चौसा मुक्तिधाम की व्यवस्था में सुधार, शवदाह को लग रही कतार

चौसा मुक्तिधाम की व्यवस्था में सुधार, शवदाह को लग रही कतार

बक्सर कैमूर भभुआ से 35 किलोमीटर दूर चांद थाना गोहुवा गांव से अपने पिता का शव का अंतिम स

JagranSun, 16 May 2021 09:39 PM (IST)

बक्सर : कैमूर भभुआ से 35 किलोमीटर दूर चांद थाना गोहुवा गांव से अपने पिता का शव का अंतिम संस्कार करने को लेकर 95 किलोमीटर चल कर चौसा मुक्तिधाम पहुंचे राजेन्द्र गोंड, तथा 60 किलोमीटर दूर भभुआ से अपने पिता का शव लेकर आये अमीरचंद साह ने बताया कि दाह संस्कार के लिए यूपी की ओर जाने में लकड़ी साथ नहीं रहने पर रोकटोक हो रही है, इसलिए वे चौसा मुक्ति धाम आए हैं, यहां अभी व्यवस्था ठीक है, लेकिन शव दाह के लिए चबूतरा और शेड नहीं होने से परेशानी हो रही है।

दरअसल, जब से दैनिक जागरण ने आर्थिक संकट के कारण गंगा में शव को बहाए जाने का मामला उजागर किया है, तब से यूपी पुलिस सजग हो गई है। वह अपनी ओर भी सतर्कता बरत रही है और बिहार की ओर से आने वाले शवों को भी लकड़ी साथ रहने पर उस ओर जाने दे रही है। इसकी पड़ताल के लिए जागरण टीम चौसा कर्मनाशा पुल स्थित सीमा पर पहुंची, तो वहां सीमा पर अस्थायी चेकपोस्ट दिखा। इसके सम्बन्ध में वहा तैनात पुलिस जवान से चेकपोस्ट स्थापित करने का उद्देश्य पूछा तो वह सामान्य रूप से इसी तरह वाहनों के आने जाने का कारण पूछ जाने की इजाजत की बात बताई। लेकिन, जब शव लेकर जाने वालों की रोक पर सवाल किया तो वह जवान घबरा गया, थोड़े देर के बाद सहज होते हुए बताया कि हम लोग किसी को वापस नही कर रहे है। बशर्ते शव जलाने की लकड़ी लेकर आने वालों को जाने दिया जा रहा है। जो जलप्रवाह करना चाहते हैं, वैसे लोगो पर रोक है।

चौसा मुक्तिधाम की व्यवस्था में सुधार, शवदाह को लगने लगी कतार

विगत दिनों चौसा शमशान घाट व महर्षि च्यवन स्थल स्थित महादेवा घाट के बीच गंगा तट पर अत्याधिक मात्रा में शव मिलने से चर्चा में रहा यह स्थल अब पूरी तरह बदल गया है। जहां गंदगी की भरमार रहने वाला चौसा श्मशान घाट की व्यवस्था में अब सुधार हो गया है। आज एक बार फिर से शवदाह को लेकर कतार लग रही है। आज चौबीसों घण्टे पुलिस-प्रशासन की देख-रेख की जा रही है। जहा स्थल पर साफ-सफाई के साथ सैनिटाइज किया जा रहा है। प्रशासनिक आंकड़े की बात करे तो विगत 9 मईर्को उतराते शव का मामला सामने आने के बाद 10 मई को केवल सात शवों का दाह संस्कार हुआ। 11 मई को 12 शव व 12 मई को 13 शव का दाह-संस्कार किया गया। जबकि 13 मई को 23 शव का व 14 को 7 शव का अंतिम संस्कार किया गया। लेकिन 15 मई को लगातार दाह- संस्कार को शव का आने का सिलसिला जारी रहा। दोपहर 12 बजे तक लगभग एक दर्जन शव का अंतिम संस्कार किया गया। विद्युत शवदाह गृह बने तो लगे जल प्रवाह पर रोक

जब से गंगा तट पर शव मिलने की खबर चर्चा में हुई। तब से चौसा मुक्तिधाम स्थल पूरी तरह चर्चा में आ गया। आस-पास व स्थानीय प्रखंड से लगायत राजपुर व इटाढ़ी के अलावा कैमूर व रोहतास जिले के लोग भी आते थे। लेकिन, इस स्थल पर व्यवस्था के नाम पर कुछ नही था। जहा न शवदाह गृह है न ही कोई विशेष ठहरने की व्यवस्था, वही तंगहाल सड़क से लोग शव लेकर अंतिम संस्कार करने जाते है। आज तात्कालिक व्यवस्था के तहत वैकल्पिक तौर पर जिला प्रशासन द्वारा लाइट की व्यवस्था व साफ-सफाई की व्यवस्था कराई गई है। हालांकि, यह अस्थाई व्यवस्था कबतक रहेगी, इस पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व जिला परिषद सदस्य मनोज कुमार यादव ने कहा कि घाट को मुक्तिधाम के रूप में विकसित करने के लिए पर्याप्त जमीन है। यदि, यहां विद्युत शवदाह गृह बन जाए तो जल प्रवाह पर स्थाई रोक लग सकेगा।

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