भागलपुर में बालू के अवैध उत्खनन की रंजिश में दो की गोली मारकर हत्या, तनाव

हत्‍या के बाद घटनास्‍थल पर मौजूद लोग।

भागलपुर के शाहकुंड क्षेत्र के दीनदयालपुर गांव में सोमवार की देर रात मारी गई गोली। स्थानीय पुलिस और खनन विभाग के पदाधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में। बालू उठाव को लेकर विवाद में यह हत्‍या हुई। मृतक युवक बांका का रहने वाला है।

Dilip Kumar ShuklaTue, 20 Apr 2021 01:14 PM (IST)

जागरण संवाददाता, भागलपुर। शाहकुंड थाना क्षेत्र के दीनदयालपुर गांव में बालू के अवैध उत्खनन को लेकर दो गुटों की रंजिश में सोमवार की देर रात दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मारे गए रूपेश यादव और अजय मंडल की पहचान बालू के अवैध उत्खनन करने वालों के रूप में हुई है। रूपेश और उसका सहयोगी अजय बांका जिले के शंभूगंज थाना क्षेत्र के कुंथा गांव रहने वाला था। हत्या को लेकर कुंथा और दीनदयालपुर गांव के बीच तनााव कायम हो गया है। पुलिस स्थित पर नजर रख रही है। हत्या की सूचना पर शाहकुंड पुलिस शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना को लेकर रूपेश के स्वजन सकलदेव यादव और अरविंद यादव को नामजद किया है। उधर रूपेश और राहुल के समर्थक बदमाश हथियारों से लैस  होकर दीनदयालपुर के सकलदेव यादव और अरविंद यादव की तलाश में सोमवार की देर रात ही घटना की जानकारी पर कामतपुर बहियार पहुंच गए। वहां उनके नहीं मिलने पर गुस्से में 20-25 चक्र गोलियां दाग हत्या में शामिल किसी को भी नहीं छोड़ेंगे। वारदात को लेकर इलाके के लोग सहमें हुए हैं। एसएसपी निताशा गुड़िया ने हत्या बाद इलाके की स्थिति की जानकारी पुलिस पदाधिकारियों से ली और पुलिस चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया है। हत्या में शामिल अपराधियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने और बालू के अवैध उत्खनन वाले इलाके में छापेमारी को अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

जमीन से बालू निकालने को लेकर रूपेश और सकलदेव में थी तनातनी

बालू के अवैध धंधे में गहरी पैठ जमाए रूपेश यादव का सकलदेव यादव के साथ करार था कि उसकी चिह्नित जमीन पर ही बालू का अवैध उत्खनन करे। स्वजनों ने पुलिस को जानकारी दी है कि सकलदेव और अरविंद के खेत से रूपेश अपने सहयोगी अजय मंडल की मदद से मजदूर और जेसीबी लगाकर बालू उत्खनन करता था। उत्खनन और बालू उठाव का काम अमूमन रात में ही किया जा रहा था। इस दौरान रूपेश और उसके लोग मौका देख दूसरी जमीनों से भी बालू निकाल लेते थे। नदी के नजदीकी इलाके की जमीनों में दबी बालू जिसे स्थानीय भाषा में कचबालू कहा जाता है उसका उत्खनन बड़े पैमाने पर कर रहे थे। कहा जा रहा है कि रात में गुर्गे भी हथियारबंद हुआ करते थे। बालू उत्खनन को लेकर होने वाले इस धोखाधड़ी की जानकारी पर सकलदेव और अरविंद ने अपना कमीशन बढ़ाने का दवाब दिया। जिसके बाद रूपेश और उसके लोगों से सकलदेव और अरविंद के लोगों के बीच तनाव कायम हो गया था। एक-दूसरे को देख लेने की धमकी देने के बीच सोमवार की रात बालू उत्खनन का काम रोके जाने की जानकारी पर पहुंचे रूपेश और अजय को सकलदेव और अरविंद गुट ने घात लगा गोलियों से भून दिया। रूपेश को चार गोलियां लगी जबकि उसके सहयोगी अजय को एक गोली लगी जिससे दोनो की मौके पर मौत हो गई। शाहकुंड थानाध्यक्ष विश्वबंधु कुमार पुलिस बल के साथ स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

खनन विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

दो हत्या और उसके बाद इलाके में तनाव के बीच स्थानीय ग्रामीणों ने बालू के अवैध उत्खनन को लेकर खनन विभाग और स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोज सौ से अधिक ट्रैक्टर, 50 से अधिक ट्रकों में बालू लोड कर दिन के उजाले में भी ले जाया  जाता है। यह सब खनन विभाग और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत के बगैर संभव नहीं हो सकता। दो दिन पूर्व बालू के अवैध उत्खनन में दो मजदूरों की मौत धसान में दबने के कारण हुई। पुलिस और खनन विभाग के अधिकारी तब भी नहीं चेते कि इलाके में खुलेआम बालू का अवैध उत्खनन किया जा रहा है। हांलांकि एसएसपी निताशा गुड़िया ने कहा है कि बालू के अवैध उत्खनन मामले की जांच कराई जा रही है। दोषियों पर शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

 

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