राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चे के दिल में छेद का हुआ इलाज

बक्सर जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड के छोटकी नैनीजोर के रहने वाले उमेश चौधरी का पुत्र अंकित

JagranSun, 26 Sep 2021 08:20 PM (IST)
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम से बच्चे के दिल में छेद का हुआ इलाज

बक्सर : जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड के छोटकी नैनीजोर के रहने वाले उमेश चौधरी का पुत्र अंकित कुमार जन्मजात बीमार रहता था। गरीबी के कारण उसके पिता किसी बड़े चिकित्सक से उसे दिखा नहीं पाते और ग्रामीण चिकित्सक से ही उसका इलाज करा रहे थे लेकिन, आरबीएसके(राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम) ने बच्चे की जिदगी संवार दी। उसके दिल में हुए छेद का मुफ्त में इलाज किया गया और आज अंकित के पिता उमेश चौधरी ऑपरेशन के बाद आरबीएसके को धन्यवाद देते नहीं थकते।

आरबीएसके के जिला को-आर्डिनेटर डा.विकास कुमार ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य जांच के नियमित कार्यक्रम के अंतर्गत आरबीएसके की टीम जब नैनीजोर में बच्चों का परीक्षण करने पहुंची और बच्चे की जांच की तो आरबीएसके ने इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चे की सर्जरी के बारे में बच्चे के स्वजनों को बताया। आरबीएसके चिकित्सक डा.अशरफ तब्बसुम ने बच्चे का आरबीएसके रेफरल कार्ड बनाकर उसे सदर अस्पताल रेफर किया। सदर अस्पताल में आरबीएसके के डीसी के द्वारा बच्चे की जांच शिशु रोग विशेषज्ञ से कराई गई और उसके बाद मुफ्त एम्बुलेंस से उसे आइजीआइएमएस भेजा गया। पिछले दिनों वहां बच्चे की विधिवत जांच हुई और 25 सितंबर को उसके हृदय का आपरेशन कराया गया। पिता ने कहा- धनाभाव में छोड़ दी थी बच्चे की उम्मीद

अंकित के इलाज के बाद प्रसन्न उसके पिता उमेश चौधरी ने बताया कि उन्होंने तो धनाभाव में बच्चे की उम्मीद ही छोड़ दी थी लेकिन, आरबीएसके की टीम भगवान बनकर आई और उनके बच्चे का मुफ्त में इलाज हो सका। उन्होंने बताया कि इससे पहले बच्चे के बार-बार बीमार पड़ने पर लोगों की सलाह पर वह आरा के शिशु रोग विशेषज्ञ से जब मिले थे तो बच्चे के दिल में छेद की जानकारी मिली थी। तब बताया गया था कि इसके इलाज में बहुत पैसा लगेगा और पैसे के अभाव में वह इलाज नहीं करा पा रहे थे। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत होता है बच्चों का मुफ्त इलाज

जिला कार्यक्रम प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत 0 से 18 साल तक के बच्चों का मुफ्त में पांच लाख रुपये तक का इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि अंकित का इलाज भी इसी कार्यक्रम के अंतर्गत कराया गया। डीपीएम ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत बच्चों की कई जन्मजात बीमारी जैसे फटे होंठ, न्यूरल टयूब डिफेक्टस, स्पाइनल कॉर्ड और रीढ़ की हड्डी की जन्मजात विकृति, जन्मजात मोतियाबिद या क्लबफुट आदि का मुफ्त में इलाज होता है। जानकारी और जरूरत के लिए संपर्क कर सकते हैं

डॉ.विकास कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम

मोबाइल नंबर- 9304050912

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