स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श

स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श

दरभंगा। स्वामी विवेकानंद जयंती मंगलवार को युवा दिवस के रूप में विश्वविद्यालय से लेकर स्कूल और

JagranWed, 13 Jan 2021 12:51 AM (IST)

दरभंगा। स्वामी विवेकानंद जयंती मंगलवार को युवा दिवस के रूप में विश्वविद्यालय से लेकर स्कूल और कॉलेजों में मनाई गई। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय सभागार में दर्शनशास्त्र विभाग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद के जीवन- दर्शन युवा वर्ग एवं कौशल विकास विषय एक गोष्ठी आयोजित की गई। इसकी अध्यक्ष कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने की। कहा कि स्वामी विवेकानंद 21 वीं शताब्दी में भारत ही नहीं विश्व के युवाओं के आदर्श हैं। विवेकानंद के जीवन दर्शन और आदर्शों से युवाओं को बड़ी ताकत मिलती है, युवा ऊर्जावान होते हैं और अपने जीवन लक्ष्य को प्राप्त करने की ओर अग्रसर होते हैं। स्वामी विवेकानंद का जीवन दर्शन तीन शक्तियों से अहर्निश और ऊर्जान्वित होती है। वें तीन शक्तियां है, धनशक्ति, शारीरिक शक्ति और आध्यात्मिक शक्ति है। लेकिन इन तीनों शक्तियों में आध्यात्मिक शक्ति ही सबसे प्रबल है, क्योंकि इसके द्वारा आत्मबल का विकास होता है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर करता है। प्रतिकुलपति प्रोफेसर डॉली सिन्हा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के आदर्श तो थे ही अपने समकालीन संयासियों से सर्वथा भिन्न भी थे। उनका आध्यात्मिक दर्शन विज्ञान से भी समन्वित था। उनकी मान्यता थी कि मनुष्य एक समय में एक ही कार्य पूरी निष्ठा और समर्पण से करें। यही कारण है कि विवेकानंद केवल 39 वर्ष की अल्पायु में भारत ही नहीं पूरे विश्व क्षितिज पर भारतीय ज्ञान, दर्शन और अध्यात्म की ध्वजा स्थापित किया। प्रो. जितेंद्र नारायण ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने पूरे विश्व को मार्गदर्शन करने वाले एवं मानवीय मूल्यों को स्थापित करने वाले सच्चे तप: पूत और पुरोधा के रूप में जाने जाते हैं। यह सच है कि भारत पूरी दुनिया में जगतगुरु रहा हैं। भारतीय इतिहास के प्रत्येक कालखंड में इसकी आध्यात्मिक अस्मिता विपरीत परिस्थितियों में भी बनी रही है। स्वामी विवेकानंद ने वेदांत दर्शन को नए मूल्यों से संपोषित कर संपूर्ण मानव जगत को एक नई ऊर्जा से स्पंदित किया। कुलसचिव डॉ. मुश्ताक अहमद ने कहा कि युवा दिवस सह स्वामी विवेकानंद जयंती को भारत ही नहीं पूरे विश्व को प्रेरणा दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए। स्वामी विवेकानंद शिकागो धर्म संसद के पश्चात भौगोलिक सीमाओं से ऊपर उठकर संपूर्ण विश्व के महापुरुष के रूप में सम्मानित हो गए। स्वामी विवेकानंद ने धर्म, जाति, समुदाय एवं संकीर्णताओं से ऊपर उठने की सीख दिया हैं।

आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना विषय पर निबंध प्रतियोगिता

विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभागों के छात्रों के बीच स्वामी विवेकानंद जयंती पर आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें सौ से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी सहभागिता की। उन प्रतिभागियों में से नेहा कुमारी अंग्रेजी विभाग एवं शहाना खातून रसायन विभाग को संयुक्त रूप से प्रथम स्थान, साक्षी झा भौतिकी विभाग एवं कौशल किशोर झा रसायन विभाग को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान, शैली प्रिया भौतिकी विभाग एवं मनीषा प्रिया शिक्षाशास्त्र विभाग को संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। इन सभी प्रतिभागियों को कुलपति ने प्रमाण देकर सम्मानित किया। विचार गोष्ठी में वित्तीय परामर्शी कैलाश राम, विज्ञान संकायाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय मीडिया सेल के अध्यक्ष प्रो. रतन कुमार चौधरी, संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. जीवानंद झा, जयशंकर झा, अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. अशोक कुमार झा, दूरस्थ शिक्षा के निदेशक प्रो. अशोक मेहता, भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अरुण कुमार सिंह, सीसीडीसी डॉ. सुरेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. एसएन राय, डीआर प्रथम कामेश्वर पासवान, पेंशन अधिकारी डॉ. सुरेश पासवान, विकास अधिकारी प्रो. केके साहू, दूरस्थ शिक्षा के सहायक कुलसचिव डॉ. केएन श्रीवास्तव, एनएसएस समन्वयक डॉ. आनंद प्रकाश गुप्ता, मीडिया सेल के मनीष राज सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद थे। विचार गोष्ठी का संचालन डॉ. अमरनाथ झा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. विनोद बैठा ने किया।

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युवाओं के विकास से ही देश का विकास संभव

एलएसएम कॉलेज दरभंगा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की ओर से स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर एक भारत श्रेष्ठ भारत अभियान के तहत राष्ट्रीय युवा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. विद्यानाथ झा ने की। कार्यक्रम का आरंभ महाविद्यालय परिसर में स्वच्छ भारत अभियान के तहत युवाओं ने महाविद्यालय की सफाई कर की। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की प्रतिकुलपति प्रो. डॉली सिन्हा ने कहा कि युवाओं के विकास से ही देश का विकास संभव है। भारत में युवाओं की संख्या किसी भी देश से अधिक है। यह युवा शक्ति हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रेम मोहन मिश्र ने कहा कि युवा शक्ति जागृत होगी तभी भारत विश्व गुरु बन सकेगा । विवेकानंद ने कहा था, उठो, जागो और तब तक चलते रहो, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति ना हो जाए। प्राचार्य प्रो. विद्यानाथ झा ने कहा कि युवा शक्ति के सही मार्गदर्शन के लिए शिक्षण संस्थानों को उम्दा बनाना आवश्यक है। मौके पर वर्सर अवधेश कुमार मिश्रा, आइक्यूएसी के समन्वयक डॉ विनोद कुमार मिश्र, अनूप कुमार राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक रूद्रा नंद महाराज, सुजीत कुमार पासवान, प्रभाकर कुमार सिंह, कृष्णा कुमार, सुमन कुमार, आदर्श आनंद, आदित्य मिश्रा, गुड्डू कुमार, श्रुति कुमारी, सिपी कुमारी, स्मृति कुमारी, श्वेता कुमारी, आकाश आर्य, चंदन कुमार, अवधेश कुमार, ओम राज, सचिन और दीपक कुमार समेत अन्य मौजूद थे।

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विवेकानंद ने छात्रों को चरित्रवान और अनुशासन पर बल दिया

राष्ट्रीय सेवा योजना कोषांग द्वारा स्वामी विवेकानंद की 158 वीं जयंती मनाई गई। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अध्यक्ष शिवाकांत झा और राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. सत्यवान कुमार ने कहा कि देश में कई महापुरुष हुए हैं जिनके अनमोल विचारों से इंसान जीवन में बहुत कुछ सीख सकता है। वहीं स्वामी विवेकानंद महान पुरुषों में से एक हैं जिन्होंने छात्रों के चरित्रवान और अनुशासन पर बल दिया। मौके पर भूसंपदा पदाधिकारी डॉ. अवधेश चौधरी प्राचार्य बालमुकुंद मिश्र, संस्कृत महाविद्यालय बख्तियारपुर के डॉ. कमलेंद्रचक्रपाणि डॉ. संतोष पासवान स्नात्कोत्तर कार्यक्रम पदाधिकारी सेवा योजना ज्ञान प्रकाश झा, अभिनंदन मिश्र, अमरेश कुमार, संस्कृत छात्र संगठन के अध्यक्ष पंकज मिश्र, चंदन कुमार, मनोरंजन कुमार झा, कृपानाथ महापात्र, मनाली निशा पूजा समेत अन्य मौजूद थे।

