भोजपुर में पूरे साल चला वाहन चोरों का खेल, रोकने में पुलिस फेल

जिले में वाहन चोरी के मामले तेजी से बढ़ रहे है। सर्वाधिक बाइक चोरी की घटनाएं आरा शहरी इलाके में घट रही हैं। स्थिति यह कि पुलिस एक बाइक चोरी की गुत्थी सुलझा भी नहीं पाती कि चोर बड़ी आसानी से दूसरी और तीसरी बाइक चुराकर पुलिस को चुनौती दे डालते हैं। चोरों के बढ़ते मनोबल के आगे पुलिस बौनी नजर आ रही हैं।

JagranPublish:Thu, 31 Dec 2020 11:41 PM (IST) Updated:Thu, 31 Dec 2020 11:41 PM (IST)
भोजपुर  में पूरे साल चला वाहन चोरों का खेल, रोकने में पुलिस फेल
भोजपुर में पूरे साल चला वाहन चोरों का खेल, रोकने में पुलिस फेल

भोजपुर । जिले में वाहन चोरी के मामले तेजी से बढ़ रहे है। सर्वाधिक बाइक चोरी की घटनाएं आरा शहरी इलाके में घट रही हैं। स्थिति यह कि पुलिस एक बाइक चोरी की गुत्थी सुलझा भी नहीं पाती कि चोर बड़ी आसानी से दूसरी और तीसरी बाइक चुराकर पुलिस को चुनौती दे डालते हैं। चोरों के बढ़ते मनोबल के आगे पुलिस बौनी नजर आ रही हैं। वर्ष 2020 में भी चोर पूरे साल सक्रिय रहे। दिन के उजाले में वाहन चोरी का खेल खेलते रहे। बावजूद, पुलिस अंकुश लगाने में फेल रही। वैसे, गिरोह से जुड़े तीन दर्जन से अधिक सदस्य जरूर पकड़े गए, लेकिन, मनोबल में थोड़ा भी कमी नहीं आई। उल्टे वाहन चोरी के आंकड़ों में बढ़ोतरी जरूर दर्ज की गई है।'दैनिक जागरण'को जो आंकड़े मिले हैं, उसके अनुसार जिले में पिछले साल की अपेक्षा वाहन चोरी की घटनाओं में काफी बढ़ोतरी हुई है। साल 2020 में वाहन चोरी के करीब 629 मामले सामने आए हैं। जबकि, साल 2019 में वाहन चोरी के सिर्फ 555 मामले ही दर्ज हुए थे। यानी पिछले साल के अनुपात में करीब 74 से अधिक गाड़ियां चोरी हुई हैं। हालांकि, भोजपुर एसपी हर किशोर राय ने वाहन चोरी की घटनाओं में रोकथाम को लेकर सभी थानों को सख्त दिशा-निर्देश दे रखा है। बावजूद, वाहन चोर पुलिस को लगातार चुनौती दे रहे हैं।

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बीते साल के अक्टूबर व नवंबर महीने में सर्वाधिक वाहन चोरी

वर्ष 2020 के अक्टूबर व नवंबर महीने में सर्वाधिक वाहन चोरी की घटनाएं घटित हुई हैं। इसमें सर्वाधिक बाइक है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार बीते साल के जनवरी में 46, फरवरी में 52, मार्च महीने में 46, अप्रैल में 17, मई माह में 34, जून महीने में 45, जुलाई महीने में 52, अगस्त महीने में 60, सितंबर महीने में 56, अक्टूबर महीने में 89 नंवबर महीने में 72 तथा दिसंबर महीने में करीब 60 बाइक चोरी की घटनाएं घटित हुई हैं।

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अकेले आरा शहर से 500 से अधिक बाइक चोरी

आंकड़े बताते हैं कि जिले में अकेले आरा शहर से सर्वाधिक बाइक चोरी की घटनाएं घटित होती हैं। सुरक्षा के ख्याल से आरा शहर को दो भागों में विभक्त किया गया है। सुरक्षा की बागडोर नवादा और टाउन थाना पुलिस के कंधों पर है। साल 2019 में जिले में करीब 555 वाहन चोरी की घटनाएं घटित हुई थीं। साल 2020 में यह आंकड़ा बढ़कर 629 पहुंच गया है। इसमें करीब 500 से अधिक बाइक आरा शहर के आसपास से चोरी हुई है, जो काफी चौंकाने वाले आंकड़े हैं। अधिकांश मामले लंबित है। अगर साल 2015 व 2016 पर नजर डालें तो बाइक चोरी की घटनाओं का आंकड़ा सिर्फ 210 से 230 के आसपास ही है।

--- गैंग में 15 से 20 साल उम्र के लड़के शामिल

बाइक चुराने वाले गैंग में 15 से 20 साल उम्र के लड़के शामिल है। इनमें अधिकांश शौक पूरा करने के लिए बाइक चोरी करते है। जिस स्थान पर लोग अक्सर बाइक खड़ी करते हैं, उस स्थान की टोह लेकर पहले से बैग व पॉलीथिन लेकर खड़े रहते हैं। फिर उसे बाइक के हैंडिल में लटका देते हैं। राहगीर यह समझते है कि बाइक उन्हीं की है। इसके बाद मास्टर चाबी से लॉक खोल आसानी से बाइक चुराकर चलते बनते हैं। आरा शहर में इसी तरीके से बाइक चोरी का खुलासा सीसीटीवी कैमरे से हुआ है।

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कोर्ट-कचहरी से लेकर मॉल के ईद-गिर्द सक्रिय है गैंग

बाइक चुराने वाले गैंग के सदस्य मुख्य रूप से आरा शहर के मॉल, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों समेत कोर्ट-कचहरी के ईद-गिर्द सक्रिय हैं। चोर आसानी से हाथ की सफाई दिखाकर बाइक चुरा लेते हैं। बाद में बाइक ऑनर को केस दर्ज कराने के लिए थाने के चक्कर लगाने पड़ते है।

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साल 2020 में माहवार वाहन चोरी के आंकड़े माह आंकड़े

जनवरी 46

फरवरी 52

मार्च 46

अप्रैल 17

मई 34

जून 45

जुलाई 52

अगस्त 60

सितंबर 56

अक्टूबर 89

नवंबर 72

दिसंबर 60