कोरोना के साए में सादगी से मनी ईद, न गले मिले न हाथ मिले

कोरोना के साए में सादगी से मनी ईद, न गले मिले न हाथ मिले

बक्सर ईद का त्योहार अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में शुक्रवार को सादगी पूर्ण तरीके से

JagranFri, 14 May 2021 09:15 PM (IST)

बक्सर : ईद का त्योहार अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में शुक्रवार को सादगी पूर्ण तरीके से मनाया गया। इस मौके पर मुसलमान भाइयों ने एक दूसरे को भाईचारगी एवं अमन का पैगाम दिया। गुरुवार की शाम चांद का दीदार होते ही पूरे इलाके में ईद पर्व को लेकर खुशियां मनाने का दौर शुरू हुआ। हालांकि, कोरोना के साए में मनी ईद में गले और हाथ मिलाकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद नहीं दी गई।

लगातार तीस दिनो तक रोजा रखकर शुक्रवार को ईद के दिन शुकराना (ईद-उल-फितर) का नमाज मजहबियों द्वारा अपने अपने घरों में की गई। ईद का मुबारकबाद एवं भाईचारगी व अमन का पैगाम दिया। फिलहाल कोरोना संक्रमण को लेकर जारी लाकडाऊन को लेकर इलाके के किसी भी मस्जिदों में ईद उल फितर की नमाज अदा नहीं की गई। रोजेदार अपने अपने घरों मे नमाज अदा कर फिजिकल डिस्टेंसिग के लिहाज से एक दूसरे को गले लगाने की जगह सादगी पूर्ण तरीके से ईद का त्योहार मनाया गया। क्षेत्र के पुराना भोजपुर, नया भोजपुर, चौगाईं, कोरानसराय, मठिला, नाजीरगंज एवं मुरार सहित कई इलाकों में ईद का त्योहार मनाया गया। इस दौरान पूरे इलाके में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। विशेषकर सोशल मीडिया पर ईद की बधाई देने वाले प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। ईद पर्व के मद्देनजर पूरे इलाके में पुलिस प्रशासन के साथ दंडाधिकारी को की मुस्तैदी देखी गई।

जेल में भी दिखी ईद की खुशियां बंदियों ने उठाया सेवइयों का लुत्फ

बक्सर : कोरोना की बंदिशों के बीच पूरे जिले में ईद-उल-फितर हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। लोगों ने अपने अपने घरों से फिजिकल डिस्टेंसिग का अनुपालन करते हुए नमाज अता की। इस दौरान लोगों ने बिना गले मिले एक दूसरे को ईद की मुबारकबाद भी दी।

केंद्रीय कारा में भी मुस्लिम धर्मावलंबियों के बीच पर्व को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। जेलर त्रिभुवन सिंह ने बताया कि 90 मुस्लिम कैदियों में से 30 ने रोजे रखे थे। उन्होंने पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ अपने रोजे पूरे किए। ईद के मौके पर जेल प्रशासन की तरफ से सभी बंदियों के बीच सेवइयां बांट कर उन्हें बधाई दी गई। जेलर ने बताया कि जेल में हर वर्ग और धर्म के कैदी एक साथ रहते हैं। सभी ने एक दूसरे को पर्व की बधाइयां दी साथ ही फिजिकल डिस्टेंसिग का अनुपालन करते हुए एक दूसरे को मुबारकबाद भी दी।

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