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शिवगुरु परिचर्चा के भक्तिरस में ज्ञान प्राप्त करने उमड़े श्रद्धालु

बक्सर : शुक्रवार को स्थानीय नगर में अनुमंडलस्तरीय शिव-शिष्य परिचर्चा का आयोजन किया गया। एक दिन का यह आयोजन नगर के मां लक्ष्मी सभागार में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ शिव शिष्यों ने शिव के गुरु स्वरुप की चर्चा की। इसका आयोजन डुमरांव के शिव शिष्य परिवार ने किया था। इसमें जयद्रथ सिंह, नंदकिशोर सिंह, गोपालजी और गोपाल जी के अलावा कौशल्या देवी, प्योरलाल जी, तेतर देवी, अंजोरियां देवी, तारा देवी, देवान्ति देवी, शांति देवी, दुलारी देवी और उषा देवी ने भगवान शिव के गुरु स्वरुप की विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया। दिन भर चले इस कार्यक्रम में जिला के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। नगर के अलावा इलाके के गांवों से भी श्रद्धालु शिव-शिष्य भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। शिव-शिष्य परिचर्चा में जुटे शिव शिष्यों ने कहा कि शिव आज के युग के ही नहीं बल्कि आदि काल से गुरु की भूमिका में हैं। शिव गुरु अपने शिष्यों से सिर्फ भाव चाहते हैं। वक्ताओं ने कहा कि समूचे ब्रह्मांड में गुरु-शिष्य का रिश्ता ही बिना किसी के लाभ-हानि के है। गुरु महिमा का विश्लेषण करते हुए कहा कि गुरु बिना किसी भेद-भाव के अपने शिष्यों का कल्याण करते हैं। भगवान शिव को गुरु मानने मात्र से प्राणियों का कष्ट दूर होता है।

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