निजी स्कूलों के प्रस्वीकृति आवेदन के लिए निर्धारित समय सीमा समाप्त, कई हो सकते बंद

दरभंगा संवाद सहयोगी । शिक्षा विभाग के निबंधन पोर्टल पर निजी स्कूलों के निबंधन आवेदन की डेडल

JagranWed, 08 Dec 2021 12:10 AM (IST)
निजी स्कूलों के प्रस्वीकृति आवेदन के लिए निर्धारित समय सीमा समाप्त, कई हो सकते बंद

दरभंगा संवाद सहयोगी । शिक्षा विभाग के निबंधन पोर्टल पर निजी स्कूलों के निबंधन आवेदन की डेडलाइन 30 नवंबर को समाप्त हो गई। आनलाइन आवेदन के प्रिट की प्रति भी बिहार शिक्षा परियोजना के करमगंज स्थित जिला कार्यालय में जमा कर दी गई। इसके बावजूद निजी स्कूलों के संचालक दिन रात कार्यालय का तो चक्कर लगा ही रहे हैं। सबंधित पदाधिकारियों के आवास पर भी दस्तक दे रहे हैं । कुछ संचालक तो विधिवत एक समूह बना कर पदाधिकारियों से मिलकर अद्यततन स्थिति की जानकारी ले रहे हैं । सबके चेहरे पर हवाई उड़ रही है । सर्दी के मौसम में भी माथे पर पसीने की बूंदे मंगलवार को बता रही थी कि कुछ ना कुछ लोचा है । कुछ ना कुछ गड़बड़झाला है । अंदरखाने यह प्रमाणित भी हो गया कि निजी स्कूल संचालकों के माथे पर चिता की लकीरें गहरी क्यों हो रही है ? तह में जाने पर मालूम हुआ कि सरकार के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा कानून के तहत जिले के 398 निजी स्कूलों को प्रस्वीकृति मिली हुई है । इसके अलावा कोरोनाकाल की समाप्ति के बाद दर्जनों नए विद्यालय भी वजूद में आये हैं जिन्हें प्रस्वीकृति की आवश्यकता है । सरकार ने अब प्रस्वीकृति के लिए जिला स्तर पर आवेदन की प्रक्रिया बंद कर दी है । प्रस्वीकृति के नवीकरण या नयी प्रस्वीकृति के लिए सभी विद्यालयों को अपनी संस्था का निबंधन का अभिलेख , भूमि का अभिलेख , आधारभूत संरचना का विवरण , शिक्षकों की सूची के लिए विभाग के निबंधन पोर्टल पर आवेदन के निर्देश के साथ तीस नवंबर तक की डेडलाइन निर्धारित थी। लेकिन निबंधन पोर्टल में कुछ तकनीकी लोचा था जिसके लिए साइबर कैफे वालों ने काफी नखरे दिखाए । कही कहीं तो हजारों खर्च कर आनलाइन आवेदन किया गया । इसके बावजूद लगभग 175 स्कूल जिन्हें प्रस्वीकृति प्राप्त है वो आवेदन करने से वंचित रह गए । ऐसे स्कूल संचालकों को भय सता रहा है कि कहीं सरकार उन्हें शटर गिराने का आदेश ना जारी कर दे । जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आवेदन कर दिया है वह भी बेचैन है । कारण है कि उनके अभिलेख में भी कमी है । उन्हें भय सता रहा है कि मानक के अनुसार आवेदन नहीं होने से उनके स्कूल पर भी बंदी की तलवार ना लटक जाए । एक तो दो वर्ष के कोरोनाकाल ने निजी स्कूल संचालकों की कमर आर्थिक रूप से पहले ही तोड़ दी है । अब रही सही कसर प्रस्वीकृति की चिता तोड़ रही है । हालांकि जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि प्रस्वीकृति तो जिला स्तर से ही प्रदान की जाएगी । विभाग जिले को उसके जिले के स्कूलों का आवेदन भेजेगा उसके बाद जो निर्देश होगा उसका पालन किया जाएगा।

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