भोजपुर में उर्वरक की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए छापेमारी दल का गठन

खरीफ फसल में उर्वरक की उपलब्धता को किसानों के बीच सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए शुक्रवार को उप विकास आयुक्त हरि नारायण पासवान ने जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक विद्या भवन सभागार में की।

JagranFri, 18 Jun 2021 11:01 PM (IST)
भोजपुर में उर्वरक की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए छापेमारी दल का गठन

आरा: खरीफ फसल में उर्वरक की उपलब्धता को किसानों के बीच सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए शुक्रवार को उप विकास आयुक्त हरि नारायण पासवान ने जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक विद्या भवन सभागार में की। इस दौरान उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को निर्धारित सरकारी मूल्य पर हर हाल में उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके लिए आवश्यक उपाय करने का आदेश जिला कृषि पदाधिकारी मनोज कुमार को दिया। कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए नियमित रूप से छापेमारी अभियान चलाने का निर्देश जारी किया गया। इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने खरीफ 2021 में विभिन्न फसलों के आच्छादन के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि जिले में धान का आच्छादन एक लाख 15 हजार हेक्टेयर में, मक्का सात हजार हेक्टेयर में, अरहर तीन हजार चार सौ हेक्टेयर एवं मडुआ 50 हेक्टेयर में किया जाएगा। वर्तमान में भंडार में उपलब्ध उर्वरक के बारे में जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी सदस्यों को अवगत कराया। जिला कृषि पदाधिकारी ने जानकारी दी कि उर्वरक की गुणवत्ता की जांच करने एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी के आदेशानुसार छापेमारी दल का गठन किया गया है। जिनके द्वारा समय-समय पर उर्वरक दुकानों पर छापेमारी की जाती है तथा प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने कहा कि रबी फसल 2020-21 में 148 दुकानों में छापामारी की गई, जिसमें 88 में अनियमितता पाई गई। इस आलोक में आठ विक्रेताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई है और 40 विक्रेताओं की अनुज्ञप्ति रद की गई है। 223 दुकानदारों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है। इसमें 171 वैसे खुदरा उर्वरक विक्रेता थे, जिनका पीओएस लंबे समय से इन एक्टिव था। इन विक्रेताओं की अनुज्ञप्ति निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के आदेशानुसार जिले के सभी उर्वरक प्रतिष्ठानों का भौतिक सत्यापन हेतु आदेश निर्गत कर दिया गया है। इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर दुकानदारों के विरूद्ध कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण उर्वरक की उपलब्धता हेतु आवश्यक रूप से उर्वरकों का नमूना संग्रह किया जाता है और संग्रहित नमूने को जांच हेतु पटना भेज दिया जाता है। खराब गुणवत्ता वाले दोषी दुकानदारों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाती है। इस दौरान सभापति के प्रतिनिधि के द्वारा अनुरोध किया गया कि उर्वरकों के मूल्य तालिका प्रदर्शित किया जाए, ताकि किसानों को सहूलियत हो सके। संदेश विधायक के प्रतिनिधि द्वारा प्रखंडों एवं पंचायतों में कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु औचक निरीक्षण करने का अनुरोध किया गया। विधायक रामविशुन सिंह लोहिया के द्वारा बताया गया कि जिले में किसानों के द्वारा अधिक मात्रा में यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे फसल एवं भूमि दोनों को काफी क्षति पहुंचती है। इस संबंध में उनके द्वारा बैठक में उपस्थित इफको के प्रतिनिधि को निर्देश दिया गया कि वास्तविक किसानों जिनके द्वारा खेती की जाती है, उन्हें रासायनिक उर्वरकों के कम उपयोग करने हेतु प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी, सभापति के प्रतिनिधि सीडी शर्मा, संदेश विधायक के प्रतिनिधि मुकेश यादव, कृषि मंत्री के प्रतिनिधि जीतू कुमार समेत क्षेत्र प्रबंधक इफको एवं बिस्कोमान के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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