उड़ता सीमांचल! शहर की रगोंं में बसता जा रहा नशा, स्‍मैक के धुएं में घुट रही जवानी

उड़ता पंजाब की राह पर ही सीमांचल भी चल चुका है। यहां पर खास कर पूर्णिया शहर की रगों में नशा बसता जा रहा है। इसकी चपेट में युवा तेजी से आ रहे हैं। स्‍मैक के धुएं में जवानी घुट रही है। लेकिन..!

Abhishek KumarFri, 17 Sep 2021 03:37 PM (IST)
उड़ता पंजाब की राह पर ही सीमांचल भी चल चुका है।

पूर्णिया [राजीव कुमार]। स्मैक के धुएं में हाल के दिनों में पूर्णिया उड़ता पूर्णिया एवं मरता पूर्णिया दिख रहा है। 48 घंटे में स्मैक के कारण दो लोगों की हत्या एवं एक को स्मैक नहीं मिलने के कारण आत्महत्या की घटना ने आम जनमानस के साथ- साथ पुलिस प्रशासन को भी झकझोर कर रख दिया है। इसके पूर्व स्मैक के लिए सैकड़ों की संख्या में चोरी एवं छिनतई की घटना सामने आ चुकी है ।

लेकिन जब स्मैक के नशे में युवक एक दूसरे को मरने मारने पर उतारू हो गए तो पुलिस भी हरकत में आ गयी है। सहायक खजांची हाट के बाड़ीबाट में युवक सन्नी की हत्या के घटना के बाद आक्रोशित लोगों को भरोसा दिलाते हुए एसपी दयाशंकर ने आश्वासन दिया था की स्मैक को पूरे नेटवर्क के ध्वस्त करने के लिए 15 दिनों के अंदर पुलिस कारगर कदम उठाएगी।

इसके बाद एसपी के निर्देश पर टेकनीकिल सेल की टीम ने शहरी क्षेत्र के सदर थाना. मधुबनी टीओपी, के हाट थाना. मंरगा थाना, केनगर थाना, कसबा थाना एवं मुफ्फिसल थाना क्षेत्र के 35 स्थानों की पहचान की है जहां हर दिन स्मैक पीने वालों का जमावड़ा लगता है। इन ठिकानों पर शुक्रवार से पुलिस टीम द्वारा लगातार छापामारी की जाएगी और इसके लिए एसपी की देखरेख में एक दर्जन विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया है। इस विशेष टीम टेकनीकिल सेल द्वारा जुटाई गयी सूचनाओं के आधार पर गर दिन छापामारी करेगी और एसपी खुद इसकी हर दिन समीक्षा करेंगे।

स्मैक पीने वाले युवकों को पकड़कर उनके परिजनों को सौंपेगी पुलिस

पूर्णिया में स्मैक पीने वाले युवकों को पकडऩे के बाद पुलिस उन्हें उनके परिजनों को सौंपेगी ताकि वे अपने बच्चे के स्मैक के नशे के चक्कर में जान सकें और उन्हें समझा बुझाकर नशे के चंगुल से मुक्त करा सके। इसके अलावा जो अभिभावक अपने बच्चों को स्मैक का नशा छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केन्द्र में दाखिल करना चाहेंगे पुलिस उनकी भी मदद करेगी।

स्मैक मामले में पुलिस के समक्ष सबसे बड़ी समस्या यह है की स्मैक पीने वालों को जेल भेजने के लिए पुलिस के पास कोई रिपोर्ट नहीं होती है। शराब की तरह स्मैक के जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। इस कारण साक्ष्य के अभाव में पुलिस स्मैक पीने वालों को जेल नहीं भेज पाती है।

पूर्णिया में स्मैक की तस्करी करने वाले 18 तस्करों की भी पुलिस ने की पहचान

पूर्णिया जिले में सक्रिय 18 स्मैक तस्करों की भी पुलिस ने पहचान की है। ये तस्कर पूर्णिया के कई थाना क्षेत्रों में स्मैक का कारोबार संचालित कर रहे हैं। इनमें डीएवी स्कूल रोड एवं सुदीन चौक सहित कई इलाकों में स्मैक के बड़े तस्कर सक्रिय है। पूर्णिया में स्मैक की बिक्री का आलम यह है की शहर के किसी भी चौक चौराहे पर या फिर सुनसान स्थान पर स्मैक पीने वालों की भीड़ लगी रहती है। पूर्णिया में स्मैक के कारण पिछले छह माह में 348 मामले थानों में दर्ज किए गए। छह माह में पुलिस ने स्मैक की कई बड़ी एवं छोटी कुल 20 खेप पकड़ी तथा स्मैक तस्करी के आरोप में 27 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजने में सफलता पायी।

स्मैक बेचने वाले तस्करों एवं पीने वाले युवकों को पकडऩे के लिए पूर्णिया पुलिस द्वारा एक विशेष अभियान शुरू किया गया है, इसके लिए 35 वैसे स्थानों की पहचान की गयी है जहां स्मैक पीने वाले युवकों का हर दिन जमघट लगता है। -दयाशंकर एसपी पूर्णिया

 

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