गांव की सरकार चुनने को उत्साह के साथ 65.30 प्रतिशत वोटरों ने किया मतदान

बक्सर लोकतंत्र के महापर्व का उत्साह बुधवार को चौसा में आम से लेकर खास तक के चेहरे पर

JagranWed, 24 Nov 2021 08:35 PM (IST)
गांव की सरकार चुनने को उत्साह के साथ 65.30 प्रतिशत वोटरों ने किया मतदान

बक्सर : लोकतंत्र के महापर्व का उत्साह बुधवार को चौसा में आम से लेकर खास तक के चेहरे पर देखने को मिला। अपने वोट का प्रयोग करने के लिए हर वर्ग के मतदाता उत्साहित दिखे। शाम पांच बजे तक प्रखंड में 65.30 प्रतिशत औसत मतदान दर्ज किया गया। इनमें महिलाओं का योगदान ज्यादा रहा और 67.20 प्रतिशत आधी आबादी ने मतदान किया। जबकि, 63.40 प्रतिशत पुरुषों ने मतदान किया। इस दौरान अपने वोट की ताकत से पंचायत प्रतिनिधियों का चुनाव करने वाले वोटरों में गजब का उत्साह देखने को मिला।

आठवें चरण में बुधवार को प्रखंड की कुल 09 पंचायतों में प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कार्य संपन्न हुआ। प्रखंड के 110 मतदान केन्द्रों पर सुपर जोनल, जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया था। पुलिस प्रशासन की सतर्कता के आगे मतदान केंद्रों पर गड़बड़ी फैलाने वाले घरों में दुबके रहे। विभिन्न मतदान केन्द्रों पर पुलिस कप्तान, एसडीओ एवं एसडीपीओ सहित जिले के वरीय अधिकारियों ने पहुंचकर मतदान का जायजा लिया। मतदान केन्द्रों पर सुबह सात बजे से वोटरों की लंबी कतारें देखने को मिली। विभिन्न पंचायतों में मतदान केन्द्रों तक शारीरिक रूप से अस्वस्थ वोटरों को गाडियों से पहुंचाने के लिए प्रत्याशियों एवं इनके समर्थकों में तत्परता देखी गई। इस दौरान एसपी नीरज कुमार सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारियों ने मतदान केंद्रों का मुआयना किया तथा बाहर भीड़ जमा करने वाले लोगों को हड़काया कि दोबारा पकड़े जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर, इलाके में शांतिपूर्ण माहौल में चुनाव संपन्न कराने के ²ष्टिकोण से मुफस्सिल थाने में क्षेत्र की तीन पंचायतों के 70 विभिन्न पदों के प्रत्याशियों को बैठाकर रखा गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। दूसरी तरफ राजपुर थाना क्षेत्र में इस आदेश का कोई प्रभाव नहीं रहा जबकि चौसा की छह पंचायतें इसी थाना क्षेत्र में आती हैं। सबसे बड़ी बात कि इन पंचायतों के कई क्षेत्र अशांत भी हैं। बावजूद वहां चुनाव के दौरान प्रत्याशियों को क्षेत्र एवं बूथों पर घूमते हुए पाया गया जबकि, रात्रि में चुनाव से पूर्व डिहरी में हवाई फायरिग भी हुई थी। मीडिया की जानकारी के बाद दोपहर में थाना प्रभारी द्वारा इक्का-दुक्का प्रत्याशियों को बुला हाजिरी लगवाई गई।

शांति-व्यवस्था को थाने में बैठाए गए प्रभावशाली लोग

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदाता भयमुक्त वातावरण में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें, इसके लिए प्रशासन द्वारा हर माकूल इंतजाम किया गया था। मतदान केंद्रों पर इसका नजारा भी देखने को मिला, जहां मतदाता बेखौफ मतदान करते नजर आए। इसका मुख्य कारण यह रहा कि मतदान कार्य शुरू होने से पहले ही एसपी के निर्देश पर मुफस्सिल थाने में थाना क्षेत्र अंतर्तत तीन पंचायतों के 70 विभिन्न पदों के प्रत्याशी व प्रभावशाली व्यक्तियों एवं चिन्हित अभ्यर्थियों को बूथों पर शांति बहाली के उद्देश्य से हिरासत में ले लिया गया था। ताकि मतदान केन्द्रों पर किसी भी प्रकार का कोई हंगामा व विवाद नहीं हो।

