बाढ़ का खतरा: भोजपुर में खतरे के लाल निशान के करीब पहुंची गंगा

आरा। अब भोजपुर में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा और सोन नदी के जलस्तर में ऊफान आ गया है। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार जारी रही तो मंगलवार की सुबह तक बड़हरा में गंगा नदी खतरे के लाल निशान 53.08 मीटर के करीब पहुंच जाएगी और बाढ़ का पानी मैदानी इलाकों में फैलने लगेगा। गंगा नदी के जलस्तर में प्रति घंटे पांच सेंटीमीटर की रफ्तार से वृद्धि हो रही है।

JagranMon, 02 Aug 2021 11:26 PM (IST)
बाढ़ का खतरा: भोजपुर में खतरे के लाल निशान के करीब पहुंची गंगा

आरा। अब भोजपुर में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। गंगा और सोन नदी के जलस्तर में ऊफान आ गया है। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार जारी रही तो मंगलवार की सुबह तक बड़हरा में गंगा नदी खतरे के लाल निशान 53.08 मीटर के करीब पहुंच जाएगी और बाढ़ का पानी मैदानी इलाकों में फैलने लगेगा। गंगा नदी के जलस्तर में प्रति घंटे पांच सेंटीमीटर की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। सुबह में बड़हरा में गंगा नदी का जल स्तर 51.90 मीटर पर था, जबकि शाम छह बजे तक जलस्तर 52.20 मीटर पर पहुंच गया है। रविवार एक अगस्त को बड़हरा में गंगा नदी का जलस्तर 52.10 मीटर दर्ज किया गया था। इस तरह पिछले 24 घंटे में गंगा नदी के जल स्तर में एक मीटर 10 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। सोन नदी के जलस्तर में भी 24 घंटे में तीन मीटर से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है। कोईलवर में एक अगस्त रविवार को सोन नदी का जलस्तर 50.20 मीटर दर्ज किया गया था, जो सोमवार को सुबह में 53.19 मीटर पर पहुंच गया। इस तरह सोन नदी के जलस्तर में तीन मीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। कोईलवर में सोन नदी का डेंजर लेवल 55.52 मीटर है। गंगा और सोन नदी के जलस्तर में वृद्धि की रफ्तार लगातार बनी हुई है। गंगा नदी इलाहाबाद, बनारस और बक्सर में तेजी से बढ़ रही है। जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल आरा के अभियंताओं की टीम अलर्ट हो गई है और सभी स्तरों पर सुरक्षात्मक उपायों को करने में जुट गई है। वैसे तो गंगा नदी के जलस्तर में पिछले कई दिनों से धीरे-धीरे वृद्धि हो रही थी, परंतु पिछले 24 घंटे के दौरान अप्रत्याशित वृद्धि ने जिला प्रशासन से लेकर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, आरा के अभियंताओं की नींद उड़ा दी है। अभियंताओं का दल लगातार बड़हरा में कैंप कर हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

बता दें कि जिले के छह प्रखंड बाढ़ से प्रभावित होते हैं। इसमें बड़हरा, शाहपुर, कोईलवर, आरा, उदवंतनगर, बिहिया और शाहपुर प्रखंड शामिल। गंगा नदी के जलस्तर में तीव्र गति से जारी वृद्धि के कारण गंगा नदी के तटवर्ती क्षेत्रों के लोग समेत बाढ़ प्रभावित प्रखंडों के लोग संभावित बाढ़ के खतरों से सहमे हुए हैं। जिलाधिकारी ने गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि का किया निरीक्षण

गंगा नदी के जलस्तर में तीव्र गति से जारी वृद्धि को लेकर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने सोमवार को बड़हरा प्रखंड के नेकनामटोला एवं केशोपुर घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, आरा के कार्यपालक अभियंता शंभू प्रसाद समेत सभी अभियंताओं को आवश्यक दिशा- निर्देश एवं सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि विगत कुछ दिनों से झारखंड, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश एवं बिहार के दक्षिण जिलों में भारी बारिश हुई है, जिसकी वजह से जिले से होकर गुजरने वाली गंगा एवं सोन नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि विगत 24 घंटे में सोन नदी में लगभग तीन मीटर एवं गंगा नदी में एक मीटर जलस्तर में वृद्धि हुई है। अगले 24 घंटे में उक्त नदियों के जलस्तर में और वृद्धि होने की संभावना है। गंगा एवं सोन नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि से तटीय इलाकों में नदी के पानी का फैलाव बढ़ने के मद्देनजर डीएम ने बड़हरा प्रखंड अंतर्गत नेकनामटोला एवं केशोपुर घाट तथा अन्य क्षेत्रों का भ्रमण किया गया। नेकनाम टोला एवं केशोपुर घाट के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, आरा को आदेश दिया गया कि सभी अक्राम्य स्थलों पर बाढ़ से बचाव रोधी सामग्री सुनिश्चित करें तथा उसका सत्यापन भी अपने टीम से कराकर संतुष्ट हो लें। कार्यपालक अभियंता बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, आरा को आदेश दिया कि जिला अंतर्गत गंगा एवं सोन नदी के बांध पर प्रतिनियुक्त कर्मियों से समन्वय स्थापित कर लगातार फीडबैक लेते रहेंगे, ताकि कहीं पर बांध में रिसाव होने एवं टूटने की घटना हो तो, तुरंत मामले को संज्ञान में लेते हुए उसे ठीक कराया जा सके। सभी स्लुईस गेट पर विशेष निगरानी बरतने का निदेश कार्यपालक अभियंता को दिया गया, ताकि बिना अनुमति के किसी असामाजिक प्रवृत्ति के व्यक्ति द्वारा स्लुईस गेट से छेड़छाड़ न किया जा सके।कार्यपालक अभियंता को आदेश दिया गया कि बड़हरा एवं शाहपुर के तटीय क्षेत्रों में जहा पर कटाव होने की संभावना है एवं कटाव की कहीं से सूचना मिल रही है, वहां पर अविलंब विशेष निगरानी रखने हेतु निर्देश दिया। अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी बड़हरा को आदेश दिया गया कि गंगा नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि एवं नदी में पानी अधिक होने के मद्देनजर संबंधित क्षेत्र में लोगों के बीच प्रचार- प्रसार कराया जाए कि लोग नदी में स्नान न करें एवं नदी के किनारे न जाए। बाढ़ राहत से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार सभी तैयारिया पूरी करने का आदेश अंचलाधिकारी बड़हरा एवं शाहपुर को दिया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर बाढ़ राहत केन्द्रों का संचालन प्रारंभ कराया जा सके।कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को आदेश दिया गया कि बाढ़ राहत हेतु चिन्हि्त शरण स्थलों, बाढ़ राहत केन्द्रों आदि में चापाकल, शौचालय आदि की उपलब्धता के संबंध में पुन: भौतिक सत्यापन कर सभी आवश्यक तैयारिया सुनिश्चित करेंगे। अंचलाधिकारी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी बड़हरा को गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि पर सतत निगरानी रखने एवं नियंत्रण कक्ष से संपर्क कर हर दो घंटे पर अपडेट लेते रहने का आदेश दिया गया। अंचलाधिकारी बड़हरा को निर्देश दिया कि महुली घाट से खवासपुर जाने वाले नावों पर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि गंगा के जलस्तर बढ़ने से किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित न हो सके।

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