दूसरे ग्रुप का खून चढ़ाने से महिला की मौत

बी पॉजिटिव के बदले एबी पॉजिटिव ग्रुप का खून चढ़ा देने से बिहपुर के भ्रमरपुर की महिला सोनी ठाकुर की मौत हो गई।

JagranMon, 14 Jun 2021 02:16 AM (IST)
दूसरे ग्रुप का खून चढ़ाने से महिला की मौत

भागलपुर। बी पॉजिटिव के बदले एबी पॉजिटिव ग्रुप का खून चढ़ा देने से बिहपुर के भ्रमरपुर की 28 साल की सोनी ठाकुर की मौत हो गई। पति अभिनंदन ठाकुर के इस आरोप से चिकित्सा जगत में सनसनी फैल गई है। वे आरोपित चिकित्सक और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं।

अभिनंदन ने बताया कि जीरो माइल स्थित मेडिलाइफ ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टर की गड़बड़ी की वजह से पत्‍‌नी की मौत हुई है। जबकि अस्पताल के निदेशक डॉ. जितेंद्र कुमार ने आरोप को गलत बताया है। कहा कि अगर दूसरे ग्रुप का ब्लड चढ़ाया गया होता तो महिला चार दिनों तक जिदा नहीं रहती। उसकी मौत पीएमसीएच में हुई है।

प्रसव पीड़ा के बाद किया गया था अस्पताल में भर्ती

सोनी को प्रसव पीड़ा होने पर उसे 31 मई को नारायणपुर स्थित मदर्स हेल्थकेयर में भर्ती कराया गया। सिजेरियन कर बच्ची का जन्म हुआ। पति अभिनंदन ने बताया कि सोनी को तीन यूनिट बी पॉजिटिव खून चढ़ाया गया। स्थिति खराब होने पर 31 मई की रात करीब नौ बजे उसे मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया गया। पर वह जेएलएनएमसीएच नहीं जाकर मेडिलाइफ ट्रॉमा सेंटर चले गए। वहां भी चार घंटे तक सोनी का ऑपरेशन किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के चिकित्सक डॉ. जीतेंद्र कुमार ने एबी पॉजिटिव खून लाने की बात कही। डॉक्टर द्वारा दिए गए खून जांच रिपोर्ट, सैंपल व खून देने के लिए आग्रह पत्र लेकर मायागंज अस्पताल के ब्लड बैंक गया। एक जून को तीन यूनिट एबी पॉजिटिव व दो जून को एक और यूनिट खून लाकर दिया। चार यूनिट खून चढ़ाने के बाद सोनी को आइसीयू में भर्ती किया गया। सात जून की दोपहर तक किसी को न तो सोनी से मिलने दिया गया और न ही उसकी सेहत के बारे में कुछ बताया गया। उसी दिन शाम को चार बजे मेडिलाइफ अस्पताल से सोनी को पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। जहां आठ जून की रात करीब एक बजे उसे डॉ. आरडी सिंह की यूनिट में भर्ती किया गया। दस जून को करीब 11.30 बजे उसकी मौत हो गई।

पति ने बताया कि पीएमसीएच में जब पत्नी के खून की जांच कराई गई तो वह बी पॉजिटिव निकला था। ऐसे में मेडिलाइफ अस्पताल प्रबंधन ने एबी पॉजिटिव खून चढ़ाकर उनकी पत्नी की जान ले ली।

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कोट :

खून के ग्रुप की जांच करवाई तो ए बी पॉजिटिव निकला। खून का सैंपल भी सोनी के पति को दिया, ताकि मायागंज अस्पताल के ब्लड बैंक में दे आएं। अगर गलत गु्रप का खून चढ़ाया गया होता मरीज को तुरंत रिएक्शन होता। वह पटना नहीं जा पाती। चार यूनिट खून चढ़ाया गया है। नारायणपुर में ऑपरेशन के बाद जब मेरे अस्पताल में मरीज को लाया गया तो काफी खून बह चुका था। इसलिए खून चढ़ाना पड़ा। मरीज की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी।

- डॉ. जितेंद कुमार, निदेशक, मेडी लाइफ ट्रामा सेंटर कोट :

ब्लड बैंक से जिन्हें भी खून दिया जाता है उनके स्वजन द्वारा दिए गए सैंपल को सुरक्षित रख लिया जाता है।

- डॉ. रेखा झा, प्रभारी, ब्लड बैंक, मायागंज अस्पताल।

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