घूंघट की ओट में वोट देने पहुंची महिलाएं

लोकतंत्र के इस महापर्व में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं की सहभागिता काफी अधिक रही। घूंघट की ओट में महिलाओं ने कतारबद्ध होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चौसा प्रखंड के सरेंजा मतदान केन्द्र पर वोट देकर लौट रही महिलाओं ने बताया कि हमारा वोट न सिर्फ लोकतंत्र की जड़े मजबूत करेगा। बल्कि अच्छे प्रतिनिधियों के चुनाव से ग्रामीण विकास का सपना भी साकार होगा। कुछ ऐसा ही नजारा रामपुर मध्य विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर भी देखने को मिला। इसके अलावा अन्य मतदान केंद्रों पर भी पर्दानशी महिलाओं ने जबरदस्त वोटिग की। कई बूथों पर पर्दानशी तीन पीढि़यों के साथ मतदान करने पहुंची थी।

मजबूत लोकतंत्र में आस्था रखती है 95 वर्षीय सनझरिया देवी

शारीरिक रूप से पूरी तरह अस्वस्थ हो चुकी 95 वर्षीय सनझरिया देवी जब मध्य विद्यालय कठतर स्थित मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने पहुंची तो उन्हें देख लोगों ने लोकतंत्र के प्रति उनके जज्बे को सलाम किया। स्थानीय गांव की इस महिला को उनके नाती सुनील सिंह सहारा बनकर मतदान कराने आए थे। बुजुर्ग महिला मतदाता का कहना है कि जब तक जीवित रहूंगी तब तक मजबूत लोकतंत्र के लिए मताधिकार का प्रयोग करुंगी। निसंदेह बुजुर्गो का यह जज्बा न सिर्फ लोकतंत्र की जड़े मजबूत करेगा, बल्कि युवा पीढ़ी को उनके अधिकार के प्रति जागरूक करने में मील का पत्थर साबित होगा।

चिन्हित मतदान केंद्रों पर रही पुलिस की पैनी नजर

चौसा प्रखंड में पंचायत चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने चुनौती के रूप मे लिया था। पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार सिंह पूरे दिन मतदान केन्द्रों का जायजा लेते रहे। खासकर डिहरी में फायरिग की खबर के बाद पुलिस और सतर्क हो गई। संवेदनशील-अतिसंवेदनशील मतदान केन्द्रों पर पुलिस प्रशासन की पैनी नजर रही। प्रशासन के इसी सतर्कता का परिणाम रहा कि कमजोर तबके के मतदाता भी भयमुक्त वातावरण में खुलकर अपने मताधिकार का प्रयोग किए।

हर बूथ पर कार्य करती दिखी बायोमीट्रिक सत्यापन मशीन

इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं के सत्यापन के लिए बायोमेट्रिक मशीन का प्रयोग किया गया। अब तक पिछले चुनावों में ग्रामीण इलाकों में यह मशीन कारगर नहीं हो रही थी। लेकिन, आठवें चरण में बुधवार को चौसा प्रखंड में हुए मतदान के दौरान हर बूथ पर बायोमेट्रिक सत्यापन मशीन काम करती दिखी। मतदान केंद्र पर तैनात कर्मियों ने बताया कि कई जगह कभी-कभी नेटवर्क को लेकर समस्या उत्पन्न हुई लेकिन इस बार बायोमीट्रिक मशीन के लिए प्रतिशतता को बढ़ाने का निर्देश था। इसके तहत सौ फीसद मतदाताओं का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, सौ तो नहीं परंतु 98, 99 फीसद हर सिस्टम से कार्य किया गया।

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