जब भागलपुर में दूध के टैंकर से निकलने लगा तेजाब, 2016 का यह मामला अचानक आज फ‍िर आ गया चर्चा में

दुग्ध टैंकर हादसे में कहलगांव (भागलपुर) में हुई मौत की जांच को पहुंची सीआइडी की टीम। तीन नवंबर 2016 को शारदा पाठशाला के समीप दुग्ध टैंकर के पीछे बांध कर रखे तेजाब से भरे 20 लीटर के जार के गिरने से चार लोग झुलस गए थे। एक की मौत हुई।

Dilip Kumar ShuklaThu, 25 Nov 2021 08:28 PM (IST)
भागलपुर पहुंची सीआइडी की टीम। मामले की करेगी जांच।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। जिले के कहलगांव थाना क्षेत्र स्थित शारदा पाठशाला के समीप तीन नवंबर 2016 की शाम दुग्ध टैंकर के पीछे बांध कर रखे तेजाब से भरे 20 लीटर के जार के गिरने से एक ही परिवार के चार सदस्यों के झुलस जाने और उसी परिवार के एक सदस्य मनोहर ठाकुर की मौत की जांच अपराध अनुसंधान विभाग की टीम करेगी। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में मृत मनोहर ठाकुर के पुत्र कामनी कांत ठाकुर ने एक शिकायत दर्ज कराते हुए तेजाब से झुलसे पिता की काफी दिन बाद मौत हो गई थी।

पुत्र ने तेजाब से झुलसने को ही पिता की मृत्यु का कारण बता मामले में न्याय की गुहार लगाई थी। आयोग ने मामले में संज्ञान लेते हुए सरकार को मामले में त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। उक्त निर्देश बाद घटना की जांच का जिम्मा सीआइडी को दे दिया गया है। सीआइडी की टीम में राजेश कुमार, केएन सिंह समेत चार पुलिस पदाधिकारी गुरुवार को भागलपुर पहुंच गए हैं। शुक्रवार की सुबह एसपी तौहिद परवेज भी भागलपुर पहुंच जाएंगे फिर टीम कहलगांव में हुई उस घटना की हकीकत जांचेगी।

कहलगांव अनुमंडलीय न्यायालय से एनएच-80 पर जाते समय हुई थी घटना

घोघा बाजार निवासी 26 वर्षीय कामनी कांत ठाकुर अपने पिता मनोहर ठाकुर, पत्नी रेखा देवी और माता चिंतामणि देवी के साथ तीन नवंबर 2016 की शाम तीन बजे अनुमंडलीय न्यायालय से निकलकर एनएच-80 होते हुए शारदा पाठशाला तक पहुंचे थे। तभी सुधा कंपनी का दुग्ध टैंकर भागलपुर से पीरपैंती की ओर जा रही थी। दुग्ध टैंकर संख्या बीआर10जी-8917 के पीछे बंधे तेजाब से भरे 20 लीटर के जार के अचानक सड़क पर गिर जाने से उसमें रखा तेजाब सड़क पर बिखर गया। उसकी चपेट में ठाकुर परिवार के चारों सदस्य झुलस गए थे।

उन्हें उपचार के लिए स्थानीय लोग अनुमंडल अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया जहां से बेहतर उपचार के लिए उन्हें जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2016 में हुए हादसे के तीन साल बाद कहलगांव थाने में घटना की बाबत केस दर्ज कराया गया था। इधर काफी दिनों बाद झुलस कर जख्मी हुए चारों लोगों में वादी कामनी कांत ठाकुर के पिता की मौत हो गई थी। जिसको लेकर वादी कामनी कांत ठाकुर ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उक्त शिकायत पत्र पर संज्ञान ले लिया। उसके बाद मामले में सीआइडी की भारी-भरकम टीम पटना से भागलपुर पहुंच गई है।

दर्ज केस में वादी के पिता की तेजाब से झुलसने से मौत का जिक्र नहीं

23 जुलाई 2019 को कहलगांव थाने में दर्ज कराए गए केस में हादसे को लेकर चार सदस्यों के झुलसने को लेकर ही तफ्तीश जारी रही। मामले मेें दुग्ध टैंकर के आरोपित चालक बांका के आनंदपुर राजावर निवासी संजय कुमार पासवान को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज उसके विरुद्ध् 31 अगस्त 2021 को आरोप पत्र भी मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल कर चुकी है।

केस दर्ज होने से अबतक तफ्तीश का पहले जिम्मा विश्वजीत दयाल के पास था जो तफ्तीश को बढ़ा नहीं सके। बाद में सहायक अवर निरीक्षक पुरुषोत्तम झा ने केस को मुकाम तक पहुंचाया। तफ्तीश के क्रम में वादी के पिता की मौत को लेकर जांच करने वाले पुलिस पदाधिकारी ने माना कि वादी के पिता की मौत झुलसने से नहीं हुई थी इसलिए केस में मनोहर ठाकुर की मौत को सम्मिलित नहीं किया।

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