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..और क्षणभर में उजड़ गई स्नेहा की दुनिया

बक्सर : बीस के डेरा गंगा घाट पर स्नान करने के क्रम में डूबने से हुई प्रदीप श्रीवास्तव की मौत ने स्नेहा की दुनिया उजाड़ दी। सपने में भी उसने नहीं सोचा होगा कि यह दिन देखने को मिलेगा। परन्तु, ईश्वर को कुछ ऐसा ही मंजूर था। असामयिक मौत के शिकार हुए पति के शव के समीप रोती कलपती स्नेहा की कारूणिक वेदना से पूरा जनमानस मर्माहत था। लोगों के लाख संत्वना देने के बावजूद उसकी स्थिति पागलों जैसी थी। ऐसी ही स्थिति दो अन्य मृतक युवकों के स्वजनों की भी थी। पुत्र शोक में सबकी आंखों से आंसू की अविरल धारा प्रवाहित हो रही थी। मृतक के पिता पवन लाल ने बताया कि गंगा स्नान बेटे के जिदगी की आखिरी यात्रा होगी। यह किसी नहीं सोचा था।

गांव में मातमी सन्नाटा व्याप्त

घटना के बाद से मझवारी गांव में मातमी सन्नाटा व्याप्त है। आलम यह है कि पीड़ित परिवार को स्थानीय लोग और उनके सगे संबंधी सांत्वना देने का भी साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। स्वजनों का हृदय विदारक क्रंदन मानवीय संवेदनाओं को झकझोर रही है। बावजूद, कुछ लोग उन्हें सांत्वना देने का प्रयास भी किए। मगर उन लोगों पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा।

घटना पर प्रतिनिधियों ने व्यक्त की संवेदना

ब्रह्मापुर विधायक शंभूनाथ सिंह यादव ने तीनों युवकों के असामयिक मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस घटना से वे काफी आहत है। वहीं, भाजपा नेता सत्येन्द्र कुंवर एवं परशुराम चतुर्वेदी ने कहा कि इस घटना ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने तत्काल बीस के डेरा गंगा घाट पर खतरे का संकेतक बोर्ड लगाने के लिए जिला पदाधिकारी से मांग भी की। इसके अलावा इस हृदय विदारक घटना पर दुख व्यक्त करने वालों में पूर्व प्रखंड प्रमुख माधुरी श्रीवास्तव, सुशील लाल, अंशु कुमारी, मुखिया संतोष वर्मा, प्रमोद कुमार, अंगद यादव, विजय कुमार ओझा, बिहारी पासवान सहित कई पंचायत प्रतिनिधि शामिल हैं।

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