विश्व एड्स दिवस पर निकली रैली, कार्यशाला का आयोजन

बक्सर एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस

JagranWed, 01 Dec 2021 09:39 PM (IST)
विश्व एड्स दिवस पर निकली रैली, कार्यशाला का आयोजन

बक्सर : एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। बुधवार को इस अवसर पर एक तरफ जहां सदर अस्पताल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। वहीं, लोगों के मन से एचआइवी के संशय को दूर करने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति के निर्देश पर जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। साथ ही, सरकारी अस्पतालों में पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसके माध्यम से शहरी व ग्रामीण इलाकों के लोगों तक एड्स व उसके निदान की जानकारी साझा की गई।

सदर अस्पताल में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता सिविल सर्जन डा.जितेन्द्र नाथ ने की। इस दौरान जिला संचारी रोग पदाधिकारी डा.नरेश कुमार ने एचआइवी-एड्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने एचआइवी का संक्रमण कैसे फैलता है और इसकी जांच और इलाज के लिए जिले में उपलब्ध सुविधाओं पर चर्चा की। मौके पर उपाधीक्षक डा.भूपेन्द्र नाथ, प्रभारी आइसीटीसी डा.अनिल कुमार सिंह, डा.आर के गुप्ता, डीपीएम संतोष कुमार, परामर्शी सह प्रभारी जिला आइसीटीसी पर्यवेक्षक एस दास, सुंदरम कुमार, नरेन्द्र कुमार पांडेय, सविता कुमारी, ब्रजनंदन पंडित, प्रकाश कुमार आदि मौजूद थे। इस अवसर पर शिवकृपाल दास के नेतृत्व में एक जागरुकता रैली का भी आयोजन किया गया।

मरीजों के लिए संक्रमण के होते हैं अलग-अलग स्टेज

सदर पीएचसी के एमओआईसी डा. सुधीर कुमार ने बताया कि एचआइवी मरीजों के लिए संक्रमण के अलग अलग स्टेज होने के कारण एड्स के लक्षण भी अलग अलग होते हैं। हालांकि, एचआइवी पीड़ित पहले कुछ महीनों में सबसे अधिक संक्रामक होते हैं, लेकिन फिर भी कई लोगों को यह एहसास नहीं होता है कि वे बाद के स्टेज तक संक्रमित हैं। शुरुआती स्टेज के दौरान, लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते या इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी जैसे कि बुखार, सिरदर्द, चकत्ते या गले में खराश नजर आता है।

एचआइवी के शुरुआती लक्षण नहीं दिखते

डा. सुधीर कुमार ने बताया कि प्रारंभिक एचआइवी लक्षण आमतौर पर संचरण के एक से दो महीने के भीतर उत्पन्न होते हैं। हालांकि, वे एक्सपोजर के दो सप्ताह बाद ही आ सकते हैं। इसके अलावा, कुछ लोगों को एचआईवी होने के बाद शुरुआती लक्षणों का अनुभव नहीं हो सकता है। यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि ये प्रारंभिक एचआइवी लक्षण सामान्य बीमारियों और स्वास्थ्य स्थितियों से भी जुड़े हैं। एचआइवी स्थिति के बारे में सुनिश्चित होने के लिए, परीक्षण के विकल्पों के बारे में चिकित्सकों से बात करने पर विचार करें।

टेस्ट से ही एचआइवी संक्रमण की पहचान

किसी व्यक्ति को एचआईवी है या नहीं, यह जानने का एकमात्र तरीका टेस्ट है। एचआइवी टेस्ट करवाना ही यह निर्धारित करने का एकमात्र तरीका है कि वायरस शरीर में है या नहीं। ऐसे ज्ञात जोखिम कारक हैं, जो किसी व्यक्ति के एचआइवी संक्रमित करने की आशंका को बढ़ाते हैं। उदाहरण के लिए, जिन लोगों ने बिना कंडोम का इस्तेमाल किए एक से ज्यादा लोगों से यौन संबंध बनाएं हैं या एक ही सुई को साझा किया है उन्हें अपने नजदीकी अस्पताल में जाकर एड्स की जांच अनिवार्य रूप से करानी चाहिए।

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