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सीएम कॉलेज में प्रतिभागियों को किया गया सम्मानित

सीएम कॉलेज में एनएसएस इकाई के तत्वावधान में मंगलवार को विवेकानंद जयंती के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन किया गया। राष्ट्र निर्माण में स्वामी विवेकानंद का योगदान विषय पर भाषण प्रतियोगिता में खुल्द महफूज प्रथम, मो. सरफराज द्वितीय तथा कुमार सौरभ ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विवेकानंद के सपनों का भारत विषय निबंध प्रतियोगिता में शांभवी कुमारी को प्रथम, पारस दास को द्वितीय तथा प्रकाश कुमार झा एवं नीरज कुमार ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकारी प्रतियोगिता में नीरज कुमार को प्रथम, खुशबू कुमारी को द्वितीय तथा अजय कुमार दास को तृतीय स्थान अर्जित किया। वहीं नारा लेखन में नीरज कुमार को प्रथम, प्रकाश कुमार झा को द्वितीय एवं खुशबू कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में डॉ. आरएन चौरसिया, प्रो. संजीव कुमार, डॉ. रीता दुबे,डॉ. मीनाक्षी राणा तथा कार्यक्रम के संयोजक अखिलेश कुमार राठौर सहित छात्र-छात्राएं शामिल थे।

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राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत केएस कॉलेज में मनाया गया स्वामी विवेकानंद की जयंती

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम के तहत कुंवर सिंह महाविद्यालय में मंगलवार को स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह मनाई गई। प्राचार्य डॉ. मो. रहमतुल्लाह ने कहा कि भारत सरकार ने वर्ष 1984 में स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस को मनाने का निर्णय लिया था। इसे मनाने का मुख्य लक्ष्य भारत के युवाओं को के बीच स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और विचारों के महत्व को फैलाना है। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने कहा कि स्वामी ने हिदू धर्म के पुनरुद्धार में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आज नए भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका के लिए स्वामी विवेकानंद का जीवन एक आदर्श होगा। मौके पर डॉ. शांभवी कुमारी, डॉ. प्राची मरवाहा, डॉ. अभिषेक राय ,डॉ. अरुण कुमार सिंह, डॉ. सुनील कुमार, कर्मचारी संघ के नेता हर्षवर्धन सिंह, विनोद कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह, कबड्डी संघ के प्रशिक्षक अमित कुमार चौधरी, विश्वनाथ पासवान, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक शुभम कुमार झा, गौतम झा, सत्यम कुमार, केशव कुमार ईश्वर, मेघा रानी, अंशु कुमारी ,ज्योति कुमारी, मुस्कान कुमारी ,सुरभि कुमारी ,अंजली कुमारी ,भारती कुमारी आदि आदि मौजूद थे।

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ऑनलाइन माध्यम से मनाई गई स्वामी विवेकानंद की जयंती

महारानी अधिरानी रमेश्वरलता संस्कृत महाविद्यालय दरभंगा में मंगलवार को ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से स्वामी विवेकानंद की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के हिन्दी विभाग की प्राध्यापिका सह एक भारत श्रेष्ठ भारत नोडल पदाधिकारी शालिनी त्रिपाठी एवं राजनीति विभागीय प्राध्यापक डॉ. मुकेश प्रसाद निराला ने राष्ट्रीय सेवा योजना के पदाधिकारी ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. दिनेश झा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के प्रेरणा हैं।

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