दिल्ली

उत्तर प्रदेश

पंजाब

बिहार

उत्तराखंड

हरियाणा

झारखण्ड

राजस्थान

जम्मू-कश्मीर

हिमाचल प्रदेश

पश्चिम बंगाल

ओडिशा

महाराष्ट्र

गुजरात

अब आपकी तबीयत कैसी है सर, कैसा महसूस कर रहे हैं आप..

अब आपकी तबीयत कैसी है सर, कैसा महसूस कर रहे हैं आप..

बक्सर अब आपकी तबीयत कैसी है सर कैसा महसूस कर रहे हैं आप। आपको दवा मिली है या नही

JagranFri, 14 May 2021 09:16 PM (IST)

बक्सर : अब आपकी तबीयत कैसी है सर, कैसा महसूस कर रहे हैं आप। आपको दवा मिली है या नहीं। आप टेंशन मत लीजिए, चिता नहीं कीजिए। आज जल्द ही ठीक हो जाइएगा। होम आइसोलेशन में रह रहे एक मरीज से अभी बातें हो ही रही थी कि तब दूसरे मोबाइल पर घंटी बजने लगी। संबंधित कर्मचारी ने फोन उठाया और मरीज को उचित सलाह देने लगे। यह नजारा है सदर अस्पताल स्थित जिला स्वास्थ्य समिति में बनाए गए कंट्रोल रूम का।

दरअसल, जिला स्तर पर बने कंट्रोल रूम से इस तरह की सकारात्मक बातें कोविड के होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को बताई जा रही हैं। इस दौरान मरीजों को सकारात्मक सलाह दी जा रही है ताकि, बीमारी से लड़ने के लिए उनका मनोबल ऊंचा रहे। इसके अलावा उन्हें दवा मिली या नहीं और उनकी तबीयत में सुधार है अथवा पहले से ज्यारा गिरावट आई है इसके बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है। इसके माध्यम से होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का फॉलोअप किया जाता है कि उन्हें कहीं कोई परेशानी तो नहीं है। कई बार मरीज भी फोन करते हैं और अपनी शंका का समाधान करते हैं।

पीले कार्ड पर प्रतिदिन दर्ज होता है आंकड़ा

कंट्रोल रूम से मरीजों के फॉलोअप के दौरान वहां बनाए गए पीला कार्ड पर प्रतिदिन मरीज से संबंधित आंकड़ा उसमें दर्ज किया जाता है। बताया जाता है कि वहां होम आइसोलेशन में रह रहे प्रत्येक मरीज का एक पीला कार्ड बनाया गया है। उसमें संबंधित मरीज के बारे में विस्तृत जानकारी रहती है। मसलन, उन्हें क्या परेशानी है और वे किन-किन दवाओं का सेवन कर रहे हैं आदि उसमें दर्ज रहता है।

कई बार असहज स्थिति का करना पड़ता है सामना

नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कंट्रोल रूम में तैनात एक कर्मचारी ने बताया कि कई बार उन्हें असहज स्थिति का सामना करना पड़ जाता है। ऐसी परिस्थिति का सामना तब करना पड़ता है जब वे किसी मरीज का हालचाल लेने के लिए फोन करते हैं और उधर से बताया जाता है कि वह मरीज तो अब इस दुनिया में नहीं रहे। इस स्थिति में कई बार उन्हें संबंधित मरीज के परिजनों की खरी-खोटी भी सुननी पड़ती है।

घर जाने के बाद भी मरीजों के शंका का समाधान करते हैं कर्मी

कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारियों को ड्यूटी के पश्चात घर जाने के बाद भी कई बार मरीजों के शंका का समाधान करना पड़ता है। दरअसल, वहां कार्य कर रहे कर्मचारियों को अपने मोबाइल से ही मरीजों का फॉलोअप करना होता है। ऐसे में जब वे ड्यूटी से छूट जाते हैं ओर घर चले जाते हैं तब भी कई बार मरीज अपनी शंका के समाधान के लिए उन्हें फोन करते हैं और कर्मियों को उसका समाधान करना पड़ता है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.