ब्रह्मालीन नाथ बाबा को हरिद्वार में अभिषेक के बाद दी गई समाधि

ब्रह्मालीन नाथ बाबा को हरिद्वार में अभिषेक के बाद दी गई समाधि

बक्सर रविवार को श्री सिद्धनाथ आश्रम बक्सर के पीठाधीश्वर श्री नाथ बाबा के समाधि लेने की सूचना मि

JagranMon, 19 Apr 2021 09:50 PM (IST)

बक्सर : रविवार को श्री सिद्धनाथ आश्रम बक्सर के पीठाधीश्वर श्री नाथ बाबा के समाधि लेने की सूचना मिलने के बाद से लगातार शहर के नाथबाबा मंदिर पर लगातार श्रद्धालुओं के पहुंचने का तांता लगा हुआ है। इस बीच हरिद्वार से मिली सूचना के अनुसार वहां मौजूद श्री त्रिलोकी नाथ के आश्रम परिसर में ही बाबा को विधिवत भजन कीर्तन और अभिषेक आदि के बाद समाधि दी गई है। इस अवसर पर महाआयोजन में सम्मिलित होने के लिए दूर-दूर से नाथ संप्रदाय के साधू संतों के अलावा बक्सर से भी बड़ी संख्या में उनके भक्त अपने-अपने निजी वाहनों से हरिद्वारा के लिए रविवार को ही रवाना हो गए थे।

इस संबंध में जानकारी देते पूज्य बाबा के परम शिष्य महा मंडलेश्वर शीलनाथ जी महाराज ने बताया कि रविवार की शाम तीन बजे श्रीनाथ बाबा परम समाधि में जाने के बाद नश्वर शरीर का त्याग कर दिए थे। उसके बाद से ही बाबा को एक चौकी पर स्थापित कर भजन कीर्तन आदि शुरू हो गया था। सोमवार की सुबह दस बजे से विधिवत पूजन प्रक्रिया के बीच चौकी पर बैठाकर गंगा जल के अलावा तीर्थों के जल तथ पंचामृत के साथ पंचगव्य से स्नान कराकर नया वस्त्र और कुंडल आदि पहनाया गया। फिर पालकी में बैठाकर मंदिर में परिक्रमा कराते हुए सभी देवताओं का दर्शन कराया गया। उन्होंने बताया कि बाबा जी की परम इच्छा थी कि जहां उनकी समाधि बनेगी वहां देवदार की लकड़ी से मंदिर नुमा बनाकर उसी के बीच उन्हें स्थापित किया जाए। बाबा की इच्छज्ञ के अनुसार ही देवदार की लकड़ी से मंदिर बनवाने के बाद वहां बैठाया गया और भजन कीर्तन के बीच शिवलिग स्थापित कर उनका अभिषेक किया गया। इस अवसर पर बाबा गोरक्षनाथ के नाथ संप्रदाय के जितने भी संत महात्मा, आसपास के नाथ संप्रदाय के महंत आदि काफी दूर-दूर से आकर समाधि की प्रक्रिया के साथ अभिषेक में शामिल हुए।

बताते चलें कि हरिद्वार में आयोजित कुम्भ स्नान में शामिल होने के लिए श्रीनाथ मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीनाथ बाबा हरिद्वार स्थित अपने आश्रम पर गए हुए थे। इस बीच विगत कई दिनों से चल रहे पूजा पाठ के बीच ही श्रीनाथ बाबा ने अपने शिष्यों को इस बात का संकेत दे दिया था कि 18 अप्रैल को वह समाधि लेने जा रहे हैं। इसके दो दिन पूर्व से ही उन्होंने अन्न जल का पूरी तरह त्याग कर दिया था, और पूर्व घोषित समय पर ठीक तीन बजे शाम को उन्होंने अपने शरीर का त्याग कर दिया। जिसने भी इस खबर को सुना एकबारगी यकीन नहीं कर पा रहा था। इस बीच उनके शिष्यों और भक्तों में से कुछ लोग यूपी में चल रहे का‌र्फ्यू के बीच भी अपने निजी वाहनों से हरिद्वार के लिए रवाना हो गए और वहां पहुंचकर अंतिम समाधि में भाग लिया।

तीन दिन बाद पूजन, 12वें दिन भंडारा

महामंडलेश्वर श्री शीलनाथ जी ने बताया कि आज की प्रक्रिया पूरी करने के तीन दिन बाद पूजन और कीर्तन आदि होगा। इसके साथ ही नित्य ओम नम: शिवाय का लगातार जाप चलता रहेगा। इसके बाद बारहवें दिन हरिद्वारा में ही महा भंडारा का आयोजन किया जाएगा। इसके चालीसवें दिन बक्सर में भंडारा किया जाएगा। एक साल बाद उनकी चादरपोशी की जाएगी।

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