मैराथन दौड़ के नाम पर आरोपित ने वसूले थे छह लाख

दरभंगा। कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के खेल मैदान में 10 नवंबर को आयोजित बिहार अंतरराष्ट्रीय मैराथन दौड़ में प्रतिभागियों से ठगी मामले में पुलिस ने मंगलवार को बहेड़ा थाना क्षेत्र में छापेमारी की। हालांकि, मुख्य आरोपित को दबोचने में पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। हालांकि, सोमवार को पुलिस के हत्थे चढ़े संस्था के समन्वयक गंगा यादव ने पूछताछ में कई खुलासा किए हैं। उसने पुलिस को बताया कि वह मुख्य आरोपित रमणजी यादव का बतौर कर्मी के रूप में काम कर रहा था। वह अल्लपट्टी स्थित कार्यालय खोलकर ऑफ लाइन आवेदन ले रहा था। मात्र 740 प्रतिभागियों से उसने आवेदन और निबंधन शुल्क लेने की बात कही है। इसमें 21 किमी, 10 किमी, 5 किमी, 2 किमी और 1600 मीटर दौड़ के लिए उसने 740 आवेदकों से छह लाख 25 हजार रुपये लेने की बात स्वीकार की। सारा रुपया रमणजी यादव को देने की बात कही है। बताया कि ऑफ लाइन से प्राप्त होने वाली राशि कहां जमा होती थी, इस संबंध में उसे कोई जानकारी नहीं है। बताया जाता है कि ऑनलाइन आवेदन करने वालों की संख्या हजारों में है। गंगा के निशानदेही पर पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की। सूत्रों का कहना है कि पुलिस को बैंकिग से संबंधित काफी मात्रा में कागजात प्राप्त हुआ है। इस आधार पर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कितने प्रतिभागियों से ठगी की गई है। इधर, पुलिस ने पूछताछ के बाद गिरफ्तार किए गए बहेड़ा थाना के त्रिमुहानी निवासी जीवछ यादव के पुत्र गंगा यादव को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

प्रतिभागियों ने किया था उग्र आंदोलन : दौड़ में शामिल होने आए सैकड़ों प्रतिभागियों को जब ठगे जाने की जानकारी मिली तो सभी अचानक उग्र हो गए। देखते ही संस्कृत विवि मैदान में बनाए गए दो पंडालों और एक मैजिक वैन को आग के हवाले कर दिया। स्थिति को देख आयोजक जान बचाकर फरार हो गए। दरअसल घोषणा के बावजूद प्रतिभागियों को ना तो जर्सी दी गई, ना ही बुनयादी सुविधाएं। लाखों की ठगी करने की सूचना फैलते ही जो प्रतिभगी जहां थे, वहीं बवाल करने लगे। धू-धूकर जल रहे पंडाल में एक-एक कुर्सियां, टेबल, बाजा, जनरेटर आदि सामान को उठाकर आग के हवाले कर दिया गया। मैदान से बाहर खड़े प्रतिभागियों ने बाघ मोड़ के पास जमकर उत्पात मचाया था। सड़क किनारे दो फल और एक चाय की दुकान को आग के हवाले कर दिया था। यहां तक की वहां बने पुलिस चेक पोस्ट को तोड़ डाला। आते-जाते लोगों की जमकर धुनाई कर दी। बता दें कि सभी समूहों में दस-दस सफल प्रतिभागियों के बीच 13 लाख रुपये इनामी राशि देने की घोषणा की गई थी। इसके लिए एक बेवसाइट भी बनाया गया था, जिसे देश के अधिकृत इंडिया रनिग संस्था से लिक कर दिया गया। यही कारण था कि देश के विभिन्न राज्यों के अलावा केन्या, वेस्टइंडीज आदि कई देशों से भी महिला और पुरूष प्रतिभागी दौड़ में शामिल होने के लिए पहुंचे थे।

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