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सड़क जाम के दौरान पुलिस से झड़प, भांजनी पड़ीं लाठियां

आरा/जगदीशपुर। भोजपुर के जगदीशपुर अनुमंडल अन्तर्गत दुलौर स्थित नर्सिग संस्थान में संचालित आइसोलेशन केंद्र में कुव्यवस्था को लेकर नाराज कोरोना पॅाजिटिव मरीज गुरुवार को सड़क पर उतर गए। इस दौरान आक्रोशित संक्रमितों ने आरा-मोहनियां नेशनल हाईवे को जाम कर जमकर बवाल काटा। इस दौरान जाम स्थल पर मरीजों व थानाध्यक्ष के बीच हल्की झड़प भी हुई। जाम समाप्त कराने व मरीजों को हटाने के लिए प्रशासन द्वारा मरीजों पर लाठियां भी भांजी गई। हालांकि, प्रशासन ने लाठी चार्ज की घटना से इंकार किया है। इधर, जिलाधिकारी ने कुव्यवस्था के मामले को लेकर जांच का आदेश दिया है। बताया जाता है कि करीब 30 से 40 की संख्या में पुरूष महिला कोरोना मरीज गुणवत्तापूर्ण खाना,नियमित समय पर नाश्ता व भोजन देने, केन्द्र में साफ सफाई की मांग को लेकर गुरुवार की दोपहर 12 बजे केन्द्र से निकलकर सड़क पर आ गए। मरीजों ने कहा कि बिजली कटने के बाद उन्हें अंधेरे में रखा जाता है। जबकि, अस्पताल के पास जेनरेटर की सुविधा है। मरीजों ने जगदीशपुर आरा नेशनल हाइवे- 30 को दुलौर अस्पताल के सामने सड़क को जाम कर दिया। सड़क जाम कर रहे मरीजों ने अनुमंडल अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी करने लगे।करीब दो घंटे सड़क जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। आसपास के गांवो में हडकंप भी मच गया। कोरोना मरीजों द्वारा सड़क जाम की सूचना से प्रशासन महकमे में खलबली मच गई। सड़क जाम के दौरान साफ सफाई, भोजन समय से नहीं मिलने सहित केंद्र मे अन्य कुव्यवस्था को लेकर नाराजगी जतायी। जाम स्थल पर जगदीशपुर एसडीएम अरुण कुमार,सिविल सर्जन,बीडीओ व सीओ ने मरीजों को आश्वासन देकर सड़क जाम समाप्त कराया और उन्हे आइसोलेशन केन्द्र में भेजा। जगदीशपुर एसडीएम ने कहा कि ़खाना की गुणवत्ता को लेकर अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिया गया है कि मरीजों को नियमित समय से भरपेट गुणवत्तापूर्ण भोजन दिया जाए। जगदीशपुर एसडीएम अरुण कुमार, एसडीपीओ श्याम किशोर रंजन अनुमंडलीय अस्पताल पहुंच कर जायजा लिया था । एसडीएम ने जायजा लेने के बाद  साफ सफाई सुधरवाने  नास्ता खाना का गुणवता बेहतर करने सहित सुधार हेतु कई  निर्देश दिए थे।

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सिविल सर्जन व बीडीओ को सौंपा गया व्यवस्था में सुधार का जिम्मा

जिलाधिकारी रौशन कुशवाहा ने सिविल सर्जन भोजपुर एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी जगदीशपुर को जाम स्थल पर भेजा। ताकि स्थिति का सही- सही आंकलन हो सके। जिलाधिकारी द्वारा सिविल सर्जन आरा को निर्देश दिए गया कि मरीजों की शिकायतें सुन कर उनका स्वास्थ्य , सफाई एवं भोजन की गुणवत्ता आदि में अविलंब सुधार किया जाए। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी जगदीशपुर को उन सुरक्षा कर्मियों अथवा अन्य व्यक्ति को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। जिनकी लापरवाही से संक्रमित व्यक्ति सड़क पर आ गए।

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