डीएमसीएच में कोरोना संक्रमित की सर्जरी आसान नहीं

दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यदि कोरोना संक्रमित मरीज सर्जरी या हड्डी रोग से पीड़ित होकर आ जाए तो उन मरीजों का इलाज यहां संभव नहीं हो सकेगा। उन्हें सीधे पटना रेफर होना पड़ेगा। कारण यह कि यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग छोड़कर किसी भी विभाग के पास संबंधित कोविड-19 ऑपरेशन थिएटर (ओटी) नहीं है।

JagranTue, 27 Jul 2021 02:21 AM (IST)
डीएमसीएच में कोरोना संक्रमित की सर्जरी आसान नहीं

दरभंगा । दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में यदि कोरोना संक्रमित मरीज सर्जरी या हड्डी रोग से पीड़ित होकर आ जाए तो उन मरीजों का इलाज यहां संभव नहीं हो सकेगा। उन्हें सीधे पटना रेफर होना पड़ेगा। कारण यह कि यहां स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग छोड़कर किसी भी विभाग के पास संबंधित कोविड-19 ऑपरेशन थिएटर (ओटी) नहीं है। कोरोना के कहर की दूसरी लहर बीत गई। लेकिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को छोड़कर अन्य विभागों के मरीजों के लिए केंद्रीकृत कोविड ऑपरेशन थिएटर का निर्माण हो सका है। इस स्थिति में अगर अन्य विभागों से संबंधित मरीज यहां गंभीर स्थिति में आते हैं तो उनका इलाज कैसे होगा, यह संकट खड़ा हो गया। सरकार की ओर से लगातार इस सिलसिले में आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं। लेकिन, स्थानीय स्तर पर आपात स्थिति से निबटने के लिए उपाय नहीं तलाशे जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार सर्जरी, हड्डी, ईएनटी और नेत्र रोग विभाग में कोविड-19 संक्रमित के लिए आपरेशन थिएटर की व्यवस्था नहीं है। बताते हैं कि जिन विभागों में कोविड ऑपरेशन थिएटर नहीं हैं, वहां के रोगियों को पटना रेफर कर दिया जाता है। यह स्थिति कोरोना के पहले और दूसरे चरण से कायम है।

इधर, तीसरी लहर की आशंका है, लेकिन इसकी तैयारी शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि स्त्री एवं प्रसूती रोग विभाग में कोरोना की लहर के पहले चरण में ही कोविड-19 के मरीजों के लिए आपरेशन थिएटर और डिलेवरी टेबल का पुख्ता इंतजाम किया जा चुका है। अलग से आपरेशन थियेटर तैयार किया गया है। डीएमसीएच का यह पहला विभाग है जहां इस तरह का प्रबंध किया जा चुका है। नार्मल डिलेवरी रूम में अलग से कोरोना मरीज के लिए तीन टेबल लगाए गए हैं। जबकि, गंभीर मरीजों के लिए अलग से आपरेशन थिएटर तैयार है। इसे कैजुअल्टी आपरेशन थिएटर के समक्ष बनाया गया है। यहां आए मरीजों की पहले कोविड की जांच कराई जाती है। यही कारण है कि स्त्री रोग से संबंधित मरीजों को यहां से पटना रेफर नहीं किया जाता है। इसका नतीजा यहां के मरीज और चिकित्सक सुरक्षित हैं। इस तरह की व्यवस्था से चिकित्सकों के संक्रमित होने का खतरा भी काफी घटा है। कहते हैं सर्जरी विभाग के अध्यक्ष : सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डा. वीएस प्रसाद बताते हैं कि उनके विभाग में अलग से आपरेशन थिएटर नहीं है। लेकिन, मेडिकल एथिक्स के अनुसार अलग से आपरेशन टेबल या थिएटर की व्यवस्था होनी चाहिए या केंद्रीयकृत ओटी टेबल जरूरी है। इससे चिकित्सक और मरीज को सुरक्षित रहने की संभावना बनी रहती है। ----------------------- कहते हैं अधीक्षक : अस्पताल के अधीक्षक डा. मणिभूषण शर्मा बताते हैं कि सभी विभागों से संबंधित कोविड-19 मरीजों का आपरेशन सुरक्षात्मक किट और उपकरण के साथ किया जाता है। इसमें कोई परेशानी नहीं होती है। अलग-अलग विभागों के मरीजों के लिए कोविड-19 ओटी नहीं है। -

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