बक्सर में फाइलेरिया रोधी दवा वितरण शुरू

बक्सर। फाइलेरिया मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से सोमवार को सदर पीएचसी से सर्वजन दवा सेवन अभियान की शुरुआत हुई। अभियान का उद्घाटन जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. शैलेन्द्र कुमार व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. सुधीर कुमार द्वारा किया गया।

JagranMon, 20 Sep 2021 11:13 PM (IST)
बक्सर में फाइलेरिया रोधी दवा वितरण शुरू

बक्सर। फाइलेरिया मुक्त जिला बनाने के उद्देश्य से सोमवार को सदर पीएचसी से सर्वजन दवा सेवन अभियान की शुरुआत हुई। अभियान का उद्घाटन जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. शैलेन्द्र कुमार व प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. सुधीर कुमार द्वारा किया गया। मौके पर दोनों अधिकारियों ने खुद फाइलेरिया मुक्ति की दवा का सेवन कर अभियान की विधिवत शुरुआत की। इसके बाद सभी स्वास्थ्य कर्मियों व सहयोगी संस्थाओं के कर्मियों ने भी एमडीए की दवा खाकर लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाओं का सेवन करने के संदेश दिया।

डा. शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए सभी को डीईसी व अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जानी है। अधिक बीमार, गर्भवती व दो वर्ष से कम आयु के बच्चों को दवा नहीं खिलाई जाएगी। सदर प्रखंड के चिकित्सा पदाधिकारी डा सुधीर कुमार ने कहा कि लोगों को फाइलेरिया मुक्ति की दवा खिलाने के लिए अभियान की शुरुआत एक साथ की गई है। इस अभियान के लिए सदर प्रखंड के साथ साथ पूरे जिले में आशा कार्यकर्ता घर-घर जाएंगी तथा लोगों को अपने सामने दवा का सेवन करवाएंगी। इसके लिए जिला, प्रखंड व पंचायत स्तर अलग-अलग स्वास्थ्यकर्मियों की टीम गठित की गई है। मौके पर बीएचएम सुशील कुमार, बीसीएम प्रिस कुमार सिंह, केयर बीएम आलोक कुमार एवं सहयोगी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

अपने सामने दवा का सेवन कराएंगी आशा कार्यकर्ता

खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है। फाइलेरिया उन्मूलन सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम में 02 वर्ष से 05 वर्ष के बच्चों को डीईसी तथा अल्बेंडाजोल की एक- एक गोली, 06 वर्ष से 14 वर्ष तक के लोगों को डीईसी की दो तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली एवं 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन तथा अल्बेंडाजोल की एक गोली खिलाई जाएगी। लोगों द्वारा अल्बेंडाजोल का सेवन आशा की उपस्थिति में चबाकर किया जाना है। फाइलेरिया का प्रमुख लक्षण हाथ-पैर या हाइड्रोसील में सूजन होना

केयर के बीएम आलोक कुमार ने बताया कि फाइलेरिया एक गंभीर बीमारी है। यह जान तो नहीं लेती है, लेकिन जिदा आदमी को मृत के समान बना देती है। इस बीमारी को हाथीपांव के नाम से भी जाना जाता है। फाइलेरिया के प्रमुख लक्षण हाथ या पैर या हाइड्रोसील में सूजन का होना होता है। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाली एक गंभीर बीमारी है। यदि समय पर फाइलेरिया की पहचान कर ली जाए तो जल्द इलाज शुरू किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों में इसको लेकर जागरूकता बहुत जरूरी है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.