।

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