कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने कहा, मामला रेयर ऑफ रेयरेस्ट

आरा। टाउन थाना के धर्मन चौक स्थित शोभा मार्केट की एक दुकान में दिनदहाड़े अंधाधुंध गोली चलाकर बैग कारोबारी इमरान खान की हत्या किए जाने में नवम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार के कोर्ट में सोमवार को सजा के बिदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक नागेश्वर दुबे व एपीपी नागेन्द्र सिंह ने बहस करते हुए कोर्ट से कहा कि यह मामला रेयर ऑफ रेयरेस्ट (जघन्य तरीका) का है। आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है

JagranTue, 15 Jun 2021 12:39 AM (IST)
कोर्ट में अभियोजन पक्ष ने कहा, मामला रेयर ऑफ रेयरेस्ट

आरा। टाउन थाना के धर्मन चौक स्थित शोभा मार्केट की एक दुकान में दिनदहाड़े अंधाधुंध गोली चलाकर बैग कारोबारी इमरान खान की हत्या किए जाने में नवम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार के कोर्ट में सोमवार को सजा के बिदु पर सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक नागेश्वर दुबे व एपीपी नागेन्द्र सिंह ने बहस करते हुए कोर्ट से कहा कि यह मामला रेयर ऑफ रेयरेस्ट (जघन्य तरीका) का है। आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। कोर्ट से सभी आरोपियों को मृत्युदंड की सजा देने का आग्रह किया। वहीं दूसरी ओर बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि रेयर ऑफ रेयरेस्ट का मामला नहीं बनता है। कम से कम सजा देने का आग्रह किया। बहस डिजिटल मोड में हो रहा था। वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से आरा जेल में सभी दोषी आरोपित उपस्थित थे। इस दौरान नवम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने करीब 12 बजे दोपहर में दोषी पाते हुए आरोपी टाउन थानान्तर्गत कसाब टोला निवासी खुर्शीद कुरैशी व भाई अब्दुल्ला कुरैशी, नजीरगंज के राजू खान, रौजा के अनवर कुरैशी, मिल्की मुहल्ला के अहमद मिया, खेताड़ी मुहल्ला के बबली मियां, तौशिफ आलम व फुरचन उर्फ फुचन मियां, रौजा के गुड्डू मियां व अबरपुल मुहल्ला शमशेर मियां को भादवि की धारा 302/34 तहत मृत्युदंड व एक - एक लाख अर्थदंड, 307/34 के तहत 10-10 वर्ष के सश्रम कैद व 50-50 हजार रुपया अर्थदंड, 387/34 के तहत सात-सात वर्ष के सश्रम कैद व 50- 50 हजार रुपया अर्थदंड, 120 बी के तहत सात-सात वर्ष के सश्रम कैद व 50- 50 हजार रुपया अर्थदण्ड व 27 आ‌र्म्स एक्ट के तहत सात -सात वर्ष के सश्रम कैद व 10 -10 हजार रुपया अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ - साथ चलेंगी। करीब ढाई साल बाद अदालत का फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल सका है।

------

इमरान की हत्या के 105 दिनों बाद दिल्ली से पकड़ा गया था इनामी खुर्शीद कुरैशी

दूध कटोरा निवासी बैग कारोबारी मो. इमरान खान की हत्या में वांटेड व इनामी खुर्शीद कुरैशी को एसटीएफ, पटना व भोजपुर पुलिस की टीम ने करीब 105 दिनों बाद दिल्ली से पकड़ा था। 22 मार्च 2019 को दिल्ली के जहांगीरपुर मेट्रो स्टेशन के पास से उसे टीम ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। पुलिस मोबाइल सर्विलांस व गुप्तचर के जरिए उस तक पहुंची थी। उस समय पुलिस ने इमरान व उसकी बहन शबनम तारा की हत्या में संलिप्तता को लेकर पूछताछ की थी। गुर्गों द्वारा इमरान व उसकी बहन की हत्या किए जाने की बात बताई थी। इसे लेकर 23 मार्च 2019 को तत्कालीन एसपी आदित्य कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस की थी। उस समय एसपी ने कहा था कि पकड़े गए अपराधी ने बेल्ट व बैग कारोबारी इमरान की हत्या करने की बात स्वीकारी है। हत्या में शामिल अपने गैंग के सदस्यों व संरक्षण देने वालों का नाम भी बताया है। उस समय अपने लोगों के बीच छोटे सरकार व डॉन के नाम से चर्चित खुर्शीद कुरैशी को सालों बाद जेल जाना पड़ा था। छह माह तक भागलपुर केन्द्रीय कारा में रहे थे तीन आरोपित

आरा: कोर्ट ने हिस्ट्रीशीटर खुर्शीद कुरैशी समेत जिन दो अन्य आरोपियों

मो.शमशेर एवं गुड्डू मियां को फांसी की सजा सुनाई है, वे पहले छह माह तक भागलपुर केन्द्रीय कारा में भी रहे थे। तीन अक्टूबर 2020 को कारा प्रशासन ने उन्हें भागलपुर केन्द्रीय कारा भेजा था। बाद में मार्च 2021 में तीनों को वापस आरा बुला लिया गया था। कोर्ट ने इस मामले में पहल की थी। नौ मार्च 2021 को कोर्ट सभी 10 आरोपियों को दोषी पाया था।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.