चार दिनों पहले से सीडीपीओ को ट्रैप करने में लगी थी निगरानी

भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) मंजू कुमारी को ट्रैप करने के लिए निगरानी की टीम करीब चार दिनों से पीछे लगी हुई थी। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत के मद्देनजर टीम नौ अगस्त को भी सत्यापन एवं जांच के लिए तरारी आई हुई थी। जिसमें घूस मांगे जाने की पुष्टि हुई थी।

JagranThu, 12 Aug 2021 10:29 PM (IST)
चार दिनों पहले से सीडीपीओ को ट्रैप करने में लगी थी निगरानी

जागरण टीम,आरा/तरारी : भोजपुर जिले के तरारी प्रखंड की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) मंजू कुमारी को ट्रैप करने के लिए निगरानी की टीम करीब चार दिनों से पीछे लगी हुई थी। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में शिकायत के मद्देनजर टीम नौ अगस्त को भी सत्यापन एवं जांच के लिए तरारी आई हुई थी। जिसमें घूस मांगे जाने की पुष्टि हुई थी। जिसके बाद रंगे हाथ ट्रैप करने की रणनीति बनाई गई। तय रणनीति के अनुसार निगरानी की टीम गुरुवार की दोपहर तरारी पहुंची। इसके बाद शिकायतकर्ता इमादपुर निवासी विकास पांडेय को सीडीपीओ से संपर्क करने के लिए बोला गया। इमादपुर निवासी आंगनबाड़ी सेविका नीलम देवी के बेटे विकास पांडेय से बात के बाद सीडीपीओ व सहायिका दोनों निगरानी के जाल में फंसती चली गईं। गुरुवार को तरारी बाल विकास परियोजना कार्यालय के आसपास जाल बिछाया गया। डील के अनुसार विकास पांडेय ने जैसे ही सिकरहटा निवासी सहायिका रीता देवी के जरिए सीडीपीओ को करीब 20 हजार रुपये रिश्वत की रकम देने पहुंचे, त्यों ही टीम ने रंगे हाथ दोनों को धर दबोचा। हालांकि, यह भी चर्चा है कि सहायिका के पास ही बैग था, जिसमें रिश्वतखोरी का नोट था। इस बीच महिला डीएसपी किरण पासवान के नेतृत्व में आई निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया। सीडीपीओ व सहायिका की निगरानी के हाथों गिरफ्तारी की खबर आग की तरह पूरे प्रखंड में फैल गई। जिसके बाद यहां आसपास के कार्यालयों में हड़कंप मच गया । सनद हो कि दो माह पहले निगरानी ने पीरो से बीईओ अभय कुमार को 80 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा था।

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2,500 रुपये प्रतिमाह की दर से मांगी गई थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार तरारी प्रखंड के इमादपुर निवासी विकास पांडेय की मां नीलम देवी आंगनबाड़ी केन्द्र इमादपुर की सेविका हैं। सेविका के बेटे विकास ने पांच अगस्त को निगरानी विभाग पटना में शिकायत दर्ज कराई थी कि बाल विकास परियोजना पदाधिकारी मंजू कुमारी द्वारा उनकी मां से आठ माह के केन्द्र पंजी पर हस्ताक्षर करने के एवज में प्रति माह 2,500 रुपये की दर से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत के आधार पर निगरानी टीम द्वारा नौ अगस्त को टीम भेजकर सत्यापन कराया गया था, जिसे सही पाया गया था। इसके बाद महिला डीएसपी किरण पासवान के नेतृत्व में धावा दल का गठन किया गया। सूत्रों के अनुसार क्रय पंजी पर सीडीपीओ का हस्ताक्षर होने के बाद ही अगले माह का पोषाहार राशि आवंटित किया जाता है। -----

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सहायिका के जरिए चल रहा था उगाही का खेल

निगरानी की टीम ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी मंजू कुमारी के साथ सिकरहटा पंचायत की सहायिका रीता देवी को भी पकड़ा है। बताया जा रहा कि बाल विकास परियोजना कार्यालय में सहायिका के जरिए ही सीडीपीओ आंगनबाड़ी केन्द्रों से उगाही का खेल चला रही थी। ऐसे में निगरानी ने सीडीपीओ के साथ सहायिका को भी गिरफ्तार कर अपने साथ पटना ले गई है। निगरानी ने सहायिका रीता देवी को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया है। चूंकि, जिस बैग से नोट मिला वह सहायिका के पास ही था।

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500 रुपये के 40 नोट के साथ पकड़ी गई सीडीपीओ व सहायिका बताया जा रहा कि इमादपुर निवासी आंगनबाड़ी सेविका के पुत्र विकास पांडेय सीडीपीओ को रिश्वत देने के लिए पांच-पांच सौ रुपये के करीब 40 नोट ले गए थे। इस दौरान रंगे हाथ रिश्वत लेने के बाद निगरानी की टीम ने नोटों से साक्ष्य एकत्रित किए। इसके बाद गिरफ्तार सीडीपीओ मंजू कुमारी व सहायिका रीता देवी को पटना लेकर रवाना हो गई।

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----- पीरो में दो माह पहले पकड़े गए थे घूसखोर बीइओ

भोजपुर जिले में घूस लेते अफसरों के पकड़े जाने की यह कोई पहली घटना नहीं है। 21 जून को भी पीरो के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) अभय कुमार को निगरानी ने 80 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा था। सूत्रों के अनुसार साल 2004-05 में निगरानी ने जगदीशपुर के बीइओ को घूस लेते पकड़ा था। इसके बाद साल 2012 के आसपास तरारी के बीइओ को घूस लेते पकड़ा गया था। गिरफ्तारी पीरो से हुई थी। ----

जानें भोजपुर में निगरानी ने हाल में कब-कब की कार्रवाई

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21 जून 2021

-भोजपुर जिले के पीरो के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) अभय कुमार को निगरानी ने 80 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा था। 28 फरवरी 2020

- शाहपुर के सरना के मुखिया संजय कुमार सिंह को सात निश्चय योजना में 63 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा गया था। - 22 मई 2019

- जगदीशपुर थाना में पदस्थापित दारोगा महेश गिरी को निगरानी ने बीस हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा था। 14 जून 2017

- पीरो के डीसीएलआर प्रभाष कुमार को निगरानी ने 20 हजार रुपये घूस लेते समाहरणालय के समीप से पकड़ा था। 2 फरवरी 2016

-नवादा थाना के जमादार बीपी सुमन को निगरानी ने 50 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा था। -26 नवंबर 2015

सदर अस्पताल के तत्कालीन उपाधीक्षक जेके सिन्हा को 60 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा था। ---

तिथिवार जानें घटनाक्रम

-05 अगस्त को आंगनबाड़ी सेविका के बेटे ने निगरानी विभाग पटना में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत दर्ज कराई।

-09 अगस्त को निगरानी विभाग पटना ने तरारी में टीम भेजकर सत्यापन कराया, जांच में सही पाया गया।

-12 अगस्त को निगरानी की टीम ने तरारी में जाल बिछाया और सीडीपीओ व सहायिका दोनों को धर दबोचा

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