कोरोना संक्रमण को ले मंदिरों में पहली सोमवारी पर रहे सुरक्षा के कड़े प्रबंध

बक्सर कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के संभावित आगमन को देखते हुए सावन की पहली सोमवारी

JagranMon, 26 Jul 2021 09:59 PM (IST)
कोरोना संक्रमण को ले मंदिरों में पहली सोमवारी पर रहे सुरक्षा के कड़े प्रबंध

बक्सर : कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के संभावित आगमन को देखते हुए सावन की पहली सोमवारी पर शहर के सभी मंदिरों में ताले लटके रहे। इस दौरान प्रसिद्ध मंदिरों के बाहर उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन के आदेश पर सुबह से ही चौक चौराहों से लेकर विभिन्न मंदिरों आदि पर पुलिस बल तथा दंडाधिकारी तैनात थे।

सावन की पहली सोमवारी पर आमतौर पर शिवजी पर जलाभिषेक के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण दो साल से श्रद्धालुओं को बाबा पर जलाभिषेक का मौका नहीं मिल पा रहा है। इस बीच कोरोना के तीसरी लहर के संभावित आक्रमण को देखते हुए सरकार द्वारा पहले ही सभी मंदिरों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया गया है। इस संबंध में डीएम और एसपी द्वारा जारी संयुक्तादेश के आलोक में सोमवारी पर उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए सुबह से ही चौक चौराहों पर पुलिस बल के साथ दंडाधिकारियों को तैनात कर दिया गया था। शहर के रामेश्वरनाथ मंदिर और नाथबाबा मंदिर के मुख्य द्वारा को बंद कर अल सुबह से ही पुलिस बलों की गश्त शुरू हो गई थी। इस दौरान मंदिर के बाहर से भी पुलिस किसी को भी जलाभिषेक की अनुमति नहीं दे रही थी। फिर भी बाबा के भक्त हाथों में जल और पूजा सामग्री लेकर आते रहे और पुलिस उन्हें दूर से ही वापस लौटाती रही।

किला मैदान के सभी गेट बंद

हर साल सोमवारी पर दूर दराज के ग्रामीण इलाकों से काफी अधिक संख्या में लोग बड़े वाहनों से रामेश्वरनाथ और नाथबाबा मंदिरों में जलाभिषेक को आते हैं। ऐसे में बाहर से आने वाले वाहन किला मैदान में ही अपना पड़ाव डाला करते हैं। इन संभावनाओं को देखते हुए देर रात को ही किला मैदान में प्रवेश के सभी मार्ग बंद कर दिए गए थे, वहीं सुबह में पुलिस बलों को तैनात कर दिया गया था।

गौरीशंकर मंदिर पर बाहर से होता रहा जलाभिषेक

जिला प्रशासन के आदेश को देखते हुए तमाम मंदिरों के कपाट पहले ही बंद कर दिए गए थे, बावजूद इसके श्रद्धालु अपनी आस्था के वशीभूत मंदिरों की ओर खींचे चले आते थे। इस बीच शहर के गौरीशंकर मंदिर परिसर में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगातार जारी रहा। लोग पूजा सामग्री और जल लेकर आते थे और मंदिर के द्वार पर ही अभिषेक कर वापस लौट जाते थे। हालांकि, गौरीशंकर मंदिर समेत शहर के कई अन्य छोटे शिवालयों पर पुलिस अथवा दंडाधिकारी की कोई व्यवस्था दिखाई नहीं दी, जिसका फायदा उठाते हुए श्रद्धालु बेरोकटोक मंदिर परिसर में सैकड़ों की संख्या में जमा रहे।

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