हंगामे से अस्पताल प्रशासन ने नहीं लिया सबक, नहीं हुआ अल्ट्रासाउंड जांच का पुख्ता इंतजाम

दरभंगा। स्थान डीएमसीएच का रेडियोलॉजी विभाग, समय सुबह के नौ बजे। अहले सुबह से ही अल्ट्रासाउंड जांच कराने को लेकर मरीज पूर्जा लेकर पंक्ति में खड़े थे। मरीजों व परिजनों की लंबी कतार लगी थी। भीड़ इतनी की जांच कराने वाले मरीजों की कतार मेडिसीन विभाग के गेट तक पहुंच गई थी। मात्र एक गार्ड के सहारे दर्जनों मरीजों की सुरक्षा थी। हरेक मरीज पंक्ति में खड़े होकर अपने-अपने बोतलों से पानी पी रहे थे, ताकि उनकी जांच सही हो सके। इस विभाग में डॉक्टरों की ड्यूटी सुबह नौ बजे से निर्धारित है, लेकिन कोई डॉक्टर सही समय पर विभाग में नहीं पहुंचे थे। डॉक्टर तो समय से नहीं पहुंचे, लेकिन पहले से ही मरीजों के पूर्जे के अनुसार जांच के लिए सूची बन रही थी। अचानक विभाग के अंदर से सूचना आई कि अब किसी की जांच नही होगी। आज का कोटा फुल हो गया है। जिन्हें जांच की सूची में शामिल किया गया, वैसे मरीज भगवान को दुआ दे रहे थे। जिन मरीजों का नाम जांच की सूची में शामिल नहीं हुआ, वैसे मरीजों में आक्रोश था। स्थिति हंगामे की ओर बढ़ रही थी, लेकिन किसी तरह स्थिति नियंत्रित की गई। करीब तीन दर्जन से अधिक मरीज बैरंग लौट गए। विभाग सन्नाटे में तब्दील हो गया। इसके बाद यह विभाग 11.44 बजे तक डॉक्टर विहीन हो गया। गार्ड इधर-उधर चहलकदमी कर रहे थे। एक दिन पहले हुई घटना को लेकर प्रभारी विभागाध्यक्ष चिकित्सक और कर्मियों की सुरक्षा की गुहार लगाने प्राचार्य के चैंबर में पहुंचे थे। एक रेजिडेंट डॉक्टर विभाग के काम से अन्य कार्यालय की ओर गए थे। एक वरीय डॉक्टर पहले से ही छुट्टी पर थे। दो में से एक जूनियर रेजिडेंट और पीजी डॉक्टर मरीजों की जांच करने में जुटे थे। इस विभाग में 18 डॉक्टरों की जगह मात्र तीन डॉक्टर कार्यरत हैं। एक्स-रे यूनिट में कर्मी बैठे थे। दो कर्मी दो पंजी लिए गेट से निकल गए। इसी बीच पटना से एक इंजीनियर तीन अल्ट्रासाउंड मशीन की मरम्मत के लिए विभाग में पहुंचे थे। बता दें कि डीएमसीए के रेडियोलॉजी विभाग में 18 नवंबर को अल्ट्रासाउंड जांच को लेकर मरीज और परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। इसके बावजूद भी डीएमसीएच प्रशासन आज सजग नही दिखा। एक ही जांच मशीन पर मरीजों का इलाज चल रहा था। जबकि, यहां दो नए अल्ट्रासाउंड जांच मशीन दो माह पूर्व आपूर्ति हो चुके हैं। यह मशीन एनेशथिसिया विभाग के पास है।